बुंदेलखंड अपनी ऐतिहासिक धरोहर और अनूठी सांस्कृतिक पहचान के अलावा अपने लाजवाब खान-पान के लिए भी जाना जाता है। इस अंचल के कई पारंपरिक व्यंजन देश और दुनिया में मशहूर हो चुके हैं। आज के समय में फास्ट फूड और अधिक तेल-मसालेदार भोजन के बढ़ते चलन के बीच सेहत को नुकसान पहुंच रहा है। ऐसे दौर में जो लोग कम तेल और हल्के मसालों से भरपूर स्वादिष्ट भोजन की तलाश में रहते हैं, उनके लिए बुंदेलखंड की खास कद्दू की सब्जी एक बेहतरीन विकल्प साबित होती है। यह पारंपरिक व्यंजन स्वाद में जितना लाजवाब है, स्वास्थ्य के लिहाज से भी उतना ही गुणकारी माना जाता है।
सब्जी बनाने के लिए आवश्यक सामग्री
इस खास सब्जी को तैयार करने के लिए सबसे प्रमुख सामग्री मीठा कद्दू है। इसके अलावा स्वाद को संतुलित करने के लिए जरूरत के अनुसार गुड़ का इस्तेमाल किया जाता है। तड़का लगाने और पकाने के लिए तेल, जीरा, नमक, मिर्च, हल्दी, धनिया, गरम मसाला और टेस्टी नमक की आवश्यकता होती है। यह साधारण सामग्री ही मिलकर इस डिश को एक अनोखा खट्टा-मीठा स्वाद प्रदान करती है।
पारंपरिक विधि से तैयार करने का तरीका
इस व्यंजन को बनाने की पारंपरिक विधि साझा करते हुए द्रोपती बाई बताती हैं कि सबसे पहले उपलब्ध कद्दू को अच्छी तरह छीला जाता है। इसके बाद चाकू या हंसिया की मदद से उसके छोटे-छोटे टुकड़े काट लिए जाते हैं। कटे हुए इन टुकड़ों को साफ पानी में धोकर अलग रख लिया जाता है।
इसके बाद चूल्हे की धीमी आंच पर कड़ाही चढ़ाई जाती है और उसमें छौंक यानी झोंका लगाने के लिए तेल गर्म किया जाता है। गर्म तेल में जीरा और बाकी आवश्यक मसाले डाले जाते हैं। जैसे ही मसालों का झोंका भुनकर तैयार होता है, कड़ाही में कद्दू के कटे हुए टुकड़े डाल दिए जाते हैं। इसी समय इसमें आवश्यकतानुसार गुड़ भी मिलाया जाता है। इसके बाद थोड़ा पानी डालकर कड़ाही को किसी बर्तन से ढक दिया जाता है। सब्जी को लगभग आधा घंटे तक धीमी आंच पर पकने के लिए छोड़ दिया जाता है। जब सब्जी अच्छी तरह पक जाती है, तो अंत में ऊपर से बारीक कटी हरी धनिया पत्ती डाली जाती है, जिससे इसका स्वाद और सुगंध दोनों और निखर जाते हैं।
पूरी के साथ परोसें और जानें इसके स्वास्थ्य लाभ
तैयार कद्दू की सब्जी को जब गरमा-गरम पूरी के साथ थाली में परोसा जाता है, तो इसका स्वाद लाजवाब लगता है। इस व्यंजन की सबसे बड़ी विशेषता यह है कि इसमें तेल और तीखे मसालों का इस्तेमाल बहुत ही कम मात्रा में होता है, जिससे यह पाचन तंत्र पर भारी नहीं पड़ता और सेहत पर कोई प्रतिकूल असर नहीं होता।
डॉक्टरों के मुताबिक मीठे कद्दू में विटामिन ए भरपूर मात्रा में मौजूद होता है, जो आंखों की रोशनी और त्वचा के स्वास्थ्य के लिए अत्यंत लाभकारी है। इसके अलावा कद्दू में प्रचुर मात्रा में एंटीऑक्सीडेंट तत्व भी पाए जाते हैं। इसमें मौजूद विटामिन बी1 ऊर्जा के मेटाबॉलिज्म को सुचारू बनाने में सहायता करता है, जबकि फोलेट (विटामिन बी9) शरीर में नई कोशिकाओं और रक्त के निर्माण में महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है। साथ ही कद्दू में पोटैशियम, मैग्नीशियम और फाइबर की अच्छी मात्रा पाई जाती है, जो इसे संपूर्ण पोषण से भरपूर एक आदर्श आहार बनाती है।



















