सिनेमाघरों में बिना किसी चकाचौंध, नामचीन चेहरों और आक्रामक प्रचार के पहुंची एक बेहद छोटी फिल्म ने भारतीय बॉक्स ऑफिस पर कमाई के सारे पुराने समीकरण बदल दिए हैं। आध्यात्मिक संत नीम करौली बाबा के जीवन प्रसंगों से प्रेरित होकर बनाई गई फिल्म 'हनुमान अंश' ने अपने रिलीज के 40वें दिन भी दर्शकों का ऐसा हुजूम बटोरा कि ट्रेड विश्लेषक दंग रह गए। केवल 2 करोड़ रुपये की सीमित लागत में बनी यह परियोजना अब हिंदी फिल्म जगत के इतिहास की सबसे अधिक मुनाफा कमाने वाली फिल्मों की कतार में सबसे आगे निकल चुकी है। जिस आंकड़े को बड़े-बड़े सितारे अपनी फिल्मों के सामान्य प्रचार अभियान में उड़ा देते हैं, उतने ही खर्च में बनी यह फिल्म अब दुनिया भर में 300 करोड़ रुपये का जादुई मील का पत्थर छूने की दहलीज पर खड़ी है।
छठे मंगलवार को टिकट खिड़की पर कमाई का नया कीर्तिमान
सप्ताह के दिनों में आम तौर पर पुरानी पड़ चुकी फिल्मों के दर्शक घटने लगते हैं, परंतु रिलीज के 40वें दिन यानी छठे मंगलवार को इस फिल्म की रफ्तार में गजब का उछाल देखा गया। देश के सिनेमाघरों में तकरीबन 9,175 शोज के विशाल प्रदर्शन जाल के बीच फिल्म ने एक ही दिन में 8.25 करोड़ रुपये का शानदार नेट कलेक्शन दर्ज कराया। छठे सप्ताह में किसी फिल्म द्वारा सिंगल डे पर इतना तगड़ा कारोबार करना अभूतपूर्व माना जा रहा है। इस तेज रफ्तार की बदौलत भारत में फिल्म का अब तक का कुल नेट कलेक्शन 231.13 करोड़ रुपये हो चुका है, जबकि घरेलू सकल कमाई यानी कुल ग्रॉस कलेक्शन 272.90 करोड़ रुपये के स्तर पर पहुंच गया है।
अंतरराष्ट्रीय बाजारों में भी छाया भारतीय सिनेमा का जादू
घरेलू सर्किट में दर्शकों के उमड़ते रेले के साथ-साथ विदेशी धरती पर भी इस भक्ति भाव से भरी कहानी को भरपूर प्यार मिल रहा है। विदेशी बॉक्स ऑफिस पर 40वें दिन फिल्म ने 2.00 करोड़ रुपये की टिकट बिक्री की। इस ताजा आंकड़े के साथ अंतरराष्ट्रीय बाजारों से फिल्म का कुल ओवरसीज ग्रॉस 18.50 करोड़ रुपये हो गया है। अगर भारत के घरेलू ग्रॉस और विदेशी आंकड़ों को जोड़ दिया जाए, तो 'हनुमान अंश' का कुल वर्ल्डवाइड ग्रॉस कलेक्शन अब 291.40 करोड़ रुपये के स्तर को छू चुका है। मौजूदा रुझानों को देखते हुए इसका आधिकारिक रूप से 300 करोड़ क्लब का हिस्सा बनना तय माना जा रहा है।
सिर्फ 3 थिएटर्स से शुरू हुआ था यह अनोखा सफर
आज रिकॉर्डतोड़ आंकड़े दर्ज करा रही इस फिल्म की शुरुआत बेहद अनिश्चित और धीमी थी। अनुप्रिया नागर और विशाल चतुर्वेदी ने नए और नौसिखिए कलाकारों को साथ लेकर इस परियोजना की नींव रखी थी, जिसमें शोभिनव सत्य ने केंद्रीय भूमिका निभाई है। जब यह 2 करोड़ रुपये के बजट वाली फिल्म 7 अगस्त को पहली बार पर्दे पर उतारी गई, तब देशभर में इसे सिर्फ 3 थिएटर्स में ही जगह मिल पाई थी। शुरुआती दिनों में किसी को आभास नहीं था कि सीमित रिलीज वाली यह कहानी सिनेमाघरों पर ऐसा कब्जा जमा लेगी।
माउथ पब्लिसिटी और इंटरनेट ने बदली किस्मत
फिल्म की शुरुआती बॉक्स ऑफिस यात्रा संघर्षपूर्ण रही थी। अपने पहले पूरे हफ्ते में इसने महज 1.08 करोड़ रुपये की कमाई की थी, जबकि दूसरे हफ्ते में यह सिमटकर केवल 40 लाख रुपये रह गई थी। सामान्य परिस्थितियों में ऐसी गिरावट के बाद फिल्में सिनेमाघरों से उतर जाती हैं, मगर इसके बाद जो हुआ उसने व्यापार पंडितों को हैरत में डाल दिया। सोशल मीडिया पर वायरल हुई वीडियो क्लिपों और दर्शकों की आपसी सकारात्मक चर्चा यानी वर्ड ऑफ माउथ ने फिल्म की तकदीर पूरी तरह पलट दी। तीसरे हफ्ते से दर्शकों की ऐसी बाढ़ आई जिसने फिल्म को एक नया जीवन दिया, और कमाई की यह आंधी अब अपने छठे हफ्ते में भी बदस्तूर जारी है।



















