भारतीय भोजन की थाली में अगर एक चम्मच तीखा और चटपटा अचार मिल जाए, तो साधारण दाल-चावल या सादी रोटी-सब्जी का स्वाद भी कई गुना बढ़ जाता है। आम, नींबू और हरी मिर्च के साथ-साथ गाजर का अचार भी हर मौसम में लोगों की पहली पसंद रहता है। ताजी और कुरकुरी गाजर से बना मसालेदार अचार न केवल खाने की रंगत बदल देता है, बल्कि इसे बनाना भी बेहद सरल है। इसे तैयार करने के लिए किसी खास तैयारी की जरूरत नहीं पड़ती और रसोई में मौजूद बुनियादी मसालों की मदद से इसे झटपट बनाया जा सकता है।
अचार के लिए जरूरी सामग्री
घर पर स्वादिष्ट गाजर का अचार तैयार करने के लिए सबसे पहले अच्छी गुणवत्ता वाली ताजी गाजर का चयन करना चाहिए। इसके साथ ही आपको सरसों का तेल, राई अथवा पीली सरसों, सौंफ, मेथी दाना, हल्दी पाउडर, लाल मिर्च पाउडर, नमक और हींग की आवश्यकता होगी। अचार में मनपसंद खटास जोड़ने के लिए ताजा नींबू का रस या थोड़ा सिरका भी इस्तेमाल किया जाता है। ये सभी सामग्रियां मिलकर अचार को पारंपरिक और लाजवाब स्वाद देती हैं।
गाजर की सफाई और कटाई का सही तरीका
अचार बनाने की प्रक्रिया में सबसे पहला और महत्वपूर्ण कदम गाजर को सही तरीके से तैयार करना है। गाजर को साफ ताजे पानी से अच्छी तरह धोएं ताकि उस पर लगी सारी मिट्टी और गंदगी पूरी तरह निकल जाए। धोने के बाद गाजर के छिलके उतार लें और फिर चाकू की मदद से उन्हें पतले लंबे टुकड़ों या छोटी तीलियों की बनावट में काट लें। कटी हुई गाजर को एक सूखे व साफ सूती कपड़े पर फैलाकर अच्छी तरह सुखा लें। गाजर के टुकड़ों पर पानी की एक भी बूंद नहीं रहनी चाहिए, क्योंकि अतिरिक्त नमी की वजह से अचार बहुत जल्दी खराब हो सकता है।
मसालों की भुनाई और तैयारी
अचार की असली खुशबू उसके भुने हुए मसालों पर निर्भर करती है। एक कड़ाही को धीमी आंच पर गर्म करें और उसमें सौंफ, मेथी दाना तथा राई या पीली सरसों डालें। इन खड़े मसालों को धीमी आंच पर हल्का सा भून लें। ध्यान रहे कि मसाले जलने न पाएं, क्योंकि जरूरत से ज्यादा सिकने पर इनमें कड़वाहट आ सकती है। भूनने के बाद मसालों को आंच से उतारकर ठंडा होने दें। जब वे पूरी तरह ठंडे हो जाएं, तो उन्हें मिक्सर में हल्का सा चलाकर या खलबट्टे में कूटकर दरदरा पीस लें। यह दरदरापन अचार के हर टुकड़े पर बेहतरीन स्वाद जमा देता है।
तेल पकाना और गाजर में मसाले मिलाना
पारंपरिक तरीके से अचार का स्वाद उभारने के लिए कड़ाही में सरसों का तेल डालकर अच्छी तरह गर्म करें। जब तेल से धुआं निकलने लगे तो आंच को बंद कर दें और तेल को थोड़ा ठंडा होने के लिए छोड़ दें। जब तेल हल्का गुनगुना रह जाए, तब उसका इस्तेमाल करें। गर्म तेल के साथ काम करते समय पूरी सावधानी बरतनी चाहिए। अब एक बड़े और पूरी तरह सूखे बर्तन में कटी हुई सूखी गाजर डालें। इसके ऊपर पिसी हल्दी, लाल मिर्च पाउडर, स्वाद अनुसार नमक, हींग और पहले से तैयार दरदरे भुने मसाले डाल दें।
अचार को सुरक्षित रखने के तरीके
मसाले डालने के बाद सभी चीजों को अच्छी तरह मिला लें और फिर ऊपर से तैयार सरसों का तेल डालकर चम्मच से चलाएं ताकि तेल और मसाले गाजर के हर टुकड़े पर एकसमान लिपट जाएं। खट्टे स्वाद के लिए इसी समय थोड़ा नींबू का रस या सिरका भी मिला लें। तैयार अचार को कांच के एक साफ, धुले और सूखे जार में अच्छी तरह दबाकर भरें। जार का ढक्कन कसकर बंद कर दें। हालांकि यह अचार तुरंत परोसने के लिए भी तैयार रहता है, लेकिन कुछ घंटों तक मसालों में रहने के बाद इसका असली स्वाद निखर कर आता है। इस ताजे अचार को खराब होने से बचाने के लिए नमी से दूर रखें, फ्रिज में स्टोर करें और किसी भी प्रकार की खराबी दिखने पर इसका सेवन न करें।



















