घर के आंगन या बालकनी में रंग-बिरंगे फूलों की बहार हर किसी का मन मोह लेती है। सर्दियों के मौसम में अगर आप अपने बगीचे को लाल, गुलाबी और सफेद गुलाबों से सजाना चाहते हैं, तो इसकी शुरुआत अभी से करनी होगी। बागवानी विशेषज्ञ बी डी सनखरे के अनुसार, गुलाब की विभिन्न किस्मों को घर पर बड़ी आसानी से उगाया जा सकता है। यदि समय रहते नया पौधा लगा लिया जाए या व्यवस्थित ढंग से तैयार की गई कटिंग रोप दी जाए, तो आने वाले ठंड के दिनों में पौधे पर शानदार फूल खिलने लगते हैं।
पौधारोपण के लिए गमले और जमीन की तैयारी
गुलाब के पौधे को गमले में लगाया जाए या सीधे जमीन पर, दोनों ही स्थितियों में सबसे महत्वपूर्ण बात यह है कि जड़ों के पास पानी ठहरना नहीं चाहिए। अगर गमले में पौधा लगा रहे हैं, तो उसके नीचे जल निकासी की उचित व्यवस्था होना बेहद आवश्यक है। रुका हुआ पानी पौधे की जड़ों को सड़ा सकता है। पौधे के समग्र विकास के लिए मिट्टी को हमेशा भुरभुरा बनाए रखना चाहिए, जिसमें जैविक खाद की भरपूर मात्रा मौजूद हो।
गमले और बीज के लिए मिट्टी का सटीक मिश्रण
गुलाब के लिए आदर्श पॉटिंग मिक्स तैयार करने का एक खास अनुपात होता है। गमले में रोपाई के लिए 50 प्रतिशत कोकोपीट और 50 प्रतिशत वर्मी कम्पोस्ट या अच्छी तरह सड़ी हुई गोबर की खाद मिलाकर मिश्रण तैयार करें। इस तैयार मिट्टी को इस्तेमाल में लाने से पहले थोड़ी देर धूप में जरूर सुखा लें, ताकि मिट्टी के अंदर मौजूद अतिरिक्त नमी समाप्त हो जाए और किसी प्रकार के फंगस का खतरा न रहे।
यदि आप बीज के जरिए नया पौधा तैयार करने की योजना बना रहे हैं, तो मिट्टी को और भी हल्का रखना पड़ता है। बीजों के अंकुरण के लिए 60 प्रतिशत कोकोपीट, 30 प्रतिशत वर्मी कम्पोस्ट और 10 प्रतिशत साफ रेत का संतुलन सबसे बेहतर माना जाता है। यह मिश्रण अंकुरण के दौरान जड़ों को आसानी से फैलने में मदद करता है।
कलम तैयार करने और शाखा के चुनाव का नियम
अगर आपके घर में पहले से कोई पुराना गुलाब लगा हुआ है, तो उससे नई कटिंग तैयार करके नए पौधे बनाए जा सकते हैं। कटिंग लेते समय शाखा के चुनाव पर विशेष ध्यान देना चाहिए। बहुत ज्यादा नरम हरी टहनी या फिर बहुत पुरानी लकड़ी जैसी सख्त शाखा का चयन करने से बचें। हमेशा अर्ध-परिपक्व तने को चुनें, जिसकी मोटाई लगभग 6 से 10 मिलीमीटर के बीच होनी चाहिए।
कटिंग काटते समय औजार की स्वच्छता और धार का ख्याल रखना जरूरी है। हमेशा साफ और धारदार कैंची या प्रूनर का उपयोग करें। शाखा के निचले सिरे पर ठीक 45 डिग्री के कोण पर तिरछा कट लगाएं। इसके बाद कलम के ऊपरी हिस्से पर केवल कुछ पत्तियां ही सुरक्षित छोड़ें और बाकी सभी निचली पत्तियों को हटा दें। ऐसा करने से टहनी की ऊर्जा व्यर्थ नहीं जाती और वह अपनी पूरी ताकत नई जड़ें विकसित करने में लगाती है।
कटिंग की रोपाई और शुरुआती देखभाल
कलम काटने के बाद उसे अधिक देर तक खुले में या तेज धूप में नहीं छोड़ना चाहिए, अन्यथा वह सूख सकती है। कटिंग को स्वच्छ जगह पर रखें और तैयार किए गए पॉटिंग माध्यम में तुरंत रोप दें। कई लोग पानी में रखकर जड़ें निकालने का प्रयास करते हैं, लेकिन गुलाब की प्रत्येक किस्म पानी में आसानी से जड़ें नहीं बनाती। इसी कारण नम और भुरभुरी मिट्टी में कटिंग लगाना अधिक कारगर और सरल साबित होता है।
रोपाई पूरी करने के तुरंत बाद हल्का पानी दें। गमले को ऐसे स्थान पर रखें जहां भरपूर प्राकृतिक रोशनी आती हो, लेकिन शुरुआती कुछ हफ्तों तक दोपहर की तीखी धूप से बचाकर रखें। जब पौधा स्थिर हो जाए, तब उसे खुली धूप में रखा जा सकता है क्योंकि गुलाब को प्रतिदिन कई घंटों की सीधी धूप की दरकार होती है।
पानी का सही संतुलन और जरूरी सफाई
पौधे की नियमित देखरेख में सिंचाई का तरीका सबसे अहम है। गमले की मिट्टी को हर समय कीचड़ की तरह गीला न रखें। जब मिट्टी की ऊपरी सतह छूने पर सूखी नजर आए, तभी जरूरत के मुताबिक पानी दें। इसके अलावा पौधे पर आने वाली सूखी पत्तियों और मुरझा चुके बासी फूलों को समय-समय पर काटते रहें। इससे पौधा स्वस्थ रहता है और नई शाखाओं को पनपने का मौका मिलता है। ध्यान रहे कि फूलों का आकार, संख्या और खिलने का समय पौधे की नस्ल, उसे मिलने वाली धूप और स्थानीय मौसम पर निर्भर करता है।



















