खुशियों के पर्व और पारिवारिक आयोजनों का समय आते ही हर घर में मिठाइयों की मांग बढ़ जाती है। दुकानों पर मिलने वाली मिलावटी मिठाइयों से बचने का सबसे बेहतरीन उपाय यह है कि इन्हें घर पर ही तैयार किया जाए। पारंपरिक मिठाइयों में मावा पेड़े का स्थान हमेशा खास रहता है क्योंकि इसका हल्का दानेदार रूप और मुंह में घुल जाने वाली मिठास हर किसी को पसंद आती है। लोगों के मन में अक्सर यह गलतफहमी रहती है कि ऐसे बेहतरीन पेड़े केवल हलवाई ही बना सकते हैं जबकि थोड़ी सी सावधानी के साथ इन्हें घर की रसोई में आसानी से पकाया जा सकता है। इसके लिए न तो किसी कठिन चाशनी की आवश्यकता होती है और न ही बहुत अधिक समय की बर्बादी होती है।
बाजार जैसी गुणवत्ता पाने के लिए मुख्य रूप से अच्छी क्वालिटी का खोया और चीनी की सही मात्रा का ध्यान रखना जरूरी होता है। इस प्रक्रिया में मावा को सही तापमान पर भूनना और मिश्रण को समय पर आकार देना ही सबसे बड़ा मंत्र है। भाई दूज, जन्मदिन या किसी भी खुशी के मौके पर इन पेड़ों को परोसकर मेहमानों का स्वागत किया जा सकता है। बिना किसी मिलावट के शुद्ध घी और दूध के स्वाद वाले इन पेड़ों को बनाने की पूरी प्रक्रिया बेहद सरल है जिसे कोई भी आसानी से अपना सकता है।
मावा पेड़ा तैयार करने के लिए आवश्यक सामग्री
इस पारंपरिक मिठाई को बनाने के लिए किसी लंबी चौड़ी सूची की जरूरत नहीं पड़ती है। मुख्य घटक के रूप में 500 ग्राम ताजा मावा या खोया की आवश्यकता होती है, जिसके साथ लगभग 100 से 125 ग्राम पिसी हुई चीनी और आधा छोटा चम्मच इलायची पाउडर की जरूरत होती है। पेड़ों के अंदर मनमोहक खुशबू और स्वाद बढ़ाने के लिए एक छोटा चम्मच घी का उपयोग किया जाता है। इनकी खूबसूरती बढ़ाने के लिए बारीक कटे हुए बादाम या पिस्ता का इस्तेमाल किया जा सकता है। यदि थोड़ा अलग रंग पसंद हो तो केसर के कुछ धागों को भी मिलाया जा सकता है, हालांकि इसके बिना भी स्वाद में कोई कमी नहीं आती है। चीनी की मात्रा को अपनी पसंद के अनुसार थोड़ा कम या ज्यादा भी किया जा सकता है, बशर्ते खोया पूरी तरह ताजा हो और उसमें किसी प्रकार की खटास न हो।
खोया को पहले से तैयार करने की सही विधि
कुकिंग शुरू करने से पहले मावा को किसी चौड़े बर्तन में निकालकर अच्छी तरह से बिखेर लेना चाहिए। यदि खोया फ्रिज में रखा गया था तो उसे रूम टेंपरेचर पर आने देना आवश्यक है ताकि वह आसानी से टूट सके। हाथों से मसलकर या कद्दूकस की सहायता से इसे बारीक कर लेने से कड़ाही में यह एक समान रूप से पकता है। ऐसा करने से मिश्रण में बड़ी गांठें नहीं बनती हैं और हर हिस्से में गर्मी समान रूप से पहुंचती है। यदि खोया पहले से ही मुलायम है तो इस चरण को और भी आसानी से पूरा किया जा सकता है, जो अंत में पेड़ों की बनावट को परफेक्ट बनाने में मदद करता है।
धीमी आंच पर मावा भूनने की प्रक्रिया
