बरसात शुरू होते ही स्कूल फिर से खुल जाते हैं और घरों में बच्चों की चिप्स, कुरकुरे और बाजार के जंक फूड की जिद भी बढ़ने लगती है. ऐसे में छत्तीसगढ़ की रसोई से निकला एक पुराना नुस्खा, भात बड़ी, मां-बाप के लिए राहत की बात साबित हो रहा है. बिलासपुर सहित पूरे छत्तीसगढ़ में बचे हुए चावल से तैयार होने वाला यह देसी स्नैक्स न सिर्फ स्वाद में जबरदस्त है बल्कि लंबे समय तक खराब हुए बिना रखा भी जा सकता है.
यह वजह है कि बरसों से छत्तीसगढ़ के घरों में भात बड़ी बनाई जाती रही है और इसे बच्चों को जंक फूड से दूर रखने का एक भरोसेमंद तरीका माना जाता है. इसे बनाना ज्यादा मुश्किल भी नहीं और तलने के बाद इसका कुरकुरापन बच्चों से लेकर बड़ों तक हर किसी को पसंद आता है.
चावल से कैसे तैयार होती है भात बड़ी
भात बड़ी बनाने के लिए रात के बचे हुए पके हुए चावल का इस्तेमाल किया जाता है. इस चावल में भुना हुआ जीरा, हल्दी पाउडर, लाल मिर्च पाउडर और गरम मसाला मिलाकर पूरा मिश्रण अच्छी तरह से गूंथा जाता है. मसालों के इस मेल के बाद हाथों से छोटे-छोटे आकार की बड़ी बनाई जाती हैं, ठीक वैसे ही जैसे पापड़ या बड़ी बनाने की पारंपरिक विधि में की जाती है.
धूप में सुखाकर महीनों तक रखी जा सकती है सुरक्षित
बड़ी का आकार देने के बाद इन्हें एक से दो दिन तक तेज धूप में अच्छी तरह सुखाया जाता है. जब यह पूरी तरह सूख जाती हैं, तभी इन्हें एयरटाइट डिब्बे में भरकर रखा जाता है. इस तरह धूप में सुखाई गई भात बड़ी कई दिनों, बल्कि हफ्तों तक भी खराब हुए बिना सुरक्षित रहती है और जब भी जरूरत हो, इसे आसानी से निकालकर इस्तेमाल किया जा सकता है.
गर्म तेल में तलते ही तैयार हो जाता है कुरकुरा स्नैक्स
जब भी घर में भात बड़ी खाने का मन बनता है, कड़ाही में तेल अच्छी तरह गर्म किया जाता है. इसके बाद सूखी हुई बड़ी को गर्म तेल में डाला जाता है और सुनहरा रंग आने तथा कुरकुरा होने तक तला जाता है. तलने के बाद इसे छानकर तेल से बाहर निकाल लिया जाता है. इसे पापड़ की तरह खाने के साथ परोसा जा सकता है या फिर शाम के हल्के नाश्ते के तौर पर भी खाया जा सकता है.
बरसात के मौसम में बच्चों के लिए क्यों है फायदेमंद
बरसात के दिनों में स्कूल खुलते ही बच्चे अक्सर चिप्स और कुरकुरे जैसी चीजों के लिए जिद करने लगते हैं. ऐसे समय पर घर पर तैयार भात बड़ी एक पौष्टिक और स्वादिष्ट विकल्प के तौर पर सामने आती है. इसका देसी स्वाद बच्चों को खूब भाता है और बाजार में मिलने वाले पैकेटबंद जंक फूड के मुकाबले इसे कहीं बेहतर विकल्प माना जाता है.
बचे हुए खाने की बर्बादी रोकने का भी जरिया
भात बड़ी सिर्फ एक पारंपरिक व्यंजन भर नहीं है, यह बचे हुए भोजन की बर्बादी को रोकने का भी एक शानदार तरीका है. रात के बचे हुए चावल का सही इस्तेमाल करते हुए तैयार होने वाली यह रेसिपी स्वाद, सेहत और छत्तीसगढ़ की समृद्ध खाद्य परंपरा को एक साथ जोड़ती है. यही वजह है कि बरसात के मौसम में यह देसी स्नैक्स हर घर की रसोई का हिस्सा बन सकता है.













