टेलीविजन से अपने सफर की शुरुआत कर फिल्मों और बड़े अवॉर्ड समारोहों में खास जगह बनाने वाले मनीष पॉल मनोरंजन जगत में किसी परिचय के मोहताज नहीं हैं। उन्होंने बड़े पर्दे पर अपनी अदाकारी दिखाई है, लेकिन दर्शकों के बीच उनकी पहचान आज भी एक जिंदादिल और हाजिरजवाब एंकर के तौर पर बेहद मजबूत है। अपने करियर के शुरुआती दौर को याद करते हुए इस जाने-माने प्रस्तोता ने फिल्म इंडस्ट्री के सबसे बड़े दिग्गजों के साथ काम करने के अपने अनुभवों को सामने रखा है। उन्होंने बताया कि शाहरुख खान, सलमान खान और करण जौहर जैसे स्थापित सितारों ने उनके साथ काम करते हुए कभी भी अपने रसूख या स्टारडम का अहसास नहीं होने दिया।
करण जौहर के साथ मंच साझा करने की सहजता
मनीष पॉल के अनुसार फिल्म निर्माता करण जौहर के साथ किसी भी कार्यक्रम को संचालित करना हमेशा बेहद खुशनुमा और आसान अनुभव साबित हुआ। उनका मानना है कि करण जौहर एक मंच संचालक के तौर पर भी बेहद शानदार हैं। जब भी वे करण जौहर के साथ मंच पर आते हैं, तो किसी भी किस्म की घबराहट या हिचकिचाहट पास नहीं फटकती। मनीष ने बताया कि कार्यक्रमों के दौरान वे अक्सर करण जौहर पर खुलकर मज़ाकिया तंज कसते रहे हैं, लेकिन फिल्ममेकर ने कभी भी इन बातों को व्यक्तिगत तौर पर नहीं लिया और हमेशा हल्के-फुल्के अंदाज़ में स्वीकार किया।
शुरुआती दौर में शाहरुख खान के सामने घबराहट
शाहरुख खान के साथ मंच पर उतरने के दिनों को याद करते हुए मनीष पॉल ने बताया कि करियर के शुरुआती दौर में वे काफी नर्वस महसूस करते थे। उन्होंने मुंबई पुलिस से जुड़े कई बड़े आयोजनों में किंग खान के साथ मिलकर एंकरिंग की जिम्मेदारी संभाली थी। उस दौर में मनीष मंच संचालन की दुनिया में अपेक्षाकृत नए कलाकार थे, इसलिए इतने बड़े वैश्विक सितारे के साथ एक ही मंच पर खड़े होने को लेकर उनके मन में स्वाभाविक झिझक बनी रहती थी। इसके बावजूद शाहरुख खान ने हर बार यह सुनिश्चित किया कि नया कलाकार पूरी तरह सहज महसूस करे।
वैनिटी वैन में स्क्रिप्ट और शाहरुख का चौंकाने वाला रुख
एक घटना का विशेष रूप से उल्लेख करते हुए मनीष पॉल ने बताया कि एक कार्यक्रम से ठीक पहले शाहरुख खान ने उन्हें अपनी वैनिटी वैन में आमंत्रित किया। वहां अभिनेता ने उनका स्वागत बेहद गर्मजोशी के साथ किया और दोनों ने मिलकर कार्यक्रम की तय स्क्रिप्ट को पढ़ना शुरू किया। पटकथा देखते ही शाहरुख खान का ध्यान इस बात पर गया कि मंच के ज्यादातर मजेदार संवाद, चुटकुले और पंचलाइन केवल उनके हिस्से में ही रखी गई थीं।
स्क्रिप्ट की इस बनावट को देखते हुए शाहरुख खान ने तुरंत सवाल उठाया कि अगर सारे दिलचस्प और गुदगुदाने वाले डायलॉग वही बोलेंगे, तो मंच पर मनीष पॉल की मौजूदगी का क्या औचित्य रह जाएगा। उन्होंने सीधे तौर पर स्क्रिप्ट में बदलाव करने और नए कलाकार को भी बराबर का मौका देने की पैरवी की। इतना ही नहीं, उन्होंने खुद पर भी चुटकुले गढ़े जाने की छूट दी ताकि नए होस्ट की मौजूदगी मंच पर असरदार दिखे। एक स्थापित सुपरस्टार द्वारा एक नए चेहरे को ऐसी बराबरी और सम्मान देने का यह अंदाज मनीष पॉल के दिल को गहराई से छू गया।


















