बाजार में आजकल ड्रैगन फ्रूट की मांग काफी बढ़ चुकी है और लोग इसे अपनी डाइट का अहम हिस्सा बना रहे हैं। यह फल मुख्य रूप से दो प्रमुख किस्मों लाल और सफेद गूदे के साथ उपलब्ध होता है। ऊपर से देखने पर दोनों एक जैसे नजर आ सकते हैं, लेकिन इनके भीतर का रंग और पोषक तत्वों का स्तर अलग होता है। ऐसे में यह सवाल आम है कि सेहत के लिहाज से इनमें से कौन सा विकल्प सबसे बेहतर माना जाता है।
समानताएं और बनावट में अंतर
लाल और सफेद ड्रैगन फ्रूट दोनों एक ही परिवार से ताल्लुक रखते हैं और दोनों में पानी, फाइबर तथा कई जरूरी पोषक तत्वों की प्रचुर मात्रा पाई जाती है। सफेद ड्रैगन फ्रूट का अंदरूनी हिस्सा सफेद और उसमें छोटे काले बीज होते हैं। दूसरी ओर, लाल ड्रैगन फ्रूट का गूदा गुलाबी से लेकर गहरे लाल रंग तक का हो सकता है। इस लाल रंग के पीछे बीटालेन नाम का प्राकृतिक पिगमेंट जिम्मेदार होता है, जो इसे सुंदर रंग देने के साथ-साथ एंटीऑक्सीडेंट गुणों से भी समृद्ध बनाता है।
लाल ड्रैगन फ्रूट के गुण
लाल गूदे वाले ड्रैगन फ्रूट में बीटालेन जैसे शक्तिशाली एंटीऑक्सीडेंट पिगमेंट मौजूद होते हैं। ये एंटीऑक्सीडेंट शरीर को ऑक्सीडेटिव स्ट्रेस के हानिकारक प्रभावों से बचाने में मदद करते हैं। इसके अलावा इसमें जिंक भी पाया जाता है, जो पाचन स्वास्थ्य को बेहतर बनाने में सहायक हो सकता है। हालांकि, केवल रंग के आधार पर यह फैसला करना सही नहीं होगा कि यह हर लिहाज से सफेद ड्रैगन फ्रूट से बेहतर है।
सफेद ड्रैगन फ्रूट की खासियत
सफेद ड्रैगन फ्रूट के भी अपने अनूठे स्वास्थ्य लाभ हैं। इसमें मौजूद उच्च फाइबर लंबे समय तक पेट भरा होने का अहसास कराता है और पाचन क्रिया को दुरुस्त रखता है। इसमें विभिन्न प्रकार के विटामिन और मिनरल्स भी होते हैं। लाल वैरायटी की तुलना में इसका स्वाद आमतौर पर हल्का और कम मीठा होता है, जो कई लोगों को ज्यादा पसंद आता है।
कौन सा विकल्प है बेहतर
अगर यह सवाल किया जाए कि दोनों में से कौन सा विकल्प बेहतर है, तो इसका कोई एक निश्चित उत्तर नहीं है। दोनों ही फल बेहद पौष्टिक हैं और इन्हें रोजाना की डाइट में शामिल किया जा सकता है। हालांकि लाल ड्रैगन फ्रूट में एंटीऑक्सीडेंट पिगमेंट अधिक होने की वजह से कुछ अतिरिक्त पोषण मिल सकता है, लेकिन इसका मतलब यह बिल्कुल नहीं है कि सफेद ड्रैगन फ्रूट किसी भी तरह से कम फायदेमंद है।
खाने का सही तरीका
ड्रैगन फ्रूट का पूरा फायदा उठाने का सबसे आसान तरीका इसे ताजा खाना है। इसे आसानी से फ्रूट बाउल में काटा जा सकता है या फिर स्मूदी में भी मिलाया जा सकता है। किसी भी अन्य फल की तरह, इसे भी अत्यधिक मात्रा में खाने के बजाय संतुलित और सीमित मात्रा में खाना ही सबसे अच्छा माना जाता है।



















