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राजस्थान में मॉनसून के दौरान ऐसे बनाएं चटपटी मिर्च करौंदा की देसी सब्जीखानपान
15 अग॰ 2026, 11:32 am (75 दिन पहले)· 2

राजस्थान में मॉनसून के दौरान ऐसे बनाएं चटपटी मिर्च करौंदा की देसी सब्जी

राजस्थान में मानसून के दौरान तीखे और खट्टे जायके के लिए मिर्च करौंदे की सब्जी बनाई जाती है। गृहिणी प्रभा शर्मा के अनुसार लोहे की कढ़ाई में सरसों तेल और खास मसालों के साथ यह देसी रेसिपी केवल 7 से 8 मिनट में तैयार हो जाती है।

राजस्थान के विभिन्न इलाकों में इन दिनों तेज बारिश का दौर जारी है। बारिश का मौसम शुरू होते ही अधिकतर लोगों की रसोई में चटपटा और खट्टा खाना पकाने की चाहत बढ़ जाती है। अगर आप इस मॉनसून में सामान्य खानपान से अलग कुछ नया और जायकेदार आजमाना चाहते हैं, तो मिर्च और करौंदे की देसी सब्जी एक बेहतरीन विकल्प है। राजस्थान के ग्रामीण क्षेत्रों में इसे सब्जी के साथ-साथ गाढ़ी चटनी के रूप में भी जाना जाता है। बरसात के दिनों में मिलने वाले ताजे करौंदे का खट्टापन और हरी मिर्च का तीखा स्वाद मिलकर इस पकवान को बेहद अनोखा बना देते हैं।

सामग्री की तैयारी और तड़के की विधि

गृहिणी प्रभा शर्मा के अनुसार मिर्च करौंदा की यह पारंपरिक सब्जी तैयार करना काफी आसान है। सबसे पहले ताजी हरी मिर्च और करौंदों को पानी में रगड़कर अच्छी तरह धोना चाहिए। धोने के बाद दोनों सामग्रियों का पानी पूरी तरह सुखा लेना आवश्यक है ताकि सब्जी का स्वाद और शेल्फ लाइफ बेहतर रहे। इसके बाद हरी मिर्च और करौंदों को छोटे-छोटे टुकड़ों में काट लें। इस खास देसी रेसिपी का असली स्वाद पाने के लिए लोहे की कढ़ाई का उपयोग करने की सलाह दी जाती है। लोहे की कढ़ाई को गैस पर गर्म करके उसमें सरसों का तेल डालें। जब सरसों का तेल अच्छी तरह गर्म हो जाए, तब उसमें जीरा, अजवाइन और सौंफ डालकर तड़का लगाएं।

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मसाला भूनने और पकाने का सही तरीका

तड़का तैयार होने के बाद एक छोटी कटोरी में धनिया पाउडर, हल्दी, गरम मसाला और थोड़ी मात्रा में कश्मीरी लाल मिर्च लें। चूंकि सब्जी में मुख्य रूप से हरी मिर्च मौजूद होती है, इसलिए कश्मीरी लाल मिर्च का प्रयोग केवल हल्के रंग और संतुलित स्वाद के लिए कम मात्रा में ही किया जाता है। इन सभी सूखे मसालों को थोड़े से पानी में घोलकर पेस्ट बना लें और फिर गर्म तेल में डालें। मसालों को धीमी आंच पर लगातार चलाते हुए तब तक भूनें जब तक कि मसाला पककर तेल न छोड़ने लगे। इसके बाद कटी हुई हरी मिर्च और करौंदे को कढ़ाई में डालकर मसाले के साथ अच्छी तरह मिला दें। अब पूरी सामग्री को ढककर धीमी आंच पर लगभग 7 से 8 मिनट तक पकने दें।

अंतिम तड़का और परोसने के सुझाव

सब्जी के अच्छी तरह पक जाने पर उसमें कसूरी मेथी और सुखाया हुआ पुदीना पाउडर छिड़ककर अच्छी तरह मिला लें और तुरंत गैस बंद कर दें। इस साधारण प्रक्रिया से आपकी खट्टी-मीठी और चटपटी मिर्च करौंदे की सब्जी परोसने के लिए तैयार हो जाती है। इसे गर्म रोटी, देसी घी के पराठे या फिर खस्ता पूरी के साथ आनंद लेकर खाया जा सकता है। बरसात के मौसम में राजस्थान के देहाती इलाकों में लगभग हर घर में यह सब्जी बनाई जाती है। सही विधि से पकाई गई यह सब्जी 2 से 3 दिनों तक बिना खराब हुए सुरक्षित रखी जा सकती है। अपने अनोखे खट्टे और तीखे स्वाद के कारण यह बच्चों से लेकर बड़े-बुजुर्गों तक सभी को बेहद पसंद आती है।

सवाल-जवाब

मिर्च-करौंदा की सब्जी पकाने में कितना समय लगता है?
मसाला भूनने के बाद कटी हुई मिर्च और करौंदे को धीमी आंच पर करीब 7 से 8 मिनट तक पकाया जाता है।
इस सब्जी को कितने दिनों तक सुरक्षित रखा जा सकता है?
सही तरीके से पानी सुखाकर पकाई गई मिर्च-करौंदा की सब्जी 2 से 3 दिन तक खराब नहीं होती।
इस रेसिपी के लिए कौन सा बर्तन इस्तेमाल करने की सलाह दी जाती है?
मिर्च-करौंदे का बेहतर देसी स्वाद पाने के लिए इसे लोहे की कढ़ाई में बनाने का सुझाव दिया जाता है।
तड़के के लिए किन मसालों के बीजों का प्रयोग किया जाता है?
गर्म सरसों के तेल में जीरा, अजवाइन और सौंफ का तड़का लगाया जाता है।
सब्जी में कश्मीरी लाल मिर्च कम क्यों डाली जाती है?
सब्जी में पहले से ही तीखी हरी मिर्च शामिल होती है, इसलिए केवल रंग और संतुलन के लिए कश्मीरी लाल मिर्च कम मात्रा में मिलाई जाती है।
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