बरसात का मौसम और बघेलखंड का खास जायका
जब मानसून की पहली बूंदें धरती को भिगोती हैं, तो बघेलखंड के घरों में एक अनोखी सुगंध फैलने लगती है। यह सुगंध है पारंपरिक जामुन की चटनी की, जो इस इलाके की रसोई की असली पहचान बन चुकी है। हर साल इस मौसम में जब बाजार ताजे जामुन से पट जाता है, तब घर-घर में इस चटनी को बनाने की तैयारी शुरू हो जाती है। इसका खट्टा-मीठा और तीखा स्वाद एक बार चखने के बाद बार-बार खाने का मन करता है।
स्वाद के साथ सेहत का खजाना
TrendKia से खास बातचीत में सतना की स्थानीय निवासी अंजलि चतुर्वेदी ने बताया कि बघेलखंड में जामुन की चटनी को महज एक साइड डिश नहीं माना जाता। यहां के लोग इसे एक तरह की देसी औषधि की तरह भी देखते हैं। जामुन के गूदे में कई तरह के पोषक तत्व होते हैं जो पेट और पाचन तंत्र के लिए बहुत फायदेमंद हैं। जब इस गूदे में हरी मिर्च, लहसुन और पुदीना जैसी चीजें मिल जाती हैं, तो स्वाद और गुण दोनों दोगुने हो जाते हैं। अंजलि ने यह भी कहा कि फास्टफूड के इस दौर में भी बघेलखंड के घरों में इस पारंपरिक देसी चटनी को आज भी सबसे ज्यादा पसंद किया जाता है।
बनाने के लिए जरूरी सामग्री
इस चटनी की सबसे बड़ी खूबी यह है कि इसके लिए बाजार से कुछ खास लाने की जरूरत नहीं पड़ती। जो सामग्री चाहिए वह आमतौर पर हर रसोई में पहले से ही मौजूद होती है।
- एक कप ताजे और पके हुए जामुन का गूदा यानी पल्प
- एक मुट्ठी बारीक कटा हुआ ताजा हरा धनिया
- ताजगी के लिए थोड़े से पुदीने के पत्ते
- तीखेपन के लिए स्वादानुसार हरी मिर्च
- दो से तीन कलियां लहसुन
- आधा छोटा चम्मच भुना हुआ जीरा पाउडर
- स्वादानुसार काला नमक और सादा नमक
- पीसने के लिए दो चम्मच पानी
मिनटों में तैयार हो जाती है यह लाजवाब चटनी
अंजलि चतुर्वेदी के मुताबिक इस चटनी को बनाने की विधि इतनी सरल है कि कोई भी इसे आसानी से घर पर बना सकता है। सबसे पहले ताजे पके जामुनों को पानी से अच्छी तरह धो लें। फिर चाकू की मदद से या हाथों से दबाकर जामुन के बीज को गूदे से पूरी तरह अलग कर लें और साफ पल्प एक कटोरी में निकाल लें। अब मिक्सी के जार में यह गूदा डालें और उसमें हरा धनिया, पुदीने के पत्ते, हरी मिर्च, लहसुन की कलियां, भुना जीरा पाउडर, काला नमक और सादा नमक एक साथ डाल दें। ऊपर से दो चम्मच पानी मिलाएं ताकि सभी चीजें आपस में अच्छी तरह पिस सकें। अब मिक्सी चलाएं और अपनी पसंद के अनुसार बारीक या थोड़ा दरदरा पीस लें।
समोसे, कचौड़ी और पराठों के साथ आएगा असली मजा
मिक्सी बंद करते ही आपकी खुशबूदार बघेलखंडी जामुन की चटनी एकदम तैयार हो जाती है। इसे जार से निकालकर एक कटोरी में रखें। इसकी सोंधी और तीखी महक ही मुंह में पानी लाने के लिए काफी है। इसे गरमागरम समोसे, खस्ता कचौड़ी या सुबह के आलू-पनीर भरे पराठों के साथ परोसें। दाल-चावल के साथ भी यह चटनी खाने का स्वाद चार गुना बढ़ा देती है। तो इस मानसून में घर पर यह आसान और लाजवाब रेसिपी जरूर आजमाएं और बघेलखंड के असली देसी स्वाद का आनंद उठाएं।













