छपरा और सिवान जिलों को जोड़ने वाले मुख्य मार्ग पर दोपहर ढलते ही चटपटे पकौड़ों की सौंधी खुशबू राहगीरों को अपनी ओर खींचने लगती है। पिछले 10 वर्षों से राजेश का पकौड़ा स्टॉल स्थानीय निवासियों और हाइवे से गुजरने वाले यात्रियों के लिए स्वाद का प्रमुख केंद्र बना हुआ है। हर दोपहर 3:00 बजे से लेकर रात 9:00 बजे तक यहां लोगों की भारी भीड़ जुटती है, जहां वे शुद्धता और परंपरागत तरीके से तैयार किए गए व्यंजनों का आनंद लेते हैं।
5 अलग-अलग फ्लेवर और खास चटनी का अनोखा संगम
राजेश के स्टॉल की सबसे बड़ी खासियत यह है कि यहां ग्राहकों को हर वक्त गरमा-गरम और एकदम ताजा पकौड़े तैयार मिलते हैं। वे कुल 5 अलग-अलग किस्मों के पकौड़े पेश करते हैं, जिनमें ब्रेड पकौड़ा, आलू पकौड़ा, लौकी पकौड़ा, बैंगन पकौड़ा और गोभी पकौड़ा शामिल हैं। इस जायके को और अधिक लाजवाब बनाने के लिए पकौड़ों के साथ तीन तरह की चटपटी चटनियां परोसी जाती हैं। ग्राहक अपनी पसंद के अनुसार हरी धनिया की चटनी, खट्टी-मीठी आम की चटनी और सेहतमंद आंवले की चटनी का स्वाद ले सकते हैं, जो पकौड़ों के स्वाद को दोगुना कर देती हैं।
खुद पीसे मसाले और शुद्ध सरसों तेल है सफलता का राज
बाजार में मिलने वाले मिलावटी सामान से दूर रहते हुए राजेश अपने पकौड़ों की शुद्धता का पूरा ख्याल रखते हैं। वे बाजार से तैयार बेसन या डिब्बाबंद पिसे मसाले खरीदने के बजाय खुद चने की खरीदारी करते हैं और उसे पिसवाकर शुद्ध बेसन तैयार करते हैं। मसालों के मामले में भी वे लहसुन, प्याज, हल्दी, गरम मसाला, गोल मिर्च, जीरा तथा अजवाइन-मंगरैला जैसे खड़े मसालों को खुद तैयार करके इस्तेमाल में लाते हैं। इसके साथ ही, तलाई के लिए केवल शुद्ध सरसों तेल का उपयोग किया जाता है। पिछले 10 सालों से स्वच्छता और गुणवत्ता के प्रति उनका यही समर्पण ग्राहकों के अटूट विश्वास की वजह बना हुआ है।



















