शाम की चाय के साथ भेलपूरी, तीखी नमकीन या मीठी चिक्की बनाने के लिए अक्सर लोग बाजार से मुरमुरा खरीदकर लाते हैं। कई लोगों को लगता है कि फैक्ट्री जैसी बनावट और हल्कापन घर की रसोई में हासिल करना मुमकिन नहीं है, जबकि हकीकत यह है कि केवल साधारण चावल और नमक के इस्तेमाल से बेहद कुरकुरा मुरमुरा तैयार किया जा सकता है। इस पूरी प्रक्रिया में न तो किसी जटिल मशीन की जरूरत पड़ती है और न ही बहुत ज्यादा सामग्री जुटानी होती है। अगर बुनियादी चरणों पर ध्यान दिया जाए, तो घर पर बने मुरमुरे बाजार से लाए गए पैकेटबंद सामान से कहीं अधिक ताजे और शुद्ध बनते हैं।
घर की रसोई में तैयार किए गए मुरमुरे की सबसे बड़ी खूबी यह है कि आप इसे अपनी पसंद के अनुसार मीठे या तीखे व्यंजनों में ढाल सकते हैं। चाहे हल्के मसालों के साथ रोस्ट करके बच्चों के लिए झटपट स्नैक बनाना हो या फिर गुड़ की चाशनी में लपेटकर पारंपरिक लड्डू तैयार करने हों, यह हर रूप में काम आता है। इस स्वादिष्ट नाश्ते को तैयार करने के लिए सामग्री के सही चुनाव और भूनने की प्रक्रिया को समझना जरूरी है।
तैयारी के लिए जरूरी सामग्री और सही चावल का चुनाव
घर पर मुरमुरा तैयार करने के लिए बहुत कम सामान की आवश्यकता होती है। इसके लिए मुख्य रूप से 2 कप चावल, भिगोने के लिए पर्याप्त पानी और लगभग एक कटोरी सफेद नमक की जरूरत पड़ती है। नमक का उपयोग दो अलग चरणों में होता है, पहले चावल को भिगोते समय और बाद में कड़ाही में भूनने के माध्यम के रूप में।
इस विधि में सबसे महत्वपूर्ण पहलू चावल की किस्म का चुनाव है। पतले या बासमती चावल की तुलना में मोटे दाने वाले उसना चावल (पारबॉयल्ड राइस) का इस्तेमाल करना सबसे अधिक सुविधाजनक और कारगर माना जाता है। उसना चावल की बाहरी संरचना मजबूत होती है, जिससे तेज गर्मी के संपर्क में आने पर दाने टूटते नहीं हैं बल्कि भीतर से फूलकर बड़ा आकार ले लेते हैं।
भिगोने और धूप में सुखाने का चरण
मुरमुरा बनाने की शुरुआत चावल को साफ करने से होती है। लगभग 2 कप मोटे उसना चावल को अच्छी तरह धोकर साफ कर लें। इसके बाद गर्म पानी लें और उसमें थोड़ा सा नमक मिला दें। इस हल्के नमकीन गर्म पानी में धुले हुए चावल को करीब 30 मिनट के लिए भिगोकर रख दें। आधे घंटे के इस समय में चावल के दाने पानी सोखकर थोड़े नरम हो जाते हैं, जिससे उनके भीतरी रेशे भूनने के अनुकूल बन जाते हैं।
निर्धारित समय पूरा होने के बाद चावल को एक बारीक छलनी में निकाल लें ताकि सारा अतिरिक्त पानी पूरी तरह निकल जाए। इसके बाद एक साफ सूती कपड़ा या बड़ी थाली लें और उस पर चावल के दानों को एक पतली परत के रूप में फैला दें। अब इन चावलों को तेज धूप में सूखने के लिए रख दें। जब तक दानों की पूरी नमी खत्म न हो जाए, तब तक इन्हें सुखाना अनिवार्य है। सुखाने की इस प्रक्रिया में जल्दबाजी नहीं करनी चाहिए। अगर चावल ऊपर से सूखे दिख रहे हों लेकिन अंदर थोड़ी भी नमी बाकी रह जाए, तो वे कड़ाही में ठीक से फूलने के बजाय कड़े रह जाएंगे।
