नवरात्रि के पावन दिनों में भक्तिमय धुनों और गरबा उत्सव की गूंज चारों तरफ सुनाई दे रही है। इस माहौल में वर्ष 1994 की चर्चित फिल्म क्रांतिवीर का एक खास भक्ति गीत आज 32 साल का लंबा अरसा बीत जाने पर भी उतना ही लोकप्रिय बना हुआ है। गरबा और दांडिया पंडालों में इस ट्रैक की धुन आज भी श्रद्धालुओं और उत्सव प्रेमियों को थिरकने पर मजबूर कर देती है।
क्रांतिवीर के इस भक्ति गीत की खास बातें
यह लोकप्रिय प्रस्तुति कोई और नहीं बल्कि 'जय अम्बे जगदम्बे मां' है, जिसे फिल्म में बेहद सलीके से पेश किया गया था। पर्दे पर नाना पाटेकर और डिंपल कपाड़िया के प्रभावी किरदारों के साथ नवरात्रि, गरबा और दांडिया के खूबसूरत दृश्य इस गाने को आज भी जीवंत बनाए रखते हैं। इस बड़े पर्दे की कहानी में अतुल अग्निहोत्री, ममता कुलकर्णी और परेश रावल जैसे मंझे हुए कलाकारों ने भी महत्वपूर्ण भूमिकाएं निभाई थीं।
संगीत और गायकी का शानदार संगम
इस अमर भक्ति रचना के बोल प्रख्यात गीतकार समीर की कलम से निकले थे, जबकि इसकी ऊर्जावान धुन को संगीतकार जोड़ी आनंद मिलिंद ने तैयार किया था। इस गीत को अपनी असरदार आवाजों से सजाने में गायक प्रफ्फुल दवे, सपना अवस्थी और सुदेश भोसले का मुख्य योगदान रहा। संगीत और शब्दों का यह तालमेल आज भी पारंपरिक गरबा नाइट्स की शान बना हुआ है।


















