यूट्यूब एक्सपर्ट के आसान टिप्स: प्रूनिंग और खास खाद से गुड़हल में आएंगे ढेरों फूलभारत NCAP सेफ्टी असेसमेंट में टाटा की इस इलेक्ट्रिक कार का जलवा, पंच ईवी को मिली 5 स्टार रेटिंगअमेरिकी आव्रजन एजेंसी आईसीई के नए अनुबंधों में डिटेंशन सेंटरों पर राज्य कानून लागू न होने का दावाडायबिटीज कंट्रोल और तेजी से वजन घटाने में असरदार है क्विनोआ-वेजिटेबल खिचड़ी, देखें पूरी रेसिपीग्लासगो में जैस्मीन लांबोरिया ने क्वार्टरफाइनल जीतकर पक्का किया 10वां पदक, मुक्केबाजी में भारत का सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शनग्लास्गो में भारतीय मुक्केबाजों का शानदार रिकॉर्ड, साक्षी और नरेंदर समेत 5 और खिलाड़ी सेमीफाइनल में पहुंचेकाठमांडू को क्यों कहते हैं मोमो का गढ़ और हर दिन इसे खाने के क्या हैं सेहत संबंधी खतरेन्यू मेक्सिको में ठंडे पड़े जिओथर्मल वेल को एआई और एडवांस ड्रिलिंग से मिला नया जीवनधनु राशिफल 30 जुलाई 2026: राहु और मंगल के प्रभाव से बढ़ेगा प्रयास, आर्थिक संयम और रिश्तों में पारदर्शिता रखेंरात में बाइक चलाते वक्त कम दिख रही सड़क? रोशनी दोगुनी करने के लिए आजमाएं ये 5 असरदार तरीके
बरसात के मौसम में घर पर ऐसे तैयार करें निमाड़ का खास और लजीज हलीमखानपान
11 जुल॰ 2026, 12:14 am (19 दिन पहले)· 2

बरसात के मौसम में घर पर ऐसे तैयार करें निमाड़ का खास और लजीज हलीम

मध्य प्रदेश के बुरहानपुर की मशहूर हलीम रेसिपी अब आपके किचन में। जानें कैसे गेहूं और चने की दाल से तैयार करें यह पौष्टिक और चटपटा व्यंजन।

मध्य प्रदेश के बुरहानपुर जिले में मानसून की दस्तक के साथ ही हलीम बनाने की परंपरा शुरू हो जाती है। यह स्थानीय व्यंजन गेहूं और चने की दाल के अनोखे मेल से बनता है जो न केवल स्वाद में लाजवाब है बल्कि बरसात के ठंडे मौसम में सेहत के लिए भी बेहतरीन है। यदि आप घर पर ही इस पारंपरिक स्वाद का आनंद लेना चाहते हैं, तो इसे बनाना बहुत आसान है। इसमें मुख्य रूप से भीगे हुए गेहूं, चने की दाल, गर्म मसाला, पीली मिर्च, हरी मिर्च, प्याज और तेल का उपयोग किया जाता है। इस खास हलीम की सबसे बड़ी खूबी यह है कि यह दो दिन तक खराब नहीं होता है।

हलीम बनाने की तैयारी

इस व्यंजन को बनाने की प्रक्रिया में धैर्य की आवश्यकता होती है क्योंकि इसे तैयार करने में कुल दो दिन का समय लगता है। स्थानीय विशेषज्ञ फुलाई बाई के अनुसार, बुरहानपुर का प्रसिद्ध हलीम हर घर की पसंद है। इसके लिए आपको सबसे पहले सामग्री जुटानी होगी। इसमें भीगे हुए गेहूं, चने की दाल, पीली मिर्च, हरी मिर्च और धनिया पाउडर का संतुलन बनाना जरूरी है। जब आप इसमें ऊपर से बारीक कटी और तली हुई प्याज डालकर परोसते हैं, तो इसका स्वाद दोगुना हो जाता है।

ये भी पढ़ें

स्टेप-बाय-स्टेप रेसिपी

हलीम तैयार करने के लिए सबसे पहले 1 किलो गेहूं को अच्छी तरह साफ करके पानी में भिगो दें। इन्हें करीब 12 घंटे तक भीगने के लिए छोड़ दें। जब गेहूं अच्छी तरह फूल जाएं, तो एक बड़ा बर्तन या डेग लें। अब इसमें 1 किलो भीगे हुए गेहूं और आधा किलो चने की दाल डालें। साथ ही इसमें 3 लीटर पानी, 100 ग्राम पिसी हुई पीली मिर्च, 300 ग्राम अदरक-लहसुन का पेस्ट, 400 ग्राम तेल, 20 ग्राम नमक और 50 ग्राम हरी मिर्च का पेस्ट मिलाएं।

इन सभी सामग्रियों को बर्तन में डालने के बाद अच्छी तरह मिला लें। अब इस डेग को चूल्हे पर चढ़ाएं और इसे लगभग 2 घंटे तक धीमी आंच पर पकने दें। इस पूरी प्रक्रिया के दौरान सामग्री को अच्छी तरह गलने और आपस में घुलने दें। जब यह अच्छी तरह पक जाए, तो आपका गरमा-गरम हलीम तैयार है। परोसते समय इसके ऊपर कुरकुरी तली हुई प्याज डालें। यह व्यंजन न केवल खाने में आनंददायक है, बल्कि इसे लंबे समय तक सुरक्षित भी रखा जा सकता है, जिससे यह बरसात के दिनों के लिए एक आदर्श विकल्प बन जाता है।

सवाल-जवाब

हलीम को खराब होने से बचाने के लिए क्या करें?
इस रेसिपी की खासियत यह है कि यह 2 दिन तक खराब नहीं होता है, आप इसे सही तापमान पर रखकर सुरक्षित रख सकते हैं।
हलीम बनाने में कितना समय लगता है?
हलीम को तैयार करने में कुल दो दिन का समय लगता है, जिसमें गेहूं को भिगोना और धीमी आंच पर पकाना शामिल है।
हलीम में कौन-कौन सी मुख्य सामग्री इस्तेमाल होती है?
इसमें मुख्य रूप से 1 किलो गेहूं, आधा किलो चने की दाल, पीली मिर्च, अदरक-लहसुन का पेस्ट, तेल और नमक का उपयोग किया जाता है।
क्या हलीम को परोसते समय किसी विशेष चीज की जरूरत होती है?
हां, इसे परोसते समय ऊपर से तली हुई प्याज डालने से इसका स्वाद और अधिक बढ़ जाता है।
संपादकीय नीति सुधार नीति

टिप्पणियाँ 0

अभी तक कोई टिप्पणी नहीं — पहली टिप्पणी आपकी हो!

नागरिक पत्रकारिता

TrendKia पत्रकार बनें

जनता की आवाज़

अपने आसपास की ख़बरें, तस्वीरें और वीडियो ट्रेंडकिआ के साथ साझा करें और अपनी आवाज़ देश तक पहुँचाएँ। हर नागरिक एक पत्रकार।

अभी जुड़ें
CH 01 लाइव
TrendKia TV ON AIR