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उत्तराखंड के ऊंचाई वाले इलाकों में बर्फबारी और बौछारें, मैदानी हिस्सों में धूप का दौरउत्तराखंड
11 अक्तू॰ 2026, 5:46 am (2 घंटे पहले)· 1

उत्तराखंड के ऊंचाई वाले इलाकों में बर्फबारी और बौछारें, मैदानी हिस्सों में धूप का दौर

पर्वतीय क्षेत्रों में 3500 मीटर से ऊंची चोटियों पर हल्की बर्फबारी और बारिश के बीच मैदानी जिलों में मौसम साफ रहने का पूर्वानुमान है। सुबह और शाम पारे में गिरावट से ठंड बढ़ेगी।

उत्तराखंड के विभिन्न हिस्सों में मौसमी गतिविधियों के कारण तापमान में तब्दीली देखने को मिल रही है। राज्य के ऊंचे शिखरों पर सर्दी की आहट तेज हो गई है, जबकि निचले मैदानी इलाकों में दिन के समय खिली धूप राहत दे रही है। बीते चौबीस घंटों के दौरान कई जगहों पर बौछारों के साथ गिरे ओलों और तेज हवाओं ने समूचे वातावरण में ठंडक घोल दी है। पर्वतीय हिस्सों में गरज-चमक और बादलों की आवाजाही बनी हुई है, जिससे पारे में गिरावट दर्ज की गई है।

पर्वतीय जिलों में बर्फबारी और हल्की वर्षा की संभावना

पहाड़ी ढलानों और ऊंची चोटियों पर बादलों का पहरा बना रहेगा। विशेष रूप से 3500 मीटर या उससे अधिक ऊंचाई पर स्थित स्थानों पर बर्फ की सफेद चादर बिछने के आसार हैं। इस दौरान हल्की से बहुत हल्की वर्षा के साथ आकाशीय बिजली चमकने की गतिविधियां भी सामने आ सकती हैं।

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तिथि वार पूर्वानुमान के अनुसार 11 और 12 अक्टूबर को देहरादून, टिहरी, उत्तरकाशी, चमोली, रुद्रप्रयाग, बागेश्वर और पिथौरागढ़ के ऊंचे क्षेत्रों में मौसमी बदलाव नजर आएगा। इसके बाद 13 अक्टूबर को नैनीताल जिले के कुछ इलाकों में गरज के साथ हल्की फुहारें पड़ सकती हैं। वहीं 14 और 15 अक्टूबर को भी उत्तरकाशी, चमोली, बागेश्वर, रुद्रप्रयाग तथा पिथौरागढ़ के पर्वतीय क्षेत्रों में हल्की वर्षा की संभावना बनी रहेगी।

हरिद्वार और उधम सिंह नगर में शुष्क रहेगा मौसम

पहाड़ों के उलट मैदानी जिलों में स्थिति पूरी तरह सामान्य बनी हुई है। हरिद्वार तथा उधम सिंह नगर जनपदों में 11 अक्टूबर को आसमान खुला रहेगा और अच्छी धूप खिलेगी। यहां दिन के वक्त मौसम पूरी तरह शुष्क रहने से जनजीवन सामान्य रहेगा। हालांकि रात के समय और तड़के न्यूनतम तापमान में कमी आने से स्थानीय निवासियों को हल्की सर्दी महसूस होगी।

प्रशासन और आम नागरिकों के लिए संतोष की बात यह है कि 11 से 14 अक्टूबर के अंतराल में पूरे राज्य के लिए किसी प्रकार का गंभीर अलर्ट या चेतावनी जारी नहीं की गई है। मैदानी भागों में सामान्य परिस्थितियों के चलते खेतों में काम कर रहे किसानों और सड़कों पर सफर करने वाले मुसाफिरों को आवाजाही में कोई परेशानी नहीं होगी।

मानसून लौटने के बाद मौसमी हलचल की वजह

अक्टूबर के महीने में मानसूनी हवाओं की वापसी के उपरांत भी होने वाली वर्षा को लेकर स्थिति स्पष्ट की गई है। मौसम वैज्ञानिक रोहित थपलियाल के अनुसार, अक्टूबर में मानसून विदा होने का मतलब यह नहीं कि वर्षा पूरी तरह थम गई है।

