अंतरराष्ट्रीय मुद्रा बाजार में अमेरिकी डॉलर इंडेक्स (DXY) ने 102.00 के महत्वपूर्ण स्तर को पार करते हुए कई महीनों के नए उच्च स्तर को छू लिया है। इसके साथ ही डॉलर ने लगातार तीसरे सप्ताह अपनी बढ़त का सिलसिला बनाए रखा है। मुद्रा बाजारों में कारोबारी अब आने वाले कारोबारी सप्ताह के आर्थिक कैलेंडर की तरफ देख रहे हैं, जिसमें केंद्रीय बैंकों की नीतियों से जुड़े संकेत, श्रम बाजार के आंकड़े और विभिन्न प्रमुख अर्थव्यवस्थाओं के परचेजिंग मैनेजर्स इंडेक्स शामिल हैं। इस बीच अन्य प्रमुख मुद्राओं, कीमती धातुओं और डिजिटल परिसंपत्तियों में मिला-जुला रुख देखने को मिल रहा है।
अमेरिकी आर्थिक आंकड़ों और फेड अधिकारियों के संबोधनों की रूपरेखा
अमेरिकी अर्थव्यवस्था से जुड़े महत्वपूर्ण आंकड़ों की शुरुआत डलास फेड मैन्युफैक्चरिंग इंडेक्स से होगी जो 28 सितंबर को निर्धारित है। इसके बाद 5 अक्टूबर को फाइनल एसएंडपी ग्लोबल सर्विसेज पीएमआई और आईएसएम सर्विसेज पीएमआई के आंकड़े सामने आएंगे। अगले दिन यानी 6 अक्टूबर को साप्ताहिक एडीपी एम्प्लॉयमेंट चेंज, ट्रेड बैलेंस के परिणाम, आरसीएम/टीआईपीपी इकोनॉमिक ऑप्टिमिज्म इंडेक्स और अमेरिकी कच्चे तेल के भंडार पर एपीआई की साप्ताहिक रिपोर्ट जारी की जाएगी।
सप्ताह के मध्य में 7 अक्टूबर को नियमित एमबीए मॉर्गेज एप्लीकेशंस के साथ-साथ न्यूयॉर्क फेड का कंज्यूमर इन्फ्लेशन एक्सपेक्टेशंस डेटा और एफओएमसी मिनट्स जारी किए जाएंगे। इसके बाद 8 अक्टूबर को सामान्य साप्ताहिक इनिशियल जॉबलेस क्लेम्स और होलसेल इन्वेंट्रीज का विवरण आएगा। सप्ताह के अंत में 9 अक्टूबर को प्रारंभिक यू-मिश कंज्यूमर सेंटीमेंट आंकड़े जारी होंगे। इसके अतिरिक्त ट्रेजरी नीलामियों पर भी नजरें रहेंगी।
फेडरल रिजर्व के अधिकारियों के सार्वजनिक बयानों पर भी निवेशकों की कड़ी नजर रहने वाली है। विलियम्स और बोमन 6 अक्टूबर को अपने विचार रखेंगे। लोगन और विलियम्स 7 अक्टूबर को अपनी बात रखेंगे। इसके बाद 8 अक्टूबर को मुसालेम का संबोधन होगा, जबकि कोलिन्स 9 अक्टूबर को अपनी टिप्पणी पेश करेंगे। अक्टूबर में ब्याज दरों में बढ़ोतरी की संभावनाओं में आई कमी के बाद बाजार भागीदार एफओएमसी मिनट्स से नीतिगत रुख को समझने की कोशिश करेंगे।
ब्रिटिश पाउंड और बैंक ऑफ इंग्लैंड से जुड़े घटनाक्रम
मुद्रा जोड़ी GBP/USD कुछ समय के लिए 1.3200 के स्तर से नीचे फिसल गई, लेकिन बाद में इसने थोड़ी रिकवरी दर्ज की। इस सुधार के बावजूद जोड़ी ने सप्ताह का कारोबार चार महीने के निचले स्तर के दायरे में ही समाप्त किया। यूनाइटेड किंगडम के आर्थिक कैलेंडर में 5 अक्टूबर को फाइनल एसएंडपी ग्लोबल सर्विसेज पीएमआई जारी होना है, जिसके बाद 6 अक्टूबर को एसएंडपी ग्लोबल कंस्ट्रक्शन पीएमआई आएगी।
