बॉलीवुड अभिनेता सलमान खान की बहुप्रतीक्षित फिल्म मातृभूमि के प्रदर्शन को लेकर अनिश्चितता के बादल गहरा गए हैं। वर्ष 2020 में भारत और चीन की सेनाओं के बीच हुए वास्तविक सैन्य संघर्ष की संवेदनशील पृष्ठभूमि पर तैयार की गई इस वॉर ड्रामा फिल्म के प्रदर्शन को लेकर लंबे समय से चर्चाएं चल रही हैं। फिल्म को अगले हफ्ते केंद्रीय फिल्म प्रमाणन बोर्ड यानी CBFC के समक्ष सर्टिफिकेशन के लिए पेश किए जाने की योजना थी। बोर्ड की ओर से अब तक कोई सकारात्मक संकेत या हरी झंडी नहीं मिल सकी है, जिसके चलते सर्टिफिकेशन प्रक्रिया पूरी तरह रुक गई है।
शीर्षक और दृश्यों में बदलाव के बाद भी गतिरोध बरकरार
इस प्रोजेक्ट के साथ विवादों और रुकावटों का सिलसिला काफी पुराना है। शुरुआत में इस सिनेमाई प्रोजेक्ट का नाम बैटल ऑफ गलवान तय किया गया था। विदेश मंत्रालय से मिले स्पष्ट दिशानिर्देशों के उपरांत निर्माताओं ने इसके शीर्षक को बदलकर मातृभूमि कर दिया था। शीर्षक बदलने के साथ-साथ विदेश मंत्रालय की आपत्तियों और निर्देशों के मद्देनजर कहानी के कई अत्यंत महत्वपूर्ण दृश्यों में व्यापक स्तर पर फेरबदल भी किए गए। इन तमाम संशोधनों और रचनात्मक समझौतों के बावजूद फिल्म के प्रदर्शन का रास्ता साफ नहीं हो सका है, क्योंकि 2020 के भारत-चीन गतिरोध का विषय कूटनीतिक रूप से बेहद नाजुक बना हुआ है।
सरकारी विभागों के साथ समन्वय और प्रशासनिक उलझनें
परियोजना से जुड़े निर्माता फिल्म की राह में आ रही प्रशासनिक अड़चनों को दूर करने के लिए लगातार प्रयासरत हैं। प्रोडक्शन टीम से जुड़े लोग संबंधित सरकारी अधिकारियों और मंत्रालयों के प्रतिनिधियों से लगातार संपर्क बनाए हुए हैं ताकि बीच का कोई व्यावहारिक रास्ता निकाला जा सके। तमाम बैठकों और बातचीत के बाद भी जमीनी तस्वीर स्पष्ट नहीं हो पाई है। आधिकारिक तौर पर अभी तक फिल्म की स्पेशल स्क्रीनिंग अथवा सेंसर जांच के लिए कोई निश्चित तारीख तय नहीं की जा सकी है, जिससे सिनेमा प्रेमियों का इंतजार लगातार खिंचता जा रहा है।
ईद की पुरानी योजना के बाद अब 2027 में शिफ्ट होने की आशंका
शुरुआती कार्यक्रम के अनुसार सलमान खान और चित्रांगदा सिंह के मुख्य अभिनय वाली यह फिल्म बैटल ऑफ गलवान नाम से इसी साल ईद के मौके पर सिनेमाघरों में उतरने वाली थी। संवेदनशील विषय और आपत्तियों के चलते पहले इसका नाम बदला गया और रिलीज की तारीख आगे खिसका दी गई। कैलेंडर वर्ष 2026 अपने अंतिम पड़ाव की ओर बढ़ रहा है और साल के बाकी बचे महीनों में सिनेमाघरों के भीतर बड़े रिलीज स्लॉट्स बेहद सीमित हैं। ऐसी परिस्थिति में यदि सर्टिफिकेशन में जरा भी अतिरिक्त विलंब होता है, तो मातृभूमि का इस साल रिलीज होना लगभग नामुमकिन हो जाएगा और यह फिल्म सीधे 2027 में बड़े पर्दे पर आ सकती है, यद्यपि निर्माताओं ने अभी तक नई तारीख की औपचारिक घोषणा नहीं की है।





















