पारंपरिक तरीके से इडली पकाने के लिए दाल और चावल को कई घंटे पहले से भिगोना पड़ता है, फिर उसे पीसकर बैटर को खमीर उठने के लिए पूरी रात रखना पड़ता है। कई बार सुबह के वक्त अचानक इडली खाने की इच्छा होती है, लेकिन तैयारी न होने के कारण यह इरादा छोड़ना पड़ता है। ऐसी स्थिति में किचन में रखा साधारण मुरमुरा एक बेहतरीन विकल्प साबित होता है। मुरमुरे, ताजा दही और सूजी के सही संतुलन से बिना किसी लंबे इंतजार के बेहद नरम और फूली हुई इडली तैयार की जा सकती है। शेफ पारुल के बताए इस तरीके से कम समय में स्वादिष्ट नाश्ता बनकर तैयार हो जाता है।
तैयारी के लिए जरूरी सामग्री
इस त्वरित व्यंजन को तैयार करने के लिए बहुत सीमित और रसोई में आसानी से उपलब्ध सामग्रियों की जरूरत होती है। सबसे पहले करीब 2 कप मुरमुरे लें। इसके साथ 1 कप सूजी और आधा कप ताजा दही की आवश्यकता होगी। बैटर में मिलाने और मोल्ड को चिकना करने के लिए थोड़ा तेल चाहिए। मिश्रण को फुलाने के लिए 1 छोटी चम्मच फ्रूट सॉल्ट और आवश्यकतानुसार साफ पानी की जरूरत पड़ती है। इस व्यंजन में हमेशा ताजे दही का उपयोग करना बेहतर माना जाता है, क्योंकि ताजा दही बैटर में आवश्यक खटास और बेहतरीन स्वाद लाता है।
मुरमुरे की सफाई और प्रारंभिक पेस्ट तैयार करना
मुरमुरे को इस्तेमाल में लाने से पहले उसकी अच्छी तरह सफाई करना अत्यंत आवश्यक कदम है। मुरमुरे को साफ पानी में डालकर अच्छी तरह धो लें और फिर छलनी से छानकर सारा पानी निकाल दें। इस प्रक्रिया से मुरमुरे में मौजूद धूल-मिट्टी या बारीक कण पूरी तरह साफ हो जाते हैं। इसके बाद धुले हुए मुरमुरे को सीधे मिक्सर जार में डाल दें। उसी जार में आधा कप ताजा दही डालें और मिक्सर चलाकर दोनों चीजों को एकसाथ पीस लें। इस बात का विशेष ध्यान रखें कि यह पेस्ट काफी स्मूथ, महीन और गाढ़ा बने ताकि बाद में बैटर की बनावट में कोई गांठ न रहे।
सूजी मिलाना और बैटर को विश्राम देना
पीसे हुए मुरमुरे और दही के पेस्ट को मिक्सर जार से निकालकर एक बड़े कटोरे में रख लें। अब इस मिश्रण में 1 कप सूजी डालें और चम्मच अथवा व्हिस्क की मदद से दोनों को अच्छी तरह मिला लें। इसके बाद मिश्रण में थोड़ा तेल डालें और करीब 1 से 2 मिनट तक लगातार फेंटें। लगातार फेंटने से बैटर में एकसारता आती है। फेंटने के तुरंत बाद कटोरे को ढक्कन से ढककर लगभग 5 मिनट के लिए एक तरफ रख दें। इस विश्राम के दौरान सूजी सारा आवश्यक तरल सोख लेती है, जिससे सूजी फूल जाती है और बैटर इडली पकाने के उपयुक्त रूप में आ जाता है।
स्टीमर तैयार करना और सांचों की ग्रीसिंग
जब बैटर 5 मिनट के लिए ढककर रखा गया हो, उसी समय का सदुपयोग स्टीमर तैयार करने में करें। स्टीमर में आवश्यकतानुसार पानी डालकर उसे गर्म होने के लिए गैस पर चढ़ा दें। साथ ही इडली स्टैंड के हर एक सांचे में थोड़ा तेल लगाएं और उंगलियों या ब्रश की मदद से अच्छी तरह चिकना कर लें। सांचों को ग्रीस करना इसलिए जरूरी है ताकि स्टीम होने के बाद पकी हुई इडली तले से चिपके नहीं और बेहद आसानी से बाहर निकल आए।
फ्रूट सॉल्ट मिलाना और पकाने की विधि
पांच मिनट का समय पूरा होने पर बैटर के बर्तन का ढक्कन हटाएं और मिश्रण को हल्के हाथों से एक बार फिर चला लें। अब इसमें 1 छोटी चम्मच फ्रूट सॉल्ट डालें और ऊपर से थोड़ा सा पानी छिड़कें। इसके बाद मिश्रण को हल्के हाथों से मिलाएं। फ्रूट सॉल्ट और पानी के संपर्क में आते ही बैटर में हल्कापन आ जाएगा और उसमें झाग उठने लगेगा। इडली को स्पंजी बनाने के लिए यह झाग बेहद जरूरी है। फ्रूट सॉल्ट मिलाने के बाद बैटर को बिल्कुल भी देर तक खुला न छोड़ें, बल्कि तुरंत चम्मच से लेकर ग्रीस किए हुए इडली मोल्ड्स में डालें। प्रत्येक सांचे को एकदम ऊपर तक न भरें, क्योंकि पकते समय इडली का आकार बढ़ता है। अब स्टैंड को गर्म स्टीमर में रखकर ढक्कन अच्छी तरह बंद कर दें और तेज आंच पर लगभग 10 मिनट तक स्टीम करें।
परखने का तरीका और परोसने के सुझाव
लगभग 10 मिनट तक पकाने के बाद गैस बंद कर दें और कुछ देर बाद ही स्टीमर का ढक्कन खोलें। इडली ठीक से पकी है या नहीं, इसकी जांच करने के लिए इडली के बीच में एक टूथपिक अथवा चाकू की नोक डालकर देखें। यदि टूथपिक साफ बाहर आती है तो इडली पूरी तरह पक चुकी है। स्टैंड को बाहर निकालें और कुछ मिनट के लिए ठंडा होने दें। जब इडली थोड़ी सामान्य हो जाए, तब चम्मच के पिछले हिस्से से किनारों को हल्का सा ढीला करके इडली निकाल लें। इस गरमा-गरम मुरमुरा इडली को नारियल की चटनी, मूंगफली की चटनी या अपनी मनपसंद चटनी और सांभर के साथ परोसा जा सकता है। बैटर का गाढ़ापन संतुलित रखना बेहद जरूरी है, क्योंकि ज्यादा गाढ़ा बैटर इडली को भारी बना देता है और ज्यादा पतला बैटर होने पर इडली का सही आकार नहीं बन पाता।



