गर्म नमक में भूनने की तकनीक
चावल पूरी तरह सूख जाने के बाद भूनने की बारी आती है। इसके लिए गैस चूल्हे पर एक भारी तले वाली कड़ाही रखें और उसमें लगभग एक कटोरी सफेद नमक डाल दें। गैस जलाकर नमक को अच्छी तरह गर्म होने दें। नमक को बीच-बीच में चमचे से चलाते रहना चाहिए ताकि तापमान पूरी कड़ाही में एक समान बना रहे और कोई एक हिस्सा जरूरत से ज्यादा न जले।
जब नमक से अच्छी गर्माहट निकलने लगे और वह अत्यधिक गर्म हो जाए, तब उसमें पूरी तरह सुखाए गए चावल डालें। तेज आंच पर चावल और नमक के मिश्रण को बिना रुके लगातार चलाते रहें। जैसे ही चावल के दाने उस बेहद गर्म नमक के सीधे संपर्क में आते हैं, वे चटकते हुए तेजी से फूलने लगते हैं और मुरमुरे का रूप ले लेते हैं। इस दौरान करछुल को एक पल के लिए भी नहीं रोकना चाहिए, क्योंकि ऐसा न करने पर दाने जल सकते हैं। जब अधिकांश दाने फूलकर तैयार हो जाएं, तो तुरंत गैस बंद कर दें और कड़ाही की सामग्री को एक बड़ी छलनी में डालकर छान लें। इससे गर्म नमक नीचे गिरकर अलग हो जाएगा और छलनी में केवल हल्के, कुरकुरे मुरमुरे बचेंगे।
उबालकर भूनने का वैकल्पिक तरीका
कुछ लोग मुरमुरा तैयार करने के लिए एक अन्य तरीका भी अपनाते हैं, जिसमें चावल को पहले उबाला जाता है। इस विधि में उसना चावल को पहले पानी में उबाल लिया जाता है और फिर पके हुए दानों को अलग-अलग करके धूप में बहुत अच्छी तरह सुखाया जाता है। जब उबले हुए चावल की नमी सौ प्रतिशत खत्म हो जाती है, तब उन्हें गर्म कड़ाही में थोड़े से तेल के साथ लगातार चलाते हुए भुना जाता है। इस वैकल्पिक प्रक्रिया में भी सबसे अहम पहलू चावल को सही ढंग से सुखाना और कड़ाही के तापमान को नियंत्रित रखना ही होता है।
सावधानी और विभिन्न स्नैक्स बनाने के विकल्प
इस पूरी रेसिपी में सबसे ज्यादा सतर्कता दो बातों पर रखनी होती है। पहली यह कि सुखाने के दौरान दाने अंदर तक पूरी तरह सूखें, क्योंकि भीतरी नमी फूलने की प्रक्रिया को बिगाड़ देती है। दूसरी सावधानी गर्म नमक और भारी कड़ाही को संभालते वक्त बरतनी चाहिए। भूनते समय नमक अत्यधिक गर्म हो जाता है, इसलिए मुरमुरे छानते समय हाथों को आंच से सुरक्षित रखें और काम करते समय छोटे बच्चों को कड़ाही से पूरी तरह दूर रखें।
एक बार मुरमुरे तैयार हो जाने के बाद आप इन्हें कई तरह के स्वादिष्ट स्नैक्स में बदल सकते हैं। इन्हें सादा भी खाया जा सकता है या फिर थोड़े से तेल में हल्दी, चाट मसाला और मूंगफली के साथ भूनकर नमकीन बनाई जा सकती है। कटे हुए प्याज, टमाटर, हरी चटनी और बारीक सेव मिलाकर इनसे मिनटों में चटपटी भेल तैयार हो जाती है। इसके अलावा गुड़ या चीनी की चाशनी में मिलाकर घर पर ही पारंपरिक मीठे स्नैक का आनंद भी लिया जा सकता है।

















