अंतरराष्ट्रीय मुद्रा बाजार में अमेरिकी डॉलर की तेज मजबूती के चलते ब्रिटिश पाउंड भारी दबाव में आ गया है। विदेशी मुद्रा बाजार में यूएस डॉलर इंडेक्स (DXY) 102.00 के मनोवैज्ञानिक स्तर को चुनौती देने की दहलीज पर पहुंच गया है, जिसके चलते जीबीपी/यूएसडी (GBP/USD) जोड़ी फिसलकर 1.32 के दायरे में कारोबार कर रही है। अमेरिका में हालिया श्रम बाजार और फैक्ट्री गतिविधियों के आंकड़ों ने आर्थिक मजबूती के संकेत दिए हैं। साथ ही, पश्चिम एशिया में बढ़ते सैन्य और भू-राजनीतिक तनाव ने निवेशकों को सुरक्षित निवेश माने जाने वाले अमेरिकी डॉलर की ओर आकर्षित किया है, जिससे अन्य प्रमुख वैश्विक मुद्राओं में सुस्ती देखी जा रही है।
अमेरिकी आर्थिक मजबूती और मुद्रास्फीति के दबाव
अमेरिकी अर्थव्यवस्था से मिले ताजा संकेत देश की अंदरूनी मजबूती की पुष्टि करते हैं। अमेरिका के विनिर्माण क्षेत्र के प्रदर्शन को दर्शाने वाला आईएसएम मैन्युफैक्चरिंग पीएमआई (ISM Manufacturing PMI) सितंबर महीने में 54.5 दर्ज किया गया। हालांकि यह आंकड़ा विश्लेषकों के 55 के अनुमान और अगस्त के 54.6 के स्तर से मामूली नीचे रहा, लेकिन इसके उप-घटकों में ठोस सुधार देखा गया। नए ऑर्डरों का सब-कंपोनेंट 53.7 से उछलकर 55.3 पर पहुंच गया, जबकि रोजगार से जुड़ा घटक 51.2 से सुधरकर 52.7 दर्ज हुआ। यह विस्तार दर्शाता है कि अमेरिकी औद्योगिक क्षेत्र में मांग और भर्ती की स्थिति स्थिर बनी हुई है।
दूसरी ओर, इसी रिपोर्ट के तहत आने वाले आईएसएम प्राइसेज पेड (ISM Prices Paid) उप-घटक में तेज उछाल देखने को मिला है। यह सूचकांक 71.1 से उछलकर 77.1 पर पहुंच गया, जिसने 72.3 के अनुमान को काफी पीछे छोड़ दिया। यह वृद्धि साफ करती है कि उत्पादन लागत के स्तर पर मुद्रास्फीति का दबाव अभी भी बना हुआ है। हालांकि, अमेरिकी केंद्रीय बैंक के पसंदीदा मुद्रास्फीति पैमाने, कोर पीसीई (PCE) के नरम आंकड़ों के चलते अक्टूबर में ब्याज दर में बढ़ोतरी की संभावना प्राइम टर्मिनल के अनुसार लगभग 38% से घटकर 30% पर आ गई है। इसके बावजूद, कच्चे तेल की ऊंची कीमतों और भू-राजनीतिक अनिश्चितता ने ट्रेजरी यील्ड को ऐतिहासिक ऊंचाइयों के करीब बनाए रखा है, जहां 10-वर्षीय अमेरिकी टी-नोट 1 बेसिस पॉइंट गिरकर 5.277% पर दर्ज किया गया।
पश्चिम एशिया संकट और मजबूत होता डॉलर
वैश्विक वित्तीय बाजारों का मिजाज काफी तनावपूर्ण बना हुआ है, क्योंकि अमेरिका और ईरान के बीच टकराव का तात्कालिक समाधान नजर नहीं आ रहा है। एक अमेरिकी अधिकारी के हवाले से सामने आए विवरण के अनुसार, नवंबर के अंत तक ईरान के आसपास तीन विमानवाहक पोत (एयरक्राफ्ट कैरियर) और दो लैंडिंग समूह तैनात किए जाने की योजना है। इस सैन्य हलचल के कारण कच्चे तेल की कीमतें ऊंची बनी हुई हैं और वित्तीय बाजारों में जोखिम से बचने की प्रवृत्ति बढ़ी है। छह प्रमुख मुद्राओं के मुकाबले अमेरिकी डॉलर के प्रदर्शन को मापने वाला डॉलर इंडेक्स 0.47% की बढ़त के साथ 101.94 पर पहुंच गया है, जो 102.00 के स्तर के बेहद करीब है।
