सावन के पवित्र महीने में कई लोग सात्विक भोजन करना पसंद करते हैं और अपनी रसोई में प्याज तथा लहसुन का उपयोग बंद कर देते हैं। ऐसे समय में जब शाही पनीर जैसी समृद्ध और स्वादिष्ट डिश खाने का मन करे, तो बिना प्याज और लहसुन के गाढ़ी ग्रेवी तैयार करना अक्सर एक चुनौती महसूस होता है। आमतौर पर शाही पनीर की ग्रेवी को गाढ़ा, समृद्ध और क्रीमी बनाने के लिए भारी मात्रा में प्याज, लहसुन, काजू के पेस्ट या अत्यधिक क्रीम का सहारा लिया जाता है। हालांकि, अगर आप सावन के नियमों का पालन कर रहे हैं या बिना काजू के एक हल्का और बजट अनुकूल विकल्प चाहते हैं, तो आपकी रसोई में रखा एक साधारण कद्दू कमाल कर सकता है। सुनने में यह विचार थोड़ा अजीब लग सकता है, लेकिन कद्दू से तैयार की गई ग्रेवी पनीर के टुकड़ों को वही रेस्टोरेंट जैसा गाढ़ापन, बॉडी और मखमली टेक्सचर प्रदान करती है, जो हर किसी को पसंद आता है। मास्टरशेफ फेम गुरकीरत सिंह ने बिना प्याज और लहसुन वाली शाही पनीर की एक ऐसी ही बेहतरीन और आसान रेसिपी साझा की है, जिसमें कद्दू और टमाटर को साबुत मसालों के साथ धीमी आंच पर पकाकर एक बेहद स्मूथ प्यूरी तैयार की जाती है।
कद्दू बनेगा शाही ग्रेवी का असली सीक्रेट इंग्रीडिएंट
शाही पनीर की असली पहचान और उसकी सफलता उसकी गाढ़ी, चिकनी और मखमली ग्रेवी पर निर्भर करती है। जब ग्रेवी में प्याज और लहसुन का प्रयोग नहीं किया जाता, तो कई गृहणियों को लगता है कि ग्रेवी पतली रह जाएगी या उसमें वह समृद्धता नहीं आ पाएगी। यही वह जगह है जहां कद्दू एक जादुई विकल्प के रूप में काम आता है। पकाए जाने के बाद कद्दू बेहद नरम और मुलायम हो जाता है। जब इसे उबले हुए टमाटरों और मसालों के साथ मिक्सर में बारीक पीसा जाता है, तो यह ग्रेवी को एक बेहतरीन बॉडी और गाढ़ापन देता है। कद्दू का अपना स्वाद बहुत हल्का होता है, इसलिए जब इसे भारतीय मसालों और मक्खन के साथ पकाया जाता है, तो यह मसालों के स्वाद को पूरी तरह से सोख लेता है और ग्रेवी में कद्दू का अलग से कोई स्वाद महसूस नहीं होता। यह सावन के व्रत और त्योहारों के दौरान सात्विक भोजन पसंद करने वालों के लिए एक उत्कृष्ट और पौष्टिक विकल्प साबित होता है।
इसके अलावा, काजू की तुलना में कद्दू का इस्तेमाल करना सेहत के लिहाज से हल्का और पॉकेट फ्रेंडली भी होता है। जिन लोगों को ड्राई फ्रूट्स से एलर्जी है या जो कम कैलोरी वाली समृद्ध ग्रेवी खाना चाहते हैं, उनके लिए यह तरीका एकदम सही है। कद्दू में मौजूद प्राकृतिक मिठास और टमाटर की हल्की खटास का मेल इस ग्रेवी को एक संतुलित और शाही स्वाद प्रदान करता है।
साबुत मसालों की भुनाई और कद्दू-टमाटर पकाने की विधि
इस सात्विक शाही पनीर को बनाने की शुरुआत खड़े मसालों के तड़के से होती है। सबसे पहले एक कड़ाही में थोड़ा सा घी या तेल डालकर धीमी आंच पर गर्म करें। जब घी हल्का गर्म हो जाए, तो उसमें जीरा, तेज पत्ता, लौंग, दालचीनी का एक छोटा टुकड़ा, काली मिर्च और छोटी इलायची जैसे साबुत मसाले डालें। इन मसालों को धीमी आंच पर तब तक भूनें जब तक कि उनसे एक हल्की और मनमोहक खुशबू न आने लगे। मसालों की यह खुशबू ही ग्रेवी को पारंपरिक शाही सुगंध देती है।
जैसे ही साबुत मसाले अपनी खुशबू छोड़ने लगें, कड़ाही में बड़े टुकड़ों में कटा हुआ कद्दू और टमाटर डाल दें। इसके तुरंत बाद स्वाद के अनुसार नमक मिलाएं। नमक डालने से कद्दू और टमाटर अपना पानी छोड़ेंगे और तेजी से गलना शुरू हो जाएंगे। सभी सामग्रियों को आपस में अच्छी तरह से चलाएं ताकि मसाले कद्दू और टमाटर पर अच्छी तरह लिपट जाएं। अब कड़ाही को ढक्कन से ढक दें और आंच को धीमा से मध्यम रखें। कद्दू और टमाटर को तब तक पकने दें जब तक कि वे पूरी तरह से नरम और मैश होने लायक न हो जाएं। बीच-बीच में ढक्कन हटाकर मिश्रण को चलाते रहें ताकि सब्जियां कड़ाही के तले में चिपककर जल न जाएं।
