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देहरादून में 1962 से मशहूर 'बत्रा चाट भंडार' पर सिर्फ मानसून में मिलता है लज़ीज़ पत्तोड़ चाट, ₹50 में उठाएं इस पहाड़ी स्वाद का लुत्फ़खानपान
27 अग॰ 2026, 4:12 pm (17 दिन पहले)· 2

देहरादून में 1962 से मशहूर 'बत्रा चाट भंडार' पर सिर्फ मानसून में मिलता है लज़ीज़ पत्तोड़ चाट, ₹50 में उठाएं इस पहाड़ी स्वाद का लुत्फ़

देहरादून के तिलक रोड पर स्थित ऐतिहासिक बत्रा चाट भंडार में मानसून के केवल तीन महीनों के दौरान विशेष पत्तोड़ चाट परोसी जाती है। अरबी के ताजा पत्तों और घरेलू मसालों से बनी यह ₹50 की चाट न केवल स्थानीय लोगों बल्कि दूर-दराज के पर्यटकों को भी आकर्षित करती है।

उत्तराखंड की हसीन वादियों में मानसून का आगमन केवल सुहावने मौसम का संदेश लेकर नहीं आता, बल्कि यह पहाड़ों के पारंपरिक व्यंजनों का अनोखा स्वाद भी संग लाता है। बारिश की बूंदों के बीच जहां अक्सर लोग गरम-गरम पकौड़ों और समोसों की चाह रखते हैं, वहीं देहरादून और आसपास के क्षेत्रों में अरबी या पीनालू के पत्तों से तैयार होने वाले पारंपरिक 'पत्यूड' या 'पत्तोड़' की खुशबू हवाओं में तैरने लगती है। अरबी के मुलायम पत्तों, बेसन के घोल और घरेलू मसालों के सटीक संतुलन से बनने वाला यह व्यंजन स्वाद में जितना बेमिसाल होता है, इसे बनाने की प्रक्रिया में उतनी ही निपुणता और समय की आवश्यकता होती है। मानसून के इस सुहावने दौर में अगर आप घर पर इसे बनाने की मेहनत से बचना चाहते हैं और एकदम ताजा पत्तोड़ का स्वाद चखना चाहते हैं, तो देहरादून का प्रसिद्ध तिलक रोड आपकी मंजिल बन सकता है।

60 साल से अधिक पुराना स्वाद और मानसून की खास एंट्री

तिलक रोड पर स्थित बत्रा चाट भंडार इस मानसूनी दावत का सबसे प्रमुख केंद्र माना जाता है। इस प्रतिष्ठान का इतिहास काफी पुराना और समृद्ध है। दुकान के वर्तमान संचालक राजेश बत्रा के अनुसार, उनके पिता ने वर्ष 1962 में इसी तिलक रोड पर एक छोटी सी रेहड़ी लगाकर खाद्य व्यवसाय की नींव रखी थी। उस समय वहां मुख्य रूप से बन-टिक्की, छोले-भटूरे और साधारण चाट बेची जाती थी। राजेश बत्रा ने काफी कम उम्र में ही अपने पिता के काम में हाथ बंटाना शुरू कर दिया था और आज भी वे इस खानदानी परंपरा को पूरी निष्ठा के साथ आगे बढ़ा रहे हैं। हालांकि इस दुकान पर साल के बारह महीने विभिन्न प्रकार के चाट और चाइनीज व्यंजन उपलब्ध रहते हैं, लेकिन जैसे ही मानसून का आगमन होता है, दुकान के मेन्यू में 'पत्तोड़' की विशेष एंट्री की जाती है।

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ताजा अरबी के पत्तों से तैयार होता है यह अनूठा पहाड़ी व्यंजन

पत्तोड़ चाट की सबसे बड़ी खासियत इसका मौसमी होना है। राजेश बत्रा बताते हैं कि अरबी के ताजा, हरे और बेहद मुलायम पत्ते केवल बारिश के मौसम में ही उपलब्ध हो पाते हैं, इसलिए इस लाजवाब चाट का स्वाद साल भर नहीं बल्कि मानसून के केवल 3 महीनों तक ही लिया जा सकता है। इसे तैयार करने की विधि पूरी तरह से पारंपरिक और स्वास्थ्यवर्धक है। खेतों से सीधे लाए गए अरबी के पत्तों को पानी से अच्छी तरह साफ किया जाता है। इसके बाद बेसन और घर में तैयार किए गए गुप्त मसालों के गाढ़े घोल की परत हर एक पत्ते पर लगाई जाती है। पत्तों को करीने से एक के ऊपर एक रखकर रोल किया जाता है और फिर भाप (स्टीम) में पकाया जाता है। स्टीम होने के बाद इन रोल को गोल टुकड़ों में काटा जाता है और ग्राहक के ऑर्डर पर क्रिस्पी होने तक तलकर तैयार किया जाता है। परोसते समय इसमें ठंडी दही, मीठी व तीखी चटनी, बारीक कटे प्याज और खास चाट मसाला मिलाया जाता है, जो इसे अत्यंत स्वादिष्ट बना देता है।

