रोज़ाना के भोजन में यदि स्वाद का तड़का लगाना हो, तो अचार एक बेहतरीन माध्यम साबित होता है। अगर आप पारंपरिक आम, नींबू या हरी मिर्च का अचार खाकर बोर हो चुके हैं और कुछ नया आज़माना चाहते हैं, तो कटहल का अचार एक बढ़िया विकल्प है। कच्चे कटहल में मसालों और सरसों के तेल का संयोजन इसे बेहद चटपटा, खट्टा और लजीज बना देता है। इस जायकेदार अचार की खास बात यह है कि इसे बनाने के लिए किसी दुर्लभ सामग्री की आवश्यकता नहीं पड़ती और साधारण दाल-चावल के स्वाद को भी यह कई गुना बढ़ा देता है।
आवश्यक सामग्री का सटीक माप
कटहल का अचार बनाने के लिए सही मात्रा में मसालों का चयन बहुत महत्वपूर्ण है। सबसे पहले आपको 1 किलो कच्चा कटहल लेना होगा। मसालों के मिश्रण के लिए 4 से 5 बड़े चम्मच सरसों, 2 बड़े चम्मच सौंफ, 1 बड़ा चम्मच मेथी दाना और 1 से 2 बड़े चम्मच कलौंजी की जरूरत होगी। रंग और तीखेपन के लिए 2 बड़े चम्मच लाल मिर्च पाउडर और 1 छोटा चम्मच हल्दी पाउडर तैयार रखें। स्वाद के अनुसार नमक मिलाएँ। अचार में खटास और लंबे समय तक संरक्षण के लिए 3 से 4 बड़े चम्मच सिरका या नींबू का रस प्रयोग किया जा सकता है। इसके अलावा अचार को पकाने और सुरक्षित रखने के लिए लगभग 1 से 1.5 कप सरसों का तेल अवश्य लें।
कटहल की कटाई और उबालने की प्रक्रिया
कच्चे कटहल को काटना अक्सर एक चुनौतीपूर्ण काम माना जाता है क्योंकि इसका चिपकने वाला रस हाथों में लग जाता है। इस समस्या से बचने के लिए कटहल काटने से पूर्व हाथों और चाकू के फलक पर थोड़ा सरसों का तेल लगा लें। इसके बाद कटहल का ऊपरी छिलका पूरी तरह हटा दें और गूदे को मध्यम आकार के चौकोर टुकड़ों में काट लें। इन कटे हुए टुकड़ों को साफ पानी से अच्छी तरह धो लें ताकि बची हुई गंदगी निकल जाए और फिर किसी सूखे कपड़े पर रखकर सारा पानी सुखा लें।
पानी सूखने के बाद कटहल के टुकड़ों को हल्का सा उबालना आवश्यक होता है। ध्यान रखें कि कटहल को बहुत अधिक नहीं गलाना है, बल्कि इसे केवल इतना पकाना है कि टुकड़े थोड़े नरम पड़ जाएँ और उनका आकार बना रहे। उबालने के पश्चात इन टुकड़ों को किसी प्लेट या साफ सूती कपड़े पर फैलाकर रख दें ताकि वे पूरी तरह ठंडे हो जाएँ और सतह की सारी नमी वाष्पित हो जाए।
मसाले भूनना और मिश्रण तैयार करना
अचार के स्वाद को उभारने के लिए मसालों को सही तरीके से सेकना जरूरी है। एक सूखा पैन लें और उसमें सरसों, सौंफ तथा मेथी दाना डालकर हल्की आँच पर भूनें। मसालों को केवल तब तक भूनें जब तक उनमें से हल्की सुगंध न आने लगे, इन्हें बिल्कुल भी काला न होने दें। भूनने के बाद मसालों को ठंडा करें और मिक्सी में दरदरा पीस लें। अब एक बड़े बर्तन में उबले हुए कटहल के टुकड़े डालें। इसमें पिसे हुए भुने मसाले, कलौंजी, लाल मिर्च पाउडर, हल्दी पाउडर और नमक डालकर चम्मच की मदद से अच्छे से मिलाएँ।
तेल मिलाने का सही तरीका और भंडारण
एक पैन में 1 से 1.5 कप सरसों का तेल डालकर तब तक गर्म करें जब तक कि उसमें से धुआँ न निकलने लगे। इसके बाद गैस बंद कर दें और तेल को थोड़ा ठंडा होकर गुनगुना होने दें। इस हल्के गुनगुने तेल को मसालेदार कटहल के ऊपर डालें। साथ ही इसमें 3 से 4 बड़े चम्मच सिरका या नींबू का रस मिला दें। पूरे मिश्रण को इस तरह चलाएँ कि कटहल के प्रत्येक टुकड़े पर मसाले और तेल की परत समान रूप से चढ़ जाए।
तैयार अचार को पूरी तरह साफ, सूखे और नमी-रहित कांच के जार में भर कर रखें। जार में ऊपर से अतिरिक्त सरसों का तेल इस प्रकार डालें कि अचार की ऊपरी सतह तेल में पूरी तरह डूब जाए। इसके बाद जार का ढक्कन बंद करके उसे कुछ दिनों के लिए धूप में रखें। प्रतिदिन जार को हल्का हिलाएँ या सूखे चम्मच से ऊपर-नीचे करें। अचार निकालते समय हमेशा पूरी तरह सूखे चम्मच का प्रयोग करें, क्योंकि जरा सी भी नमी अचार को खराब कर सकती है।



