ब्रिटेन में राजनीतिक बयानबाजी और यूरोपीय संघ पर चर्चा
ब्रिटेन के आर्थिक कैलेंडर पर इस समय घरेलू आंकड़ों का अभाव है, जिसके चलते निवेशकों का पूरा ध्यान राजनीतिक घटनाक्रमों पर टिका हुआ है। प्रधानमंत्री एंडी बर्नहैम के भाषण ने बाजार में हलचल पैदा की, जिसमें उन्होंने पेंशन प्रणाली में बदलाव के संकेत दिए। इसके साथ ही उन्होंने यूरोपीय संघ (ईयू) में फिर से शामिल होने की संभावना को भी चर्चा की मेज पर रख दिया है।
आईएनजी के रणनीतिकार क्रिस टर्नर ने इस पर टिप्पणी करते हुए कहा कि विदेशी मुद्रा बाजार इसे एक सकारात्मक कदम के रूप में देख सकता है, विशेष रूप से 2016 के ब्रेक्सिट जनमत संग्रह के बाद स्टर्लिंग में आई ऐतिहासिक गिरावट को देखते हुए। हालांकि, इस राजनीतिक चर्चा के बावजूद डॉलर की व्यापक मजबूती के आगे ब्रिटिश पाउंड को सहारा नहीं मिल पा रहा है। मुद्रा विनिमय के दैनिक आंकड़ों में ब्रिटिश पाउंड अन्य प्रमुख मुद्राओं की तुलना में यूरो के मुकाबले सबसे मजबूत प्रदर्शन करता दिखा, लेकिन डॉलर के मुकाबले यह कमजोर बना हुआ है।
जीबीपी/यूएसडी तकनीकी विश्लेषण और महत्वपूर्ण स्तर
दैनिक तकनीकी चार्ट पर नजर डालें तो जीबीपी/यूएसडी जोड़ी 1.3203 पर कारोबार करती दिखी है, जहां इसका अल्पकालिक रुझान मंदी का बना हुआ है। स्पॉट भाव प्रमुख सिंपल मूविंग एवरेज (एसएमए) और टूटी हुई ट्रेंड लाइनों के नीचे बना हुआ है। 50-दिवसीय, 100-दिवसीय और 200-दिवसीय एसएमए का समूह 1.3455 के स्तर पर स्थित है, जो ऊपर की ओर एक मजबूत अवरोध खड़ा करता है। हाल ही में 1.3315 और 1.3435 के स्तरों के टूटने से यह जोड़ी और अधिक गिरावट के प्रति संवेदनशील हो गई है। 14-दिवसीय रिलेटिव स्ट्रेंथ इंडेक्स (आरएसआई) 29.9 के स्तर पर दर्ज हुआ, जो ओवरसोल्ड क्षेत्र के करीब है। यह दर्शाता है कि मंदी का दबाव काफी खिंच चुका है, लेकिन अभी तक ट्रेंड रिवर्सल का कोई पुख्ता संकेत नहीं मिला है।
लाइव मार्केट डेटा के अनुसार, सत्र के दौरान जीबीपी/यूएसडी 1.32 के स्तर पर स्थिर रहा, जो पिछले बंद स्तर 1.32 के मुकाबले 0.28% की दैनिक गिरावट को दर्शाता है। 52-सप्ताह का दायरा 1.30 से 1.38 के बीच रहा है, जबकि ट्रेडिंग वॉल्यूम 20-दिवसीय औसत के 1.00 गुना पर रहा। लाइव गणना के मुताबिक आरएसआई(14) 28 पर ओवरसोल्ड स्थिति दिखा रहा है। एमएसीडी (MACD) -0.01 पर है और सिग्नल लाइन भी -0.01 पर बनी हुई है, जो मंदी के मोमेंटम की पुष्टि करती है। मूविंग एवरेज के संदर्भ में, 20-दिवसीय ईएमए 1.34, 50-दिवसीय ईएमए 1.34 और 200-दिवसीय ईएमए 1.34 पर है, जबकि 50-दिवसीय एसएमए 1.35 और 200-दिवसीय एसएमए 1.34 पर है। 50-दिवसीय ईएमए का 200-दिवसीय ईएमए से नीचे होना डेथ क्रॉस और दीर्घकालिक मंदी की प्रवृत्ति को दर्शाता है। बॉलिंगर बैंड (20, 2) 1.31 से 1.37 के बीच फैला है और मध्य रेखा 1.34 पर है। एडीएक्स(14) 33 पर ट्रेंडिंग बाजार का संकेत देता है, जबकि स्टोकेस्टिक की फास्ट लाइन 3 और सिग्नल लाइन 9 पर है। 14-दिवसीय एटीआर (ATR) 0.01 दर्ज हुआ है। प्रमुख स्तरों में पिवट 1.32 पर, रेजिस्टेंस आर1 1.33 और आर2 1.33 पर, तथा सपोर्ट एस1 1.32 और एस2 1.31 पर स्थित है। ऊपर की ओर पहला बड़ा प्रतिरोध 1.3315 पर है, जिसके बाद 1.3653 के शिखर से जुड़ी ट्रेंड लाइन 1.3435 पर अवरोध बनाती है। इसके पार 1.3455, 1.3540 और 1.3742 के स्तर हैं। नीचे की तरफ 1.3203 के नीचे ठोस संरचनात्मक सपोर्ट की कमी किसी भी रिकवरी को सुधारात्मक तक ही सीमित रखती है।
अन्य वैश्विक संपत्तियों और मुद्राओं का हाल
अमेरिकी डॉलर के बढ़ते दबदबे का असर केवल पाउंड तक सीमित नहीं है, बल्कि अन्य प्रमुख वैश्विक संपत्तियों में भी स्पष्ट दिखाई दे रहा है। ऑस्ट्रेलियाई डॉलर के मुकाबले अमेरिकी डॉलर (AUD/USD) दो महीने के निचले स्तर के करीब 0.6900 के मध्य दायरे में स्थिर रहा। नरम पीसीई आंकड़ों के बावजूद तेल आधारित मुद्रास्फीति ने अमेरिकी यील्ड को सहारा दिया है। वहीं ऑस्ट्रेलिया का व्यापार अधिशेष अगस्त में तेजी से घटकर 49.5 करोड़ ऑस्ट्रेलियाई डॉलर (AUD 495M) रह गया, जिसका इस जोड़ी पर सीमित प्रभाव पड़ा।
अमेरिकी डॉलर और जापानी येन (USD/JPY) की जोड़ी 158.00 के ऊपर अपने साप्ताहिक दायरे के ऊपरी स्तर पर टिकी रही। बैंक ऑफ जापान की संभावित सख्त मौद्रिक नीति और जापानी अधिकारियों के हस्तक्षेप के जोखिम के बावजूद डॉलर की सुरक्षित निवेश मांग ने इस जोड़ी को मजबूत सहारा दिया है। सोने (XAU/USD) के बाजार में मजबूती सीमित रही, जहां डॉलर और ऊंची बॉन्ड यील्ड के दबाव के बीच सोना 0.26% की दैनिक बढ़त के साथ 4,167 डॉलर के करीब कारोबार करता दिखा।
डिजिटल संपत्तियों में भी दबाव साफ दिखाई दिया। बिटकॉइन 82,500 डॉलर के समर्थन स्तर और 85,000 डॉलर के प्रतिरोध स्तर के बीच कारोबार करता रहा। एथेरियम 2,700 डॉलर के नीचे दबाव में रहा, जहां 2,600 डॉलर का स्तर तात्कालिक सहारा प्रदान कर रहा है। इसी के साथ रिपल फिसलकर 1.50 डॉलर के महत्वपूर्ण स्तर से नीचे आ गया। वित्तीय बाजारों में अमेरिकी फेडरल रिजर्व के रुख को लेकर धारणा तेजी से बदली है, जहां एक हफ्ते पहले तक अक्टूबर में दर वृद्धि की संभावना सबसे प्रबल मानी जा रही थी, लेकिन नरम मुद्रास्फीति और नीति निर्माताओं के सतर्क बयानों के बाद अब दर वृद्धि पर ठहराव की संभावना प्रमुख परिदृश्य बन चुकी है। आगामी अमेरिकी नॉन-फार्म पेरोल आंकड़े अब स्टर्लिंग और व्यापक मुद्रा बाजार के लिए अगली बड़ी परीक्षा साबित होंगे।























