बिहार के छपरा जिले के ग्रामीण इलाकों में कई ऐसे लजीज पकवान मिलते हैं, का स्वाद लोगों को मीलों दूर से अपनी ओर खींच लाता है। इन पारंपरिक दुकानों का स्वाद ऐसा होता है कि जो कोई भी यहाँ एक बार आता है, वह बार-बार खिंचा चला आता है। आज हम बात कर रहे हैं छपरा जिले के गरखा प्रखंड में स्थित रेरिया नहर चौक की, जहाँ रामजी शाह का एक छोटा सा समोसा ठेला बेहद लोकप्रिय है। इस ठेले पर मिलने वाले समोसे, ब्रेड पकौड़े, लौंगलता और पकौड़ी का स्वाद चखने के लिए लोग घंटों इंतजार करने को तैयार रहते हैं। भले ही यहाँ बैठने की कोई उचित व्यवस्था नहीं है और दुकान काफी छोटी है, फिर भी लोग सड़क के किनारे खड़े होकर बड़े चाव से इन पकवानों का आनंद लेते हैं। यह दुकान रोज दोपहर बाद 3:00 बजे से लेकर रात 9:00 बजे तक चलती है, और इस दौरान यहाँ ग्राहकों का तांता लगा रहता है।
शुद्धता और खुद के तैयार मसालों का जादू
रामजी शाह के समोसे और अन्य व्यंजनों की सबसे बड़ी विशेषता उनकी शुद्धता और साफ-सफाई है। वे अपने यहाँ मिलने वाले सभी व्यंजनों को शुद्ध सरसों के तेल में तैयार करते हैं। इसके अलावा, समोसे के आलू को स्वादिष्ट बनाने के लिए वे बाजार के पिसे-पिसाए मसालों का इस्तेमाल नहीं करते, बल्कि खुद घर पर ही विशेष मसाले तैयार करते हैं। इस घरेलू मसाले में वे गरम मसाला, मीट मसाला, चाट मसाला, हल्दी पाउडर और लाल मिर्च पाउडर जैसी कई सामग्रियों को एक निश्चित अनुपात में मिलाते हैं। खुद से तैयार किए गए इन मसालों की वजह से इनके समोसों का स्वाद बेहद अनोखा और लाजवाब हो जाता है। यही वजह है कि एक बार यहाँ का स्वाद चखने के बाद लोग बार-बार दूर-दराज के इलाकों से यहाँ खिंचे चले आते हैं।
बीते 15 सालों से बरकरार है बादशाहत
रामजी शाह पिछले 15 वर्षों से भी अधिक समय से इस चौक पर अपना ठेला लगा रहे हैं। वे हर दोपहर अपनी दुकान यहाँ सजाते हैं और रात को समेट लेते हैं। इस लोकप्रिय दुकान को सुचारू रूप से चलाने के लिए तीन लोगों की टीम काम करती है। इतने लंबे समय से दुकान चलाने के कारण स्थानीय लोग इस स्वाद के आदी हो चुके हैं। इनका यह स्टॉल 'श्री राम समोसा भंडार' के नाम से जाना जाता है, जिसे लोग दूर से ही पहचान लेते हैं। यहाँ का समोसा खाने वाले ग्राहकों का कहना है कि इसके बाद उन्हें किसी और दुकान का स्वाद पसंद ही नहीं आता।
फाइव स्टार होटलों जैसी भीड़ और अटूट भरोसा
गरखा प्रखंड के रेरिया नहर चौक पर स्थित 'श्री राम समोसा भंडार' पर कभी-कभी ग्राहकों की इतनी ज्यादा भीड़ उमड़ पड़ती है कि उसे संभालना बेहद कठिन हो जाता है। रामजी शाह बताते हैं कि उनके पास मुख्य रूप से चार चीजें मिलती हैं - ब्रेड पकौड़ा, लौंगलता, समोसा और पकौड़ी। वे खुद ही हर सामग्री को तैयार करते हैं, जिससे गुणवत्ता बनी रहती है। कई बार तो शाम के समय यहाँ इतनी अधिक भीड़ हो जाती है, जितनी किसी बड़े फाइव स्टार होटल में भी देखने को नहीं मिलती। पिछले 15 सालों से ग्राहकों का जो अटूट विश्वास इस ठेले पर बना हुआ है, उसे रामजी शाह आगे भी कायम रखना चाहते हैं। उनका संकल्प है कि वे कभी भी अपने व्यंजनों में मिलावट नहीं करेंगे और लोगों को शुद्ध व स्वादिष्ट समोसे खिलाते रहेंगे।













