पांच केंद्रों पर दोपहर से संध्या तक चली परीक्षा
सागर जिले में रविवार को NEET-UG 2026 की परीक्षा एक साथ पांच केंद्रों पर शुरू हुई। दोपहर 2 बजे से शाम 5:15 बजे तक चली इस परीक्षा के दौरान प्रशासन और NTA ने मिलकर दो-स्तरीय सुरक्षा तंत्र तैयार किया था। पुलिस बल, होमगार्ड और एक विशेष सुरक्षा एजेंसी की संयुक्त निगरानी में पूरी परीक्षा प्रक्रिया चलाई गई।
पांच मिनट की चूक और दो सपने टूटे
शासकीय कन्या स्वशासी पीजी कॉलेज में बने परीक्षा केंद्र पर परीक्षा शुरू होने से पहले ही एक दुखद नजारा देखने को मिला। पिपरिया नरयावली से आए दो अभ्यर्थी देवेंद्र सिंह कुशवाह और कपिल वर्मा निर्धारित समय से करीब पांच मिनट की देरी से पहुंचे। इतनी सी देरी उनके लिए भारी पड़ गई और केंद्र का दरवाजा उनके लिए बंद कर दिया गया।
दोनों ने बाहर मौजूद अधिकारियों के सामने मिन्नतें कीं और बीच में ही निरीक्षण के लिए पहुंची कलेक्टर से भी अनुमति देने की विनती की। लेकिन कलेक्टर ने साफ कर दिया कि NTA के नियमों में देरी के लिए किसी तरह की कोई रियायत का प्रावधान नहीं है। मायूस होकर दोनों अभ्यर्थी वहां से वापस लौट गए।
कलेक्टर ने खुद लिया सभी केंद्रों का जायजा
कलेक्टर ने शहर के सभी पांच परीक्षा केंद्रों का व्यक्तिगत दौरा कर हर जगह की व्यवस्था को परखा। उन्होंने सीसीटीवी कैमरों की निगरानी प्रणाली, सुरक्षा घेरा, पेयजल की उपलब्धता, बिजली का बैकअप इंतजाम और अभिभावकों के लिए की गई सुविधाओं का बारीकी से अवलोकन किया। अधिकारियों को यह सुनिश्चित करने के स्पष्ट निर्देश दिए गए कि परीक्षा पूरी तरह शांतिपूर्ण और पारदर्शी ढंग से पूरी हो।
महिला अभ्यर्थियों और मौसम का भी रखा गया पूरा ध्यान
परीक्षा केंद्रों पर महिला परीक्षार्थियों की जांच के लिए पर्याप्त संख्या में महिला पुलिसकर्मी और महिला होमगार्ड की ड्यूटी लगाई गई थी। गर्म मौसम को देखते हुए केंद्रों के बाहर वॉटरप्रूफ टेंट लगाए गए और पेयजल, ग्लूकोज तथा ORS की उपलब्धता सुनिश्चित की गई। किसी भी आपात स्थिति से तुरंत निपटने के लिए कंट्रोल रूम में एंबुलेंस, डॉक्टर और पैरामेडिकल स्टाफ को अलर्ट पर रखा गया था।
बिना किसी बड़े व्यवधान के संपन्न हुई परीक्षा
दो अभ्यर्थियों के देरी से पहुंचने की घटना को छोड़कर सागर में NEET-UG 2026 परीक्षा पूरी तरह शांतिपूर्ण माहौल में संपन्न हुई। प्रशासन की मुस्तैदी और चाक-चौबंद सुरक्षा व्यवस्था ने परीक्षा को बिना किसी व्यवधान के निर्विघ्न पूरा कराने में अहम भूमिका निभाई।