पारंपरिक रेसिपी से दूर होती है गले की खराश

सामान्य तौर पर अरबी के पत्तों से बने व्यंजनों को खाने के बाद कई बार गले में हल्की खुजली या खराश की समस्या महसूस होती है, जिसे अरबी के पत्तों का स्वाभाविक गुण माना जाता है। हालांकि, बत्रा चाट भंडार की पारंपरिक और गुप्त रेसिपी इस समस्या का पूर्ण समाधान करती है। मसालों के विशेष संयोजन और पकाने के सही तरीके के कारण यहां मिलने वाले पत्तोड़ चाट को खाने से गले में खुजली की कोई शिकायत नहीं होती। यही कारण है कि लोग बेफिक्र होकर इस चटपटे पहाड़ी स्वाद का लुत्फ उठाते हैं। स्वाद और गुणवत्ता के मामले में नंबर-वन होने के साथ-साथ यह व्यंजन आम जनता की जेब के भी बिल्कुल अनुकूल है। महज ₹50 में पत्तोड़ चाट की एक भरपूर प्लेट परोसी जाती है, जो हर किसी के लिए सुलभ है।

दूर-दराज के इलाकों और दूसरे राज्यों से भी पहुंचते हैं चटौरे

बत्रा चाट भंडार के पत्तोड़ चाट की लोकप्रियता सिर्फ तिलक रोड या आसपास के बाजारों तक सीमित नहीं है। बारिश का मौसम शुरू होते ही देहरादून के विभिन्न इलाकों जैसे देहरा खास, राजपुर और मोकमपुर से बड़ी संख्या में खाद्य प्रेमी यहां खिंचे चले आते हैं। इतना ही नहीं, दिल्ली और शिमला जैसे पड़ोसी राज्यों एवं शहरों से देहरादून आने वाले पर्यटक भी इस मौसमी व्यंजन का स्वाद चखना नहीं भूलते। कई पर्यटक तो इस स्वाद के इतने कायल हो जाते हैं कि वे अपने साथ बंडल के बंडल पत्तोड़ पैक करवाकर ले जाते हैं ताकि घर जाकर भी इस पहाड़ी जायके का आनंद ले सकें।

सहारनपुर चौक के पास तिलक रोड पर कैसे पहुंचे

यदि आप भी इस मानसून सीजन में उत्तराखंड के इस मशहूर स्ट्रीट फूड का आनंद लेना चाहते हैं, तो देहरादून शहर के मुख्य केंद्र सहारनपुर चौक से आसानी से यहां पहुंचा जा सकता है। सहारनपुर चौक से तिलक रोड की ओर बढ़ते ही बत्रा चाट भंडार स्थित है, जहां हर दिन ताजे पत्तोड़ गरमा-गरम तैयार किए जाते हैं। 1962 से चला आ रहा यह प्रतिष्ठान आज भी अपने ग्राहकों को वही शुद्ध, पारंपरिक और प्रामाणिक मानसूनी स्वाद प्रदान कर रहा है।

सवाल-जवाब

देहरादून में पत्तोड़ चाट कहां मिलती है?
यह चाट देहरादून के सहारनपुर चौक के पास स्थित तिलक रोड पर 'बत्रा चाट भंडार' में मिलती है।
बत्रा चाट भंडार पर पत्तोड़ चाट किस मौसम में उपलब्ध होती है?
यह चाट साल भर नहीं, बल्कि मानसून के केवल 3 महीनों के दौरान ही उपलब्ध होती है।
बत्रा चाट भंडार में पत्तोड़ चाट की एक प्लेट की कीमत क्या है?
बत्रा चाट भंडार पर पत्तोड़ चाट की एक प्लेट की कीमत ₹50 है।
पत्तोड़ चाट किस चीज़ से बनाई जाती है?
यह व्यंजन अरबी (पीनालू) के ताजा पत्तों, बेसन के घोल, गुप्त गृह-निर्मित मसालों, दही और चटनी से तैयार किया जाता है।
क्या इस पत्तोड़ चाट को खाने से गले में खुजली होती है?
नहीं, दुकान की विशेष पारंपरिक रेसिपी और पकाने की विधि के कारण इस पत्तोड़ को खाने से गले में खुजली नहीं होती।
बत्रा चाट भंडार की शुरुआत कब हुई थी?
इस दुकान की शुरुआत वर्ष 1962 में राजेश बत्रा के पिता ने एक छोटी सी रेहड़ी से की थी।
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