आजमगढ़: इन दिनों बहुत से लोग ब्लैक टी और ग्रीन टी पीना पसंद करते हैं, क्योंकि सेहत के लिहाज से इन्हें काफी लाभकारी माना जाता है। लेकिन आज हम आपको एक ऐसा अनोखा पेय बताने जा रहे हैं, जिसके सामने ये सारी चाय फीकी लगने लगेंगी। हम बात कर रहे हैं ब्लू ड्रिंक की। दरअसल यह नीला पेय किसी महंगी या खास तरीके से तैयार की गई चाय पत्ती से नहीं बनता, बल्कि इसे सिर्फ अपराजिता के फूलों को सुखाकर तैयार किया जाता है। अपराजिता या नीलकंठ के नाम से जाना जाने वाला यह फूल ब्लू ड्रिंक के रूप में एक बेहद फायदेमंद औषधि की तरह भी इस्तेमाल किया जा सकता है।
आयुर्वेद में भी अपराजिता के फूलों को औषधि के तौर पर कई अलग-अलग तरीकों से इस्तेमाल करने की बात कही गई है। लोकल 18 से बातचीत में प्राकृतिक खेती के जानकार राकेश पांडे बताते हैं कि अपराजिता के सूखे फूलों का औषधीय उपयोग किया जा सकता है, जो कई तरह की बीमारियों में बेहद कारगर साबित हो सकता है। कई जगहों पर लोग इस फूल को सुखाकर हर्बल ड्रिंक के रूप में भी इस्तेमाल कर रहे हैं।
उन्होंने बताया कि यह फूल भारतीय सनातन परंपराओं से भी गहराई से जुड़ा है। गहरे नीले रंग का होने की वजह से इसे भगवान शिव को अर्पित किया जाता है, और इसी कारण इसे नीलकंठ भी कहा जाता है। वहीं इन फूलों को सुखाकर बनाई जाने वाली हर्बल टी की अंतरराष्ट्रीय बाजार में कीमत भी काफी ऊंची है, जबकि इसे घर पर बेहद आसानी से बनाया जा सकता है। इसे तैयार करने के लिए सबसे पहले पानी को उबालकर गैस से उतार लें, फिर इस गर्म पानी में अपराजिता के दो सूखे फूल डाल दें। कुछ ही सेकंड में पानी का रंग पूरी तरह नीला हो जाएगा। इसके बाद स्वाद के अनुसार इसमें नींबू और शहद मिलाया जा सकता है।
सबसे खास बात यह है कि इस ब्लू ड्रिंक को सर्दी हो या गर्मी, गर्म चाय की तरह या फिर ठंडे मोजितो के रूप में भी पिया जा सकता है। राकेश पांडे बताते हैं कि यह नीला पेय सेहत के लिए बेहद लाभकारी होता है और इसमें कई तरह के औषधीय गुण मौजूद होते हैं। इसके नियमित सेवन से शरीर की रोग प्रतिरोधक क्षमता बढ़ती है, साथ ही यह शरीर को डिटॉक्स करने का भी काम करता है। इसमें एंटीऑक्सीडेंट गुण भरपूर मात्रा में पाए जाते हैं, जो त्वचा की सेहत के लिए बेहद फायदेमंद माने जाते हैं।