वायुमंडल में सक्रिय पश्चिमी विक्षोभ जब प्रचुर नमी के संपर्क में आता है, तो पर्वतीय ढलानों पर अचानक तीव्र बौछारें, ओलावृष्टि और ऊंची चोटियों पर हिमपात की परिस्थितियां जन्म ले लेती हैं। इसी कारण मानसून बाद भी पहाड़ी इलाकों में सीमित अवधि के लिए यह मौसमी हलचल बनी हुई है।

सवाल-जवाब

11 अक्टूबर को उत्तराखंड के किन इलाकों में बर्फबारी हो सकती है?
मौसम विज्ञान के अनुसार 3500 मीटर या उससे अधिक ऊंचाई पर स्थित पर्वतीय चोटियों पर हल्की बर्फबारी की संभावना है।
हरिद्वार और उधम सिंह नगर में 11 अक्टूबर का मौसम कैसा रहेगा?
इन दोनों मैदानी जिलों में मौसम पूरी तरह शुष्क रहेगा और दिन में तेज धूप खिली रहेगी।
क्या राज्य में 11 से 14 अक्टूबर के बीच कोई चेतावनी जारी की गई है?
नहीं, मौसम विभाग ने इस अवधि के दौरान राज्य के लिए किसी प्रकार का कोई अलर्ट या चेतावनी जारी नहीं की है।
नैनीताल में बारिश कब होने की संभावना है?
नैनीताल जिले में 13 अक्टूबर को गर्जन के साथ हल्की वर्षा होने का अनुमान लगाया गया है।
14 और 15 अक्टूबर को किन जिलों में वर्षा का दौर बना रह सकता है?
उत्तरकाशी, चमोली, बागेश्वर, रुद्रप्रयाग और पिथौरागढ़ में इन दिनों हल्की बारिश की संभावना जताई गई है।
मानसून की विदाई के बाद भी बारिश क्यों हो रही है?
सक्रिय पश्चिमी विक्षोभ और वातावरण में पर्याप्त नमी मौजूद होने के कारण पर्वतीय भागों में यह बारिश और बर्फबारी हो रही है।
संपादकीय नीति सुधार नीति

टिप्पणियाँ 5

Rohan Gupta@rohan-gupta·38 मिनट पहले

पहाड़ों में बर्फबारी और मैदानी इलाकों में धूप की बात तो ठीक है, पर बिना किसी चेतावनी के मौसम के अचानक बदलने पर भरोसा करना मुश्किल है। पिछले अनुभवों को देखें तो ये अनुमान अक्सर थोड़े बहुत गलत साबित हो ही जाते हैं।

Arjun Mehta@arjun-mehta·59 मिनट पहले

पहाड़ों में बर्फबारी की बात पढ़कर पिछले साल चमोली का ट्रिप याद आ गया। तब भी अचानक मौसम ऐसा ही बदला था और मैदानी इलाके में तेज धूप थी। सुबह-शाम की ठंड अब सच में महसूस होने लगी है।

Ravikash Gupta@ravikash·58 मिनट पहले

अर्जुन जी, आपकी बात सही है। क्या इस बार पश्चिमी विक्षोभ के कारण मैदानी इलाकों में भी बारिश और ओले पड़ेंगे या सिर्फ धूप ही खिली रहेगी?

Rohan Verma@rohan-verma·1 घंटे पहले

पहाड़ों में बर्फबारी की बात ठीक है, पर मैदानी इलाकों में अक्टूबर में इतनी ठंड और ओलावृष्टि का दावा कुछ ज्यादा ही लग रहा है। पिछले सालों में तो इस समय ऐसी स्थिति नहीं देखी, शायद मौसम विभाग का अनुमान इस बार थोड़ा ज्यादा हो गया है।

Karan Malhotra@karan-malhotra·1 घंटे पहले

रोहन भाई, मौसम विभाग का अनुमान ज़्यादा है या सचमुच पश्चिमी विक्षोभ का असर है, यह तो आने वाले दिनों में पता चलेगा। क्या सच में इस बार ठंड समय से पहले आ रही है?

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