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घर पर बनाएं छत्तीसगढ़ की मशहूर खुरमी: गुड़ और आटे की कुरकुरी मिठाई जो हफ्तों तक रहती है ताज़ाखानपान
13 जून 2026, 5:56 pm (46 दिन पहले)· 0

घर पर बनाएं छत्तीसगढ़ की मशहूर खुरमी: गुड़ और आटे की कुरकुरी मिठाई जो हफ्तों तक रहती है ताज़ा

गेहूं के आटे, गुड़, सूजी और घी से बनने वाली छत्तीसगढ़ की पारंपरिक मिठाई खुरमी अपने खस्ता स्वाद के लिए मशहूर है और सही तरीके से रखने पर 15 से 20 दिन तक खराब नहीं होती।

अगर छत्तीसगढ़ के पारंपरिक पकवानों की सूची बने और उसमें खुरमी का जिक्र न हो, तो वह सूची अधूरी ही मानी जाएगी। गांव की रसोई हो या शहर का घर, यह देसी मिठाई हर जगह बड़े चाव से बनाई और खाई जाती है। इसकी दो खूबियां इसे बाकी मिठाइयों से अलग करती हैं — एक तो इसका खस्ता और कुरकुरा स्वाद, और दूसरा यह कि एक बार बना लेने के बाद यह कई दिनों तक खराब नहीं होती।

परंपरा और मौके से जुड़ी एक मिठाई

खुरमी सिर्फ पेट भरने वाली मिठाई नहीं, बल्कि छत्तीसगढ़ की खानपान परंपरा की एक पहचान है। तीज-त्योहारों, विवाह समारोहों और घर-परिवार के खास आयोजनों पर इसे विशेष रूप से तैयार किया जाता है। बच्चे हों या बुजुर्ग, इसका मीठा और कुरकुरा स्वाद हर उम्र के लोगों को भाता है। जो लोग घर बैठे छत्तीसगढ़ी जायके का मजा लेना चाहते हैं, उनके लिए यह एक बेहतरीन विकल्प है। इसे बनाने का असली फायदा यह है कि इसे एक बार तैयार कर लंबे समय तक संभालकर रखा जा सकता है।

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क्या-क्या सामग्री चाहिए

खुरमी बनाने के लिए आपको इन चीजों की जरूरत पड़ेगी: 2 कप गेहूं का आटा, ½ कप सूजी, 1 कप गुड़ या चीनी, 2 से 3 बड़े चम्मच तिल, मोयन के लिए ¼ कप घी और तलने के लिए तेल या घी। अगर स्वाद को और बढ़ाना हो तो इसमें कद्दूकस किया हुआ नारियल, इलायची पाउडर और सौंफ भी मिलाई जा सकती है।

पहला कदम: गुड़ का घोल तैयार करना

इस मिठाई की शुरुआत गुड़ या चीनी की चाशनी बनाने से होती है। एक पैन में गुड़ के साथ थोड़ा पानी डालकर तब तक उबालें जब तक गुड़ पूरी तरह घुलकर एकसार न हो जाए। घोल बन जाने के बाद इसे आंच से उतारकर ठंडा होने के लिए अलग रख दें।

सूखी सामग्री और मोयन

अब एक बड़े बर्तन में गेहूं का आटा, सूजी, तिल, नारियल और इलायची पाउडर को आपस में मिला लें। इसके बाद इसमें घी डालकर अच्छी तरह मिलाएं — इसी प्रक्रिया को मोयन लगाना कहते हैं। ध्यान रखें कि मोयन सही मात्रा में हो, क्योंकि यही खुरमी को ज्यादा खस्ता और स्वादिष्ट बनाता है।

सख्त आटा गूंथकर मनचाहा आकार दें

तैयार सूखे मिश्रण में अब धीरे-धीरे गुड़ का ठंडा घोल डालते जाएं और इसे सख्त गूंथ लें। गुंथे हुए आटे को कुछ देर ढककर रहने दें। इसके बाद इसकी एक बड़ी लोई बनाकर मोटा बेल लें और फिर इसे चौकोर, हीरे या अपनी पसंद के किसी भी आकार में काट लें।

तलें और स्टोर करें

कढ़ाई में तेल या घी गर्म करें और कटे हुए टुकड़ों को धीमी से मध्यम आंच पर तब तक तलें जब तक वे सुनहरे और कुरकुरे न हो जाएं। तलने के बाद इन्हें अच्छी तरह ठंडा होने दें और फिर किसी एयरटाइट डिब्बे में भरकर रख दें। सही तरीके से स्टोर करने पर खुरमी आराम से 15 से 20 दिनों तक ताज़ा और सुरक्षित बनी रहती है।

स्वाद के साथ संस्कृति का स्वाद

खुरमी की लोकप्रियता आज भी उतनी ही बनी हुई है जितनी सालों पहले थी। घर में आसानी से बन जाने वाली यह डिश छत्तीसगढ़ की समृद्ध खानपान संस्कृति को आगे की पीढ़ियों तक पहुंचाती है — हर निवाले के साथ मिठास भी और परंपरा का अहसास भी।

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