मछली की करी सेहत और स्वाद दोनों के लिहाज़ से लाजवाब मानी जाती है, फिर भी बहुत सारे लोग सिर्फ़ इसलिए इससे दूरी बना लेते हैं क्योंकि खाते समय छोटे-छोटे कांटे गले में अटकने का डर बना रहता है। असल बात यह है कि अगर शुरुआत से ही समझदारी दिखाई जाए, तो लगभग कांटे-रहित और बेहद स्वादिष्ट फिश करी घर पर ही तैयार की जा सकती है। नीचे पूरी प्रक्रिया को क्रम से समझ लीजिए।
सबसे बड़ा फ़ैसला: मछली का चुनाव
कांटे की झंझट से बचने की असली कुंजी रसोई में नहीं, बल्कि बाज़ार में मछली खरीदते वक़्त छिपी है। इस मामले में Basa फिलेट सबसे भरोसेमंद विकल्प है, क्योंकि यह लगभग बिना कांटे वाली मछली होती है। Tilapia फिलेट भी एक बढ़िया चुनाव साबित होता है। अगर आपका मन रोहू खाने का है, तो उसका बड़ा कट लें और उसे अच्छी तरह साफ़ करवाना न भूलें।
कांटे निकालने का पक्का इंतज़ाम
मछली साफ़ हो जाने के बाद भी एक बार अपने हाथ से टटोलकर ज़रूर देख लें कि कोई बारीक कांटा बाकी तो नहीं रह गया। ज़रूरत पड़े तो किचन ट्वीज़र की मदद से छोटे कांटे आसानी से खींचे जा सकते हैं। सबसे अच्छा तरीका तो यही है कि मछली बेचने वाले से ही पहले बोल दें कि वह बोन कम करके कट दे।
पकाने से पहले की तैयारी
अब मछली को साफ़ पानी से धोकर उस पर हल्दी और नमक लगा दें और इसे यूं ही 10–15 मिनट के लिए रख दें। इस छोटे-से कदम से मछली की गंध काफ़ी हद तक कम हो जाती है और बाद में स्वाद भी निखरकर आता है।
हल्की फ्राई से बनेगी बात
इसके बाद एक पैन में सरसों का तेल गर्म करें और मछली के टुकड़ों को हल्का सुनहरा होने तक फ्राई कर लें। यह कदम दो काम करता है — फिश पकाते समय टूटती नहीं और उसका स्वाद भी और गहरा हो जाता है।
मसाले का सही आधार
उसी तेल में अब प्याज डालकर सुनहरा होने तक भूनें। फिर अदरक-लहसुन डालकर तब तक पकाएं जब तक उसका कच्चापन पूरी तरह खत्म न हो जाए। इसके बाद टमाटर का पेस्ट डालकर उतनी देर भूनें कि तेल किनारे से अलग होने लगे। अब हल्दी, लाल मिर्च और धनिया पाउडर मिलाएं और मसाले को इतना पकाएं कि उसकी कच्ची महक पूरी तरह उड़ जाए।
ग्रेवी और आख़िरी फिनिशिंग
मसाला तैयार होते ही इसमें पानी डालकर ग्रेवी बना लें और फिर इसमें पहले से फ्राई की हुई फिश डाल दें। अब इसे धीमी आंच पर 8–10 मिनट तक पकने दें और ध्यान रखें कि मछली को बार-बार न चलाएं, वरना टूट सकती है। आख़िर में गरम मसाला और हरा धनिया डालकर गैस बंद कर दें।
स्वाद बढ़ाने वाली ज़रूरी बातें
फिश करी का असली ज़ायका सरसों के तेल से ही आता है, इसलिए इसी का इस्तेमाल करें। लहसुन और प्याज को अच्छी तरह भूनना न भूलें। अगर आपको हल्का खट्टापन पसंद है तो ऊपर से थोड़ा नींबू का रस निचोड़ सकते हैं। और सबसे बड़ी सलाह — हमेशा फिलेट वाली मछली चुनें ताकि कांटे की चिंता ही न रहे।