पनीर को हल्का फ्राई करने का तरीका और फाइन प्यूरी बनाना
जब तक कड़ाही में कद्दू और टमाटर पक रहे हों, तब तक पनीर की तैयारी कर लें। फ्रेश पनीर को चौकोर या अपनी पसंद के किसी भी मनचाहे आकार के टुकड़ों में काट लें। अब एक दूसरे नॉन-स्टिक पैन में थोड़ा सा मक्खन या घी गर्म करें। उसमें पनीर के टुकड़ों को डालें और धीमी आंच पर हल्का सुनहरा होने तक सेंक लें। ध्यान रखें कि पनीर को बहुत ज्यादा देर तक न तलें और न ही इसे तेज आंच पर भूने। पनीर को अत्यधिक तलने से उसका मॉइश्चर खत्म हो जाता है और वह सख्त तथा रबड़ जैसा हो सकता है। हल्का सा सेकने से पनीर के टुकड़े ऊपर से हल्के क्रिस्पी और अंदर से बिल्कुल सॉफ्ट बने रहते हैं।
दूसरी तरफ, जब कड़ाही में कद्दू और टमाटर पूरी तरह गलकर एकसार हो जाएं, तो उसमें हल्दी पाउडर और धनिया पाउडर मिलाएं। मसालों को सब्जियों के साथ एक से दो मिनट तक धीमी आंच पर भूनें ताकि मसालों का कच्चापन दूर हो जाए। इसके बाद गैस बंद कर दें और इस गरम मिश्रण को कमरे के तापमान पर थोड़ा ठंडा होने दें। गरम मिश्रण को कभी भी सीधे मिक्सर में न पीसें। जब मिश्रण हल्का ठंडा हो जाए, तो तेज पत्ते को निकालकर अलग कर दें और बाकी सामग्री को मिक्सर ग्राइंडर के जार में डाल दें। आवश्यकता के अनुसार इसमें थोड़ा सा पानी मिलाएं और मिक्सर चलाकर एक बेहद बारीक और चिकनी प्यूरी तैयार कर लें। ग्रेवी में रेस्टोरेंट जैसा स्मूथ टेक्सचर पाने के लिए प्यूरी का बिल्कुल बारीक पिसा होना बेहद जरूरी है।
कश्मीरी मिर्च से शाही रंग और स्वादों का सही संतुलन
प्यूरी तैयार होने के बाद अब ग्रेवी को पकाने का अंतिम चरण आता है। एक साफ कड़ाही लें और उसमें थोड़ा सा मक्खन गर्म करें। जैसे ही मक्खन पिघले, उसमें कश्मीरी लाल मिर्च पाउडर डालें और तुरंत ही तैयार की हुई कद्दू और टमाटर की प्यूरी कड़ाही में पलट दें। कश्मीरी मिर्च को मक्खन में डालते ही तुरंत प्यूरी मिलाना आवश्यक है, वरना मिर्च जल सकती है और ग्रेवी का रंग खराब होने के साथ स्वाद में कड़वाहट आ सकती है। कश्मीरी लाल मिर्च इस शाही पनीर को बिना तीखा बनाए एक सुंदर और गहरा लाल-शाही रंग देती है।
अब ग्रेवी को धीमी आंच पर कुछ मिनटों के लिए पकने दें। यदि आपको लगता है कि ग्रेवी बहुत अधिक गाढ़ी हो गई है, तो इसमें थोड़ा सा गुनगुना पानी मिलाकर इसकी कंसिस्टेंसी को व्यवस्थित कर सकते हैं। ध्यान रखें कि शाही पनीर की ग्रेवी न तो बहुत ज्यादा पतली होनी चाहिए और न ही अत्यधिक सूखी। जब ग्रेवी में हल्का उबाल आने लगे, तो इसमें पहले से फ्राई करके रखे हुए पनीर के टुकड़े डाल दें। इसके बाद ऊपर से थोड़ा सा गरम मसाला पाउडर, हथेली से क्रश की हुई कसूरी मेथी और स्वाद को संतुलित करने के लिए थोड़ी सी मात्रा में शहद मिलाएं। कसूरी मेथी की खुशबू ग्रेवी को एक अलग ही स्वाद देती है, जबकि शहद की हल्की मिठास टमाटर की खटास को संतुलित करके स्वाद को एकदम परफेक्ट बना देती है। सभी चीजों को हल्के हाथों से मिलाएं और धीमी आंच पर दो से तीन मिनट पकने दें ताकि पनीर ग्रेवी के सभी स्वादों को अपने भीतर अच्छी तरह सोख सके।
क्रीम से फिनिशिंग और गरमागरम परोसने के बेहतरीन विकल्प
शाही पनीर जब पूरी तरह से पककर तैयार होने वाला हो, तो गैस बंद करने से ठीक एक से दो मिनट पहले इसमें एक से दो चम्मच ताजी क्रीम या फिर घर की फेंटी हुई मलाई मिलाएं। क्रीम या मलाई डालने के बाद इसे बहुत ज्यादा देर तक नहीं पकाया जाता। इसे हल्के हाथों से ग्रेवी में मिलाएं और बस एक हल्का सा उबाल आने का इंतजार करें। जैसे ही ग्रेवी में हल्का उबाल दिखे, तुरंत गैस बंद कर दें। