खान-पान के मामलों में अपनी अलग पहचान रखने वाले इंदौर शहर में इन दिनों एक नए व्यंजन की धूम मची हुई है। यहां के पारंपरिक व्यंजनों जैसे पोहा और जलेबी के बीच अब एक खास किस्म का डोसा लोगों की जुबान पर चढ़ा हुआ है। इस अनोखे व्यंजन का नाम सिगड़ी डोसा है, जो अपने अनूठे स्वाद और बनाने की अलग शैली के कारण शहर भर में चर्चा का विषय बना हुआ है। इसे खाने के लिए दूर-दूर से लोग आ रहे हैं।
सिगड़ी पर पकने वाला अनोखा व्यंजन
आमतौर पर डोसा गैस या इंडक्शन पर रखे तवे पर ही बनाया जाता है, लेकिन इस डोसे को पकाने का तरीका बिल्कुल जुदा है। इसे पारंपरिक चूल्हे या भट्टी पर नहीं पकाया जाता, बल्कि सिगड़ी पर तैयार किया जाता है। शेफ के अनुसार, सिगड़ी पर धीमी आंच में पकने की वजह से ही इसका नाम सिगड़ी डोसा रखा गया है। खाना बनाने की यह खास प्रक्रिया इसे बाजार में मिलने वाली डोसे की दूसरी वैराइटी से पूरी तरह अलग खड़ा करती है।
रवे और बेसन का खास बैटर
इस सिगड़ी डोसे की सबसे बड़ी खासियत इसका बैटर है। सामान्य डोसे को बनाने के लिए जिस घोल का उपयोग होता है, उससे हटकर इसे रवे और बेसन के मिश्रण से तैयार किया जाता है। इस बैटर में कई तरह की सब्जियां, चीज और पनीर जैसी रिच सामग्री भी मिलाई जाती है। इन तमाम चीजों का अनोखा मेल डोसे के स्वाद को कई गुना बढ़ा देता है और इसकी बनावट को भी खास बनाता है।
दूर-राज्यों से पहुंच रहे हैं शौकीन
इस अनूठे डोसे की दीवानगी केवल स्थानीय लोगों तक सीमित नहीं है। इंदौर में इसका स्वाद चखने के लिए देश के अन्य राज्यों से भी पर्यटक और फूड लवर्स पहुंच रहे हैं। शेफ का कहना है कि उनके स्टॉल पर डोसे की कई अन्य वैराइटी भी मिलती हैं, लेकिन सिगड़ी डोसा की मांग सबसे अधिक बनी हुई है। धीरे-धीरे यह जायका इंदौर की फूड स्ट्रीट पर अपनी एक स्थाई पहचान बना रहा है।



















