मौसम में बदलाव आते ही बाजारों में ताजे हरे पत्तेदार प्याज मिलने शुरू हो जाते हैं, जिनसे बनी पारंपरिक सब्जियां स्वाद और सेहत दोनों के लिहाज से बेहतरीन मानी जाती हैं। जालौर की गृहणी कुमकुम के अनुसार, हरे प्याज और टमाटर के मेल से बनने वाली यह देसी सब्जी पांच मिनट से भी कम वक्त में पककर तैयार हो जाती है। जब रसोई में वक्त की कमी हो या हर रोज के सामान्य भोजन से कुछ अलग खाने का मन हो, तब यह झटपट विधि बेहद काम आती है। इसमें न तो किसी फैंसी मसाले की जरूरत पड़ती है और न ही घंटों की लंबी तैयारी की दरकार होती है। घर की साधारण रसोई में उपलब्ध चुनिंदा चीजों से ही इसका जायका निखर जाता है।
सब्जी और मसाले की शुरुआती तैयारी
इस रेसिपी को शुरू करने के लिए सबसे पहले हरे प्याज को साफ पानी से अच्छी तरह धोना आवश्यक होता है, ताकि पत्तों और गांठों पर लगी मिट्टी पूरी तरह साफ हो जाए। इसके बाद इसे चाकू से बारीक काटकर एक अलग बर्तन में रख लें। अब इसके मसालेदार आधार को तैयार करने के लिए 7 से 8 लहसुन की कलियों को अच्छी तरह कूटकर पेस्ट का रूप दें। इसके बाद एक साफ कटोरी लेकर उसमें हल्दी पाउडर, धनिया पाउडर और लाल मिर्च पाउडर निकालें। इसी सूखे मसाले के मिश्रण में कुटा हुआ लहसुन और थोड़ा सा पानी मिलाएं। चम्मच से हिलाते हुए इसका एक गाढ़ा और एकसार घोल तैयार कर लें, जिससे भूनते समय सूखे मसाले जलते नहीं हैं और लहसुन की महक मसालों में पूरी तरह समा जाती है।
कड़ाही में छौंक और मसाले पकाने की विधि
तैयारी पूरी होने के बाद गैस चूल्हे पर एक कड़ाही चढ़ाएं और उसमें कुकिंग ऑयल डालकर गर्म होने दें। जब तेल अच्छे से तप जाए, तब इसमें जीरा चटकाएं और साथ ही 6 से 7 कटी हुई लहसुन की कलियां कड़ाही में छोड़ दें। इसके फौरन बाद कटा हुआ प्याज और हरी मिर्च डालकर मध्यम आंच पर हल्का भूनें। जैसे ही लहसुन और हरी मिर्च की सोंधी खुशबू हवा में घुलने लगे, कटोरी में पहले से तैयार किया गया मसालों और पानी का घोल कड़ाही में पलट दें। इस मसाले को कड़छी से लगातार चलाते हुए तब तक पकाएं जब तक कि तेल मसाले से अलग न दिखने लगे और उसका कच्चापन पूरी तरह दूर न हो जाए।
हरा प्याज मिलाने और नमक डालने का सही नियम
जब मसालों का तड़का अच्छी तरह भुन जाए, तब बारीक कटे हुए हरे प्याज को थोड़ा-थोड़ा करके कड़ाही में डालते जाएं। एक साथ पूरा प्याज डालने के बजाय हिस्सों में डालने से पत्तों पर मसाले की परत समान रूप से चढ़ती है। कड़छी की मदद से प्याज और मसाले को अच्छी तरह मिलाते रहें। इसी चरण में सब्जी में स्वादानुसार नमक मिलाएं। इस पारंपरिक तरीके में नमक डालने का एक खास नियम है। नमक को कभी भी पहले से मसालों के घोल में नहीं मिलाना चाहिए, बल्कि हरा प्याज कड़ाही में जाने के बाद ही ऊपर से बुरकना चाहिए। इससे प्याज पानी छोड़ता है और मसाले अच्छी तरह पत्तों के रेशे-रेशे में समा जाते हैं।
टमाटर डालकर अंतिम दो मिनट की भुनाई
स्वाद को चटपटा और संतुलित बनाने के लिए अंत में कटे हुए टमाटर कड़ाही में डाले जाते हैं। टमाटर डालने के बाद सभी चीजों को एक बार फिर अच्छी तरह मिला लें और धीमी आंच पर लगभग दो मिनट तक पकने दें। दो मिनट की इस हल्की भुनाई में टमाटर पूरी तरह नरम पड़ जाते हैं और हरे प्याज का कुरकुरापन बना रहता है। इस तरह जालौर की यह पारंपरिक देसी सब्जी बिना किसी झंझट के कुछ ही मिनटों में बनकर तैयार हो जाती है। इसे गरमागरम चपाती या पराठे के साथ परोसा जाए तो इसका स्वाद और भी बढ़ जाता है।



















