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बघेलखंड स्टाइल भसीड़ की सब्जी: इस पारंपरिक रेसिपी से घर पर बनाएं कमल ककड़ी का लजीज स्वादखानपान
28 जुल॰ 2026, 7:18 am (1 दिन पहले)· 1

बघेलखंड स्टाइल भसीड़ की सब्जी: इस पारंपरिक रेसिपी से घर पर बनाएं कमल ककड़ी का लजीज स्वाद

सतना की पारंपरिक बघेलखंडी भसीड़ यानी कमल ककड़ी की सब्जी घर पर बेहद आसानी से तैयार की जा सकती है, जो स्वाद के साथ सेहत के लिए भी बेहद फायदेमंद है।

अगर आप भी रोजमर्रा की एक जैसी सब्जियां खाकर बोर हो चुके हैं और अपनी डाइनिंग टेबल पर कुछ बिल्कुल नया, देसी और बेहद सेहतमंद विकल्प तलाश रहे हैं, तो यह पारंपरिक व्यंजन आपके लिए एकदम सही साबित हो सकता है। बघेलखंड के ग्रामीण इलाकों और छोटे कस्बों में बड़े चाव से बनाई और खाई जाने वाली भसीड़ यानी कमल ककड़ी केवल स्वाद का एक जबरदस्त धमाका ही नहीं है, बल्कि यह सेहत का भी एक बेहतरीन पावरहाउस मानी जाती है। तालाब के कीचड़ और पानी से निकलकर सीधे हमारी थाली तक पहुंचने वाली यह अनोखी सब्जी जब पारंपरिक देसी मसालों के साथ कड़ाही में भूनती है, तो इसकी सोंधी खुशबू से ही खाने वालों की भूख दोगुनी हो जाती है। आइए जानते हैं कि आप घर पर ही बहुत ही आसान स्टेप्स के साथ इस खास बघेलखंडी जायके को कैसे झटपट तैयार कर सकते हैं।

सफाई और उबालने का सही तरीका

सतना निवासी मीना द्विवेदी ने इस पारंपरिक व्यंजन के बारे में जानकारी देते हुए बताया कि भसीड़ की सब्जी बनाने की प्रक्रिया में सबसे पहला और सबसे महत्वपूर्ण कदम इसकी बेहद बारीकी से सफाई करना होता है। चूंकि यह कमल ककड़ी तालाब की उपजाऊ मिट्टी और कीचड़ में उगती है, इसलिए इसके अंदर बने हुए छिद्रों और नलिकाओं में काफी गंदगी और मिट्टी छिपी रह जाती है। खाना बनाने की शुरुआत करने के लिए सबसे पहले इसे चाकू की मदद से अच्छी तरह छीलकर गोल या फिर थोड़े तिरछे आकार के टुकड़ों में काट लेना चाहिए। इसके बाद इन कटे हुए टुकड़ों को एक बड़े बर्तन में पानी भरकर कम से कम तीन से चार बार हाथों से रगड़-रगड़ कर पानी से अच्छी तरह धोना जरूरी है। जब इसकी सारी मिट्टी पूरी तरह साफ हो जाए, तब इन टुकड़ों को एक प्रेशर कुकर में डालना होता है। कुकर में जरूरत के मुताबिक पर्याप्त पानी, थोड़ी सी हल्दी पाउडर और आधा चम्मच नमक मिलाकर मध्यम आंच पर दो से तीन सीटियों तक पकाना पड़ता है। सीटी आने के बाद जब भसीड़ के टुकड़े अंदर से बिल्कुल नरम हो जाएं, तब कुकर का ढक्कन खोलकर उसका पानी छान लें और इन टुकड़ों को एक तरफ सूखने के लिए रख दें।

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मसालेदार ग्रेवी और पकाने की देसी विधि

सब्जी को असली पारंपरिक स्वाद देने के लिए अब बारी आती है बघेलखंडी अंदाज में तड़का लगाने की। इसके लिए एक कड़ाही में शुद्ध सरसों का तेल डालकर उसे अच्छी तरह तेज गर्म करना होता है और फिर उसमें जीरा, हींग तथा तेजपत्ता डालकर भूनना पड़ता है ताकि वे अच्छे से चटक जाएं। इसके बाद कड़ाही में बारीक कटा हुआ प्याज, हरी मिर्च और अदरक-लहसुन का पेस्ट डालकर उसे सुनहरा भूरा होने तक पकाना चाहिए। अब गैस की आंच को धीमा करके उसमें हल्दी पाउडर, धनिया पाउडर, कश्मीरी लाल मिर्च और गरम मसाला डालकर मसालों को हल्का सा सेकना होता है। इस प्रक्रिया के तुरंत बाद पिसे हुए टमाटर और स्वादानुसार नमक डालकर मसाले को तब तक भूनना चाहिए जब तक कि मसाला किनारों से तेल न छोड़ने लगे। जब मसाला पूरी तरह तैयार हो जाए, तो उसमें पहले से उबले हुए भसीड़ के टुकड़ों को मिला दें। यदि आपको सूखी सब्जी खाना पसंद है, तो इसे धीमी आंच पर पांच मिनट के लिए ढककर भूनें, लेकिन अगर आप रसेदार या ग्रेवी वाली सब्जी पसंद करते हैं, तो इसमें एक से डेढ़ कप गुनगुना पानी मिलाकर सात से आठ मिनट तक पकने दें ताकि मसालों का असली स्वाद भसीड़ के रेशे-रेशे और अंदर तक अच्छी तरह रच-बस जाए।

सेहत के लिए खजाने जैसी सब्जी

पकने की प्रक्रिया पूरी होने के बाद गैस को बंद कर दें और उसके ऊपर से ढेर सारा बारीक कटा हुआ हरा धनिया डालकर इसे गरमागरम परोसें। इस लजीज व्यंजन को आप गरमागरम रोटियों, पराठों या फिर सादे उबले हुए चावलों के साथ खाएंगे, तो खाने का मजा दोगुना हो जाएगा और आप उंगलियां चाटते रह जाएंगे। स्वाद के मामले में बेजोड़ होने के साथ-साथ यह सब्जी आपकी सेहत के लिए भी एक बेहतरीन सुपरफूड साबित होती है। इसमें प्राकृतिक रूप से भरपूर मात्रा में डाइटरी फाइबर पाया जाता है, जो आपके पेट और पाचन तंत्र को एकदम दुरुस्त रखने में मदद करता है। इसके अलावा, वजन कम करने या घटाने की कोशिश कर रहे लोगों के लिए भी यह एक बिल्कुल सही और सेहतमंद विकल्प है। इसमें मौजूद विटामिन सी और आयरन जैसे जरूरी पोषक तत्व शरीर को अंदर से मजबूती प्रदान करते हैं और विभिन्न प्रकार की बीमारियों से लड़ने की ताकत को बढ़ाते हैं।

सवाल-जवाब

भसीड़ किसे कहा जाता है?
भसीड़ को सामान्य बोलचाल में कमल ककड़ी या लोटस स्टेम कहा जाता है।
भसीड़ की सब्जी बनाने के लिए मुख्य सामग्री क्या है?
इसे बनाने के लिए कमल ककड़ी, सरसों का तेल, प्याज, टमाटर, अदरक-लहसुन पेस्ट और बुनियादी भारतीय मसालों की आवश्यकता होती है।
कुकर में भसीड़ को कितनी सीटियों तक पकाना चाहिए?
सफाई और काटने के बाद इसे मध्यम आंच पर 2 से 3 सीटी आने तक पकाना चाहिए।
यह सब्जी सेहत के लिए कैसे फायदेमंद है?
इसमें भरपूर मात्रा में डाइटरी फाइबर, विटामिन सी और आयरन होता है, जो पाचन को दुरुस्त रखता है और वजन घटाने में मदद करता है।
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