अब एक भारी तले वाले बर्तन को गैस पर रखकर उसमें थोड़ा सा घी डालना होता है। घी के गर्म होते ही मावा को उसमें डाल दें और आंच को धीमा रखते हुए लगातार करछी चलाते रहें। इस बात का विशेष ध्यान रखना बेहद जरूरी है कि मावा बर्तन की तली में न चिपके और जले नहीं। कुछ ही समय में खोया पिघलकर नरम होने लगेगा और उससे सोंधी सी दूध की महक आने लगेगी। जैसे-जैसे नमी कम होगी, मावा का रूप बदलने लगेगा। यदि सफेद रंग के पेड़े चाहिए तो इसे अधिक भूरा न होने दें, वहीं सुनहरे रंग के शौकीन इसे थोड़ा और सेक सकते हैं। तेज आंच पर इसे पकाने से मिठाई का स्वाद कड़वा हो सकता है, इसलिए पूरी प्रक्रिया धीमी आंच पर ही की जानी चाहिए।
चीनी मिलाते समय तापमान का रखें ध्यान
मावा भुन जाने के बाद गैस बंद कर दें और मिश्रण को कुछ देर के लिए ठंडा होने के लिए छोड़ दें। तापमान इतना होना चाहिए कि हाथ आसानी से छुआ जा सके लेकिन मिश्रण पूरी तरह कड़ा न पड़े। अब इसमें पिसी हुई चीनी और इलायची पाउडर को अच्छी तरह से मिला लें ताकि मिठास हर जगह एक समान फैल जाए। यदि बहुत गर्म मावा में ही चीनी मिला दी जाए तो वह पिघलकर मिश्रण को अत्यधिक पतला कर देगी, जिससे पेड़ों को गोल आकार देना असंभव हो जाएगा। सही तापमान बनाए रखने से ही मिठाई की बनावट बाजार जैसी दानेदार और शानदार बनती है।
पेड़ों को मनचाहा आकार देने का तरीका
मिश्रण के तैयार होने के बाद हथेलियों पर थोड़ा सा घी लगाकर उसे चिकना कर लें। अब छोटे-छोटे हिस्से लेकर उन्हें गोल आकार दें और अंगूठे की मदद से बीच में हल्का सा दबाकर पारंपरिक पेड़े का लुक दें। इसी तरह से सारे मिश्रण से एक जैसे पेड़े तैयार किए जा सकते हैं। यदि मिश्रण जरूरत से ज्यादा नरम महसूस हो तो उसे थोड़ी देर और सेट होने के लिए छोड़ देना चाहिए, जबकि अधिक सूखा लगने पर थोड़ा सा नरम खोया मिलाकर संतुलन बनाया जा सकता है।
सजावट और परोसने की तैयारी
तैयार किए गए पेड़ों के ऊपर बारीक कटे हुए पिस्ता और बादाम के टुकड़े चिपका दें ताकि उनका आकर्षण बढ़ जाए। आप चाहें तो हर पेड़े के केंद्र में पिस्ते का एक टुकड़ा दबाकर उसे और भी सुंदर बना सकते हैं। सजावट पूरी होने के बाद इन्हें कुछ समय के लिए प्लेट में खुला छोड़ दें ताकि वे अच्छी तरह से सेट हो जाएं। एक बार सेट होने के बाद इन्हें मेहमानों के सामने परोसा जा सकता है, जो हर किसी को अपनी ओर आकर्षित करेंगे।
दानेदार बनावट पाने के मुख्य नुस्खे
मिठाई बनाते समय उसकी बनावट सबसे ज्यादा मायने रखती है। यदि मावा में नमी अधिक रह जाए या उसे जरूरत से ज्यादा भून दिया जाए तो पेड़े चिपचिपे या सख्त हो जाते हैं। एक बेहतरीन और दानेदार पेड़ा तभी बनता है जब अच्छी क्वालिटी के खोया का इस्तेमाल किया जाए और उसे धैर्य के साथ धीमी आंच पर पकाया जाए। मावा को बिल्कुल सुखाकर कड़ा करने की कोई आवश्यकता नहीं होती है, बल्कि अतिरिक्त नमी को नियंत्रित करना ही असली कारीगरी है।





















