फल बाजार में जाकर सबसे मीठा और स्वादिष्ट अमरूद चुनना कई बार मुश्किल साबित होता है। सही जानकारी न होने के कारण लोग अक्सर ऐसा अमरूद खरीद लेते हैं जो अंदर से फीका, कच्चा या अत्यधिक पका हुआ निकलता है। हालांकि, फल के रंग, बनावट, खुशबू और वजन पर थोड़ा ध्यान देकर हर बार बेहतरीन अमरूद का चयन किया जा सकता है। कृषि और स्वास्थ्य विशेषज्ञ अमरूद की खरीदारी के दौरान 6 बुनियादी बातों की जांच करने की सलाह देते हैं, जिससे पैसों की बर्बादी न हो और सेहत को भी पूरा फायदा मिले।
रंग और छिलके की सही पहचान
अमरूद की मिठास और उसके पकने के स्तर का सबसे पहला संकेत उसके रंग से मिलता है। गहरे हरे रंग का अमरूद पूरी तरह कच्चा होता है और खाने में फीका लगता है। दूसरी ओर, अत्यधिक पीला रंग अमरूद के जरूरत से ज्यादा पक जाने का इशारा करता है, जिससे उसका स्वाद बिगड़ सकता है। विशेषज्ञ हल्का पीला और हल्का हरा मिला-जुला रंग सबसे उत्तम मानते हैं। इसके अलावा, अमरूद के छिलके की सतह का साफ और चिकना होना जरूरी है। बलिया स्थित कृषि एक्सपर्ट प्रो. अशोक कुमार सिंह के मुताबिक, अमरूद के छिलके पर सामान्य प्राकृतिक निशान होना स्वाभाविक है। लेकिन यदि उस पर अत्यधिक काले धब्बे, झुर्रियां या गहरा दाग दिखे, तो वह अंदरूनी खराबी की निशानी हो सकता है।
मुलायमी और वजन से समझें गुणवत्ता
अमरूद को छूकर उसकी परिपक्वता को आसानी से आंका जा सकता है। एक आदर्श मीठा अमरूद बहुत ज्यादा सख्त नहीं होना चाहिए। उसे उंगलियों से हल्का सा दबाने पर थोड़ी मुलायमी महसूस होनी चाहिए। अगर फल पत्थर की तरह कठोर है, तो वह अंदर से कच्चा और बेस्वाद रहेगा। वहीं, अगर दबाने पर फल बहुत अधिक दबता है या पिलपिला लगता है, तो वह अत्यधिक पका या सड़ा हुआ हो सकता है। इसके साथ ही, फल के आकार के अनुपात में उसका वजन जांचना भी उतना ही महत्वपूर्ण है। रस से भरे और गुणवत्तापूर्ण अमरूद अपने आकार की तुलना में थोड़े भारी महसूस होते हैं। हल्का अमरूद अक्सर अंदर से सूखा या अधपका निकलता है। इसीलिए मध्यम आकार का और वजन में भारी अमरूद चुनना सबसे फायदेमंद रहता है।
सुगंध और अंदरूनी गूदे की जांच
अमरूद के पूरी तरह पकने पर उससे एक हल्की और मीठी खुशबू आने लगती है। यदि फल से कोई सुगंध नहीं आ रही है, तो इसका मतलब है कि उसे अभी पेड़ से जल्दी तोड़ लिया गया था और वह अच्छी तरह पका नहीं है। हालांकि, फल से तेज या अजीब दुर्गंध आने पर उसे तुरंत खारिज कर देना चाहिए, क्योंकि यह सड़न का संकेत है। वहीं, अगर अमरूद को कटवाकर देखने का मौका मिले, तो उसका गूदा बिल्कुल साफ और ताजा दिखाई देना चाहिए। सफेद या हल्का गुलाबी गूदा बढ़िया स्वाद वाले अमरूद की निशानी माना जाता है। यदि गूदे का रंग भूरा हो गया हो या वह अत्यधिक पानीदार दिखे, तो ऐसा अमरूद खाने का स्वाद बिगाड़ सकता है।
पोषक तत्व और सेवन के स्वास्थ्य नियम
अमरूद न केवल स्वाद में बेहतरीन होता है, बल्कि सेहत के लिए भी बहुत लाभकारी माना जाता है। राजकीय आयुर्वेदिक चिकित्सालय नगर बलिया की 5 साल अनुभवी चिकित्साधिकारी डॉ. वंदना तिवारी के अनुसार, अमरूद फाइबर, विटामिन-सी और एंटीऑक्सीडेंट से भरपूर होता है। यह पाचन तंत्र को मजबूत करने, शरीर की रोग प्रतिरोधक क्षमता बढ़ाने, ब्लड शुगर को नियंत्रित रखने, वजन पर काबू पाने और रक्तचाप को संतुलित बनाए रखने में बेहद मददगार है। हालांकि, डॉ. वंदना तिवारी यह चेतावनी भी देती हैं कि अमरूद का अत्यधिक मात्रा में सेवन नहीं करना चाहिए। इसे शाम के समय खाने से बचना चाहिए, और यदि कोई व्यक्ति किसी गंभीर बीमारी से पीड़ित है, तो उसे चिकित्सक की सलाह के बिना इसका सेवन नहीं करना चाहिए।



















