बिहार के छपरा जिले में बसडीला ढाला के पास एक छोटी सी दुकान खाद्य प्रेमियों के लिए आकर्षण का केंद्र बनी हुई है। यहाँ अंबिका राय नाम के दुकानदार बीते 23 वर्षों से महज 2 रुपये में गरमा-गरम समोसा बेच रहे हैं। महंगाई के इस दौर में जहाँ साधारण नाश्ता भी महंगा हो चुका है, वहीं अंबिका राय ने अपनी कीमतों को थाम कर रखा है। उनकी दुकान पर गरीब, अमीर और छोटे बच्चे सभी एक ही चाव से नाश्ता करने पहुंचते हैं। 2 रुपये की मामूली कीमत के कारण जेब खर्च लेकर आने वाले स्कूली बच्चे भी आसानी से पेट भरकर समोसा खा पाते हैं।
बिना लहसुन-प्याज और घरेलू मसालों की खास रेसिपी
अंबिका राय के समोसे की सबसे बड़ी खासियत इसकी शुद्धता और अनोखा स्वाद है। वे अपने समोसे में लहसुन और प्याज का इस्तेमाल बिल्कुल नहीं करते हैं। इसके बावजूद इसका स्वाद इतना बेहतरीन होता है कि एक बार खाने वाला व्यक्ति बार-बार खिंचा चला आता है। समोसे का मसाला वे बाजार से खरीदने के बजाय खुद घर पर ही तैयार करते हैं। इसमें हल्दी, अजवाइन, मिर्च पाउडर और अन्य प्राकृतिक खड़े मसालों का संतुलन रखा जाता है। समोसे को तलने के लिए वे केवल शुद्ध सरसों के तेल का उपयोग करते हैं, जिससे इसका देसी जायका बना रहता है।
किफायती मेन्यू और हर वर्ग के लिए उपलब्धता
केवल समोसा ही नहीं, बल्कि अंबिका राय के मेन्यू में शामिल अन्य व्यंजन भी बेहद सस्ते हैं। वे 2 रुपये में चाप और 1 रुपये में पकौड़ी बेचते हैं। पिछले 23 सालों से उन्होंने इन दामों में कोई बदलाव नहीं किया है, ताकि समाज का हर तबका बिना किसी झिझक के इसका स्वाद ले सके। रास्ते से गुजरने वाले लोग अक्सर अपनी गाड़ियाँ रोककर यहाँ नाश्ता करते हैं। दुकान पर 2 से 4 समोसे खाने के बाद लोग अक्सर अपने परिवार के लिए 20-20 समोसे पैक करवाकर घर ले जाते हैं।
'बाबा दुकान' की पहचान और आयोजनों में थोक ऑर्डर
क्षेत्र में यह ठिकाना 'बाबा दुकान' के नाम से बेहद मशहूर हो चुका है। आम ग्राहकों के अलावा बड़े-बड़े आयोजनों के लिए भी लोग इन्हीं की दुकान का रुख करते हैं। शादी, सालगिरह, जन्मदिन या किसी भी पारिवारिक पार्टी के लिए लोग अंबिका राय को थोक में समोसे बनाने का ऑर्डर देते हैं। समाज के संभ्रांत लोग भी अपने कार्यक्रमों में मेहमानों को यही समोसा परोसना पसंद करते हैं। अंबिका राय का कहना है कि जब तक लोगों का प्यार और समर्थन उन्हें मिलता रहेगा, वे इसी तरह बेहद किफायती दामों पर लोगों को शुद्ध स्वाद चखाते रहेंगे।



















