पवित्र सावन महीने के आगमन के साथ ही खान-पान की प्राथमिकताओं में बड़ा बदलाव देखने को मिलता है। इस दौरान बड़ी संख्या में श्रद्धालु और आम लोग मांसाहारी भोजन से दूरी बना लेते हैं और शाकाहारी विकल्पों की ओर रुख करते हैं। उत्तर प्रदेश के मऊ जिले में स्थित गालिबपुर के अलबैक रेस्टोरेंट ने इस अवसर पर भोजन प्रेमियों के लिए एक विशेष व्यंजन तैयार किया है। रेस्टोरेंट के संचालक इकबाल अहमद अपने ग्राहकों को फाइव स्टार होटल जैसा स्वाद देने के लिए एक अनूठी विधि से तंदूरी पनीर तैयार कर रहे हैं, जो इस समय क्षेत्र में चर्चा का केंद्र बनी हुई है।
सावन में पनीर की बढ़ती मांग और अलबैक रेस्टोरेंट की अनूठी पेशकश
सावन के दिनों में मांसाहार का सेवन बंद होने के कारण लोग ढाबों और रेस्टोरेंट में पनीर से बने व्यंजनों को पहली पसंद बनाते हैं। मऊ के गालिबपुर स्थित अलबैक रेस्टोरेंट में हर शाम पनीर के शौकीनों की भारी भीड़ उमड़ रही है। रेस्टोरेंट के ओनर इकबाल अहमद बताते हैं कि सावन के महीने को ध्यान में रखते हुए उन्होंने पनीर बनाने की विधि में खास बदलाव किया है। इस विशेष तैयारी का मुख्य उद्देश्य उन लोगों को संतुष्ट करना है जो शाकाहारी भोजन में भी तंदूरी चिकन जैसी समृद्ध रंगत और धुएंदार सुगंध की उम्मीद रखते हैं। यही कारण है कि यहां का पनीर लोगों के बीच बेहद लोकप्रिय हो रहा है।
तंदूरी पनीर की ग्रेवी तैयार करने की चरण-दर-चरण विधि
अलबैक रेस्टोरेंट में इस लाजवाब पनीर को तैयार करने के लिए एक तय प्रक्रिया का पालन किया जाता है। ग्रेवी का आधार मजबूत करने और समृद्ध स्वाद पाने के लिए मसालों के चयन पर विशेष ध्यान दिया जाता है
- तड़का और आधार: सबसे पहले कढ़ाई में तेल गर्म करके प्याज, लहसुन, साबुत जीरा और मेथी दाने का तड़का लगाया जाता है, जिससे ग्रेवी में पारंपरिक भारतीय खुशबू आती है।
- मसालों की भुनाई: इसके बाद उच्च गुणवत्ता का गरम मसाला, पैकेट वाले विशेष मसाले और थोड़ा बटर मिलाया जाता है। इस मिश्रण को हल्की आंच पर 15 से 20 मिनट तक लगातार पकाया जाता है ताकि मसालों का कच्चापन पूरी तरह समाप्त हो जाए।
- खास गुप्त मसाला: जब प्राथमिक मसाला अच्छे से तेल छोड़ दे, तब इसमें रेस्टोरेंट का अपना खास तैयार किया गया सीक्रेट मसाला डाला जाता है। इसके बाद इसे 10 मिनट तक और पकाया जाता है जब तक कि ग्रेवी गाढ़ी और गाढ़े रंग की न हो जाए।
ग्रेवी पूरी तरह तैयार होने के बाद उसे अलग बर्तन में सुरक्षित रख लिया जाता है ताकि परोसते समय ताजापन बना रहे।
कोयले की आंच पर भुनाई और दोहरे स्वाद का राज
इस व्यंजन की असली विशेषता इसकी पनीर प्रसंस्करण तकनीक में निहित है। अलबैक रेस्टोरेंट में बाजार के साधारण पनीर के बजाय शुद्ध दूध से घर पर ही ताजा पनीर तैयार किया जाता है। ग्रेवी तैयार होने के बाद, पनीर के टुकड़ों को धीमी आंच पर सुलगते हुए कोयले की आग पर सावधानीपूर्वक भूना जाता है। कोयले के धुएं की वजह से पनीर के टुकड़ों में एक गहरा धुएंदार स्वाद रच-बस जाता है। जब इस भुने हुए पनीर को पहले से तैयार गाढ़ी मसालेदार ग्रेवी में मिलाया जाता है, तो ग्राहकों को तंदूरी पनीर के साथ-साथ तंदूर चिकन जैसा दोहरा स्वाद अनुभव होता है।
घर पर कैसे बनाएं फाइव स्टार रेस्टोरेंट जैसी तंदूरी पनीर
जो लोग रेस्टोरेंट नहीं जा सकते, वे इस आसान विधि को अपने घर की रसोई में भी अपना सकते हैं। सामान्य रूप से घर पर सादा पनीर बनाया जाता है, जिसमें मसालों का स्वाद तो आता है लेकिन धुएंदार सुगंध गायब रहती है। यदि आप घर पर ही तंदूरी पनीर का स्वाद लेना चाहते हैं, तो पनीर के टुकड़ों को ग्रेवी में डालने से पहले जाली पर रखकर कोयले या गैस की धीमी आंच पर हल्का रोस्ट कर लें। इस छोटी सी तकनीक से आपके घर के बने पनीर में फाइव स्टार रेस्टोरेंट जैसा डबल फ्लेवर आ जाएगा और साधारण पनीर की तुलना में इसका स्वाद कई गुना बढ़ जाएगा।
कीमत, ऑर्डर की शर्त और परोसने का समय
मऊ के गालिबपुर में स्थित अलबैक रेस्टोरेंट में इस विशेष तंदूरी पनीर की एक फुल प्लेट की कीमत ₹250 निर्धारित की गई है। मात्रा के हिसाब से एक फुल प्लेट पनीर इतना पर्याप्त होता है कि पूरा परिवार इसे आसानी से साझा कर सकता है। हालांकि, इस ताजे और धुएंदार स्वाद का आनंद लेने के लिए ग्राहकों को थोड़ा इंतजार करना पड़ता है। रेस्टोरेंट के नियमों के अनुसार, भोजन करने से कम से कम 30 मिनट पहले ऑर्डर देना अनिवार्य है। 30 मिनट का यह समय इसलिए लिया जाता है ताकि ऑर्डर मिलने के बाद ही पनीर को ताजा कोयले पर भूना जा सके और गर्म ग्रेवी के साथ परोसा जा सके। सावन के पूरे महीने यह व्यंजन मऊ के लोगों की पहली पसंद बना हुआ है।



















