भारतीय फिल्म जगत के अत्यंत प्रतिष्ठित कलाकार अनंत नाग को देश के सर्वोच्च सिनेमाई सम्मान दादा साहब फाल्के पुरस्कार 2024 के लिए चुना गया है। फिल्म उद्योग में उनके उत्कृष्ट एवं लंबे सफर को सराहते हुए इस सम्मान की घोषणा की गई है। आगामी 22 सितंबर को गुजरात के केवड़िया स्थित भव्य मंच पर 72वें राष्ट्रीय फिल्म पुरस्कार समारोह का आयोजन तय है, जहां इस बहुचर्चित अभिनेता को औपचारिक रूप से सम्मानित किया जाएगा। उनके इस बड़े गौरव पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने भी सार्वजनिक तौर पर अपनी शुभकामनाएं व्यक्त की हैं।
प्रधानमंत्री की ओर से मिली सराहना
इस ऐतिहासिक घोषणा के उपरांत प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने सोशल मीडिया मंच एक्स पर अभिनेता के प्रति हार्दिक उद्गार साझा किए। उन्होंने अनंत नाग के दशकों लंबे योगदान, सहज अभिनय क्षमता तथा विविध किरदारों में जान फूंकने की प्रतिभा की प्रशंसा की। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने एक्स पर लिखा,
‘यह वास्तव में एक बेहतरीन कलाकार के लिए बहुत ही योग्य सम्मान है.’उन्होंने रेखांकित किया कि किस तरह इस वयोवृद्ध अभिनेता के सशक्त प्रदर्शन ने पूरे भारतीय सिनेमा, विशेषकर कन्नड़ फिल्म उद्योग पर एक अमिट प्रभाव छोड़ा है। हर किरदार में सच्चाई और गहराई भरने की उनकी खूबी ने दर्शकों को लंबे समय तक मंत्रमुग्ध रखा है।
नागरिक सम्मान और सिनेमाई प्रतिष्ठा
भारतीय सिनेमा के उत्थान एवं विकास में जीवन समर्पित करने वाले व्यक्तित्वों को प्रदान किया जाने वाला दादा साहब फाल्के पुरस्कार देश का शीर्षतम कलात्मक गौरव माना जाता है। 4 सितंबर 1948 को जन्मे अनंत नाग को इससे पहले 2025 में भारत सरकार द्वारा देश के तीसरे सबसे बड़े नागरिक सम्मान पद्म भूषण से भी विभूषित किया जा चुका है। कन्नड़ सिनेमा की एक प्रमुख आधारशिला होने के साथ-साथ उन्होंने मुख्यधारा की अखिल भारतीय फिल्मों में भी अमिट छाप छोड़ी है। आधुनिक दौर की ब्लॉकबस्टर फिल्म केजीएफ में उनका निभाया गया किरदार भी दर्शकों की स्मृतियों में ताजा है।
300 से अधिक फिल्में और बहुभाषी सफर
अनंत नाग का कलात्मक क्षितिज अत्यंत विस्तृत रहा है, जिसमें उन्होंने 300 से अधिक फीचर फिल्मों में काम किया है। उनके विशाल फिल्म सफर में कन्नड़ भाषा की 250 से ज्यादा फिल्में शामिल हैं, जो क्षेत्रीय सिनेमा में उनके गहरे जुड़ाव को प्रमाणित करती हैं। इसके अतिरिक्त उन्होंने हिंदी, तेलुगु, तमिल, मराठी, मलयालम और यहां तक कि अंग्रेजी भाषा की कृतियों में भी अपने हुनर का लोहा मनवाया है। बड़े पर्दे से इतर छोटे पर्दे पर भी उनका काम अविस्मरणीय रहा है, जहां वे प्रसिद्ध लेखक आरके नारायण की अमर कृतियों पर आधारित दूरदर्शन के ऐतिहासिक धारावाहिक मालगुडी डेज में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते दिखे थे। अपने इस गौरवशाली करियर के दौरान उन्होंने पांच बार कर्नाटक स्टेट फिल्म अवॉर्ड जीतने का दुर्लभ कीर्तिमान भी स्थापित किया है।


















