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आजमगढ़ घूमने जाएं तो ये तीन मिठाइयां चखे बिना मत लौटिएखानपान
2 जुल॰ 2026, 11:55 am (45 दिन पहले)· 2

आजमगढ़ घूमने जाएं तो ये तीन मिठाइयां चखे बिना मत लौटिए

काली मिट्टी के बर्तनों और रेशमी साड़ियों के लिए मशहूर आजमगढ़ में सफेद गाजर का हलवा, क्रिकेट बॉल जितना बड़ा गुलाब जामुन और मीठा समोसा जैसी अनोखी मिठाइयां भी लोगों की पहली पसंद हैं.

उत्तर प्रदेश का आजमगढ़ जिला अपनी काली मिट्टी की कलाकृतियों और रेशमी साड़ियों के चलते देश ही नहीं, विदेशों में भी जाना जाता है. लेकिन कम ही लोगों को पता है कि इस जिले की पहचान सिर्फ हस्तशिल्प तक सीमित नहीं है. यहां की कुछ पारंपरिक मिठाइयां भी उतनी ही खास हैं, जितनी यहां की कारीगरी. अगर आप मीठे के शौकीन हैं और आजमगढ़ जाने का मौका मिले, तो कुछ अनोखे स्वाद चखे बिना लौटना ठीक नहीं होगा.

यहां हम आजमगढ़ की तीन ऐसी मिठाइयों की बात कर रहे हैं, जिनका स्वाद और अंदाज दोनों ही बाकी जगहों से बिल्कुल अलग है.

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मुबारकपुर का सफेद गाजर का हलवा

आजमगढ़ की मिठाइयों की बात हो, तो मुबारकपुर के सफेद गाजर के हलवे का जिक्र आना तय है. जिले की यह सबसे यूनिक मिठाई मानी जाती है, क्योंकि यह स्वाद देश में शायद ही कहीं और मिलता हो. आमतौर पर गाजर का हलवा लाल रंग का होता है, लेकिन मुबारकपुर का यह हलवा पूरी तरह सफेद रंग का होता है. इसकी खासियत सिर्फ रंग तक सीमित नहीं है. इसे बनाने में जिस सफेद गाजर का इस्तेमाल होता है, उसकी खेती भी मुख्य रूप से आजमगढ़ के मुबारकपुर इलाके में ही होती है. यही वजह है कि यह हलवा स्थानीय लोगों के साथ-साथ बाहर से आने वाले पर्यटकों की भी पहली पसंद बना हुआ है.

कलेक्ट्रेट का क्रिकेट बॉल जैसा गुलाब जामुन

सफेद गाजर के हलवे के अलावा आजमगढ़ की कलेक्ट्रेट के पास मिलने वाला गुलाब जामुन भी खासा मशहूर है. आमतौर पर गुलाब जामुन का आकार छोटा होता है, लेकिन यहां का गुलाब जामुन अपने बड़े साइज के लिए जाना जाता है. इसका आकार लगभग क्रिकेट बॉल जितना होता है, जिसे देखकर ही लोगों का ध्यान उस पर चला जाता है. सिर्फ दिखावट ही नहीं, इसका स्वाद भी उतना ही खास बताया जाता है. आमतौर पर बाजार में मिलने वाले गुलाब जामुन तैयार मिश्रण या पाउडर से बनाए जाते हैं, जबकि यह खास गुलाब जामुन पारंपरिक तरीके से शुद्ध दूध और खोया यानी मावा से तैयार किया जाता है. इसी वजह से इसका स्वाद बेहद रिच, मुलायम और यादगार माना जाता है.

मीठी चाशनी में डूबा अनोखा समोसा

समोसा एक ऐसी डिश है, जिसे हर उम्र के लोग पसंद करते हैं. समोसे का नाम सुनते ही ज्यादातर लोगों को कुरकुरा, मसालेदार और नमकीन स्वाद ही याद आता है. लेकिन आजमगढ़ में एक ऐसा समोसा भी मिलता है, जो तीखा नहीं बल्कि मीठा होता है. यहां पारंपरिक नमकीन समोसे के साथ-साथ यह अनोखा मीठा समोसा भी अपनी अलग पहचान रखता है. इस समोसे के अंदर दूध से तैयार खोया यानी मावा भरा जाता है. तलने के बाद इसे मीठी चाशनी में डुबोया जाता है, जिससे इसका स्वाद और भी लाजवाब हो जाता है. बाहर की कुरकुरी परत और अंदर का मुलायम, मीठा भराव इसे बाकी मिठाइयों से अलग बनाता है. अपने इसी खास स्वाद की वजह से यह मीठा समोसा स्थानीय लोगों के साथ-साथ बाहर से आने वाले स्वाद प्रेमियों को भी खूब पसंद आता है.

तीनों मिठाइयां क्यों हैं खास

इन तीनों मिठाइयों की सबसे बड़ी खासियत यह है कि इन्हें बनाने का तरीका पूरी तरह पारंपरिक है. न तो सफेद गाजर के हलवे में कोई कृत्रिम रंग मिलाया जाता है, न ही गुलाब जामुन में तैयार पाउडर का इस्तेमाल होता है और न ही मीठे समोसे में किसी शॉर्टकट का सहारा लिया जाता है. शुद्ध दूध, खोया और स्थानीय रूप से उगाई जाने वाली सफेद गाजर जैसी चीजें ही इन मिठाइयों को आजमगढ़ की खास पहचान बनाती हैं. यही वजह है कि काली मिट्टी की कलाकृतियों और रेशमी साड़ियों की तरह ये मिठाइयां भी जिले की पहचान को और मजबूत करती हैं.

सवाल-जवाब

आजमगढ़ की सबसे खास मिठाई कौन सी मानी जाती है?
मुबारकपुर का सफेद गाजर का हलवा आजमगढ़ की सबसे यूनिक मिठाई मानी जाती है.
सफेद गाजर का हलवा सामान्य गाजर के हलवे से कैसे अलग है?
आमतौर पर गाजर का हलवा लाल रंग का होता है, जबकि मुबारकपुर का हलवा पूरी तरह सफेद रंग का होता है और इसमें इस्तेमाल होने वाली सफेद गाजर भी मुख्य रूप से मुबारकपुर में ही उगाई जाती है.
कलेक्ट्रेट के पास मिलने वाला गुलाब जामुन खास क्यों है?
इसका आकार लगभग क्रिकेट बॉल जितना बड़ा होता है और इसे तैयार मिश्रण की बजाय शुद्ध दूध व खोया से पारंपरिक तरीके से बनाया जाता है.
आजमगढ़ का मीठा समोसा कैसे बनाया जाता है?
इसमें खोया यानी मावा भरकर तला जाता है और फिर इसे मीठी चाशनी में डुबोया जाता है, जिससे कुरकुरी परत के अंदर मुलायम, मीठा भराव मिलता है.
क्या ये मिठाइयां सिर्फ आजमगढ़ में ही मिलती हैं?
सफेद गाजर का हलवा लगभग सिर्फ आजमगढ़ में ही देखने और चखने को मिलता है, जबकि गुलाब जामुन और मीठा समोसा भी अपने खास अंदाज के लिए यहीं मशहूर हैं.
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