इसके अलावा यूके के रियल एस्टेट क्षेत्र से जुड़े संकेतकों में 7 अक्टूबर को बीबीए मॉर्गेज रेट और लॉयड्स हाउस प्राइस इंडेक्स शामिल हैं। वहीं 8 अक्टूबर को आरआईसीएस हाउस प्राइस बैलेंस के आंकड़े सार्वजनिक किए जाएंगे। इसी दिन 8 अक्टूबर को बैंक ऑफ इंग्लैंड के गवर्नर बेली का भाषण भी प्रस्तावित है।
वैश्विक केंद्रीय बैंकों के निर्णय और अंतरराष्ट्रीय अर्थव्यवस्था
वैश्विक स्तर पर केंद्रीय बैंकों के फैसलों की कड़ी में भारतीय रिजर्व बैंक (आरबीआई) 7 अक्टूबर को अपनी ब्याज दरों पर निर्णय लेगा, जिसमें नीतिगत दर को बढ़ाकर 5.50% किए जाने का अनुमान या प्रस्ताव शामिल है। इसके अलावा यूरोपियन सेंट्रल बैंक (ईसीबी) के मिनट्स भी जारी होने वाले हैं। वैश्विक अर्थव्यवस्था के अन्य प्रमुख संकेतकों में कनाडा के रोजगार आंकड़े और जापान के वेतन आंकड़े भी इसी सप्ताह सामने आने हैं। ऊर्जा संकट और लगातार बढ़ती बॉन्ड यील्ड इस शांत सप्ताह के दौरान बाजार के रुख को मुख्य रूप से प्रभावित करती रहेंगी।
यूरो, येन और ऑस्ट्रेलियाई डॉलर की स्थिति
मुद्रा जोड़ी EUR/USD मई 2025 के बाद से अपने सबसे निचले स्तर पर पहुंच गई है। बुधवार के कारोबारी सत्र में यह जोड़ी 1.1312 के स्तर तक गिर गई थी और अब जनवरी के अपने 1.2082 के शिखर से काफी नीचे कारोबार कर रही है। इस गिरावट की मुख्य वजहों में अमेरिकी डॉलर की व्यापक मजबूती, भू-राजनीतिक अनिश्चितताएं और ऊंची ऊर्जा कीमतों के प्रति यूरोप के जोखिम को लेकर उपजी नई चिंताएं शामिल हैं।
एशियाई कारोबारी सत्र में शुक्रवार को AUD/USD सुधरकर 0.6950 के करीब पहुंच गया। अमेरिकी डॉलर 17 महीने के उच्च स्तर से पीछे हटा, क्योंकि ट्रेडर्स ने अहम नॉनफार्म पेरोल्स रिपोर्ट से पहले मुनाफावसूली की। ऑस्ट्रेलियाई डॉलर को ऊंची वैश्विक यील्ड और महंगाई के जोखिमों के बीच नवंबर में ब्याज दर बढ़ोतरी की उम्मीदों के दोबारा मजबूत होने से सहारा मिला। दूसरी ओर, USD/JPY 158.00 के करीब नई दिशा तलाशने के लिए संघर्ष करता दिखा। टोक्यो सीपीआई के उम्मीद से अधिक गर्म रहने और डॉलर में आई सामान्य नरमी के कारण यह जोड़ी अपने साप्ताहिक उच्च स्तर से फिसल गई।
सोने की चाल और क्रिप्टोकरेंसी बाजार का हाल
कीमती धातुओं के बाजार में सोना नॉनफार्म पेरोल्स के बाद 4,200 डॉलर प्रति ट्रॉय औंस के पार अपनी तेजी को बरकरार नहीं रख सका और सप्ताह के अंत तक फिसलकर 4,180 डॉलर के दायरे में आ गया। अमेरिकी डॉलर पर बने ताजा बिकवाली दबाव के बीच सोने की कीमतों में अनिर्णायक रुख देखा गया, जबकि निवेशक ताजा एनएफपी आंकड़ों का मूल्यांकन कर रहे हैं।
डिजिटल परिसंपत्तियों के बाजार में शुक्रवार को क्रिप्टोकरेंसी की कीमतों में व्यापक सुधार दर्ज किया गया। इस बढ़त की अगुवाई बिटकॉइन ने की, जो 86,000 डॉलर के स्तर से ऊपर निकल गया। एथेरियम ने भी अपने सकारात्मक रुख को पुख्ता करते हुए 2,700 डॉलर के ऊपर कारोबार किया, हालांकि 2,800 डॉलर का निकटतम क्षेत्र इसकी बढ़त को सीमित कर रहा है। इसके साथ ही रिपल की कीमत 1.54 डॉलर के आसपास बनी रही।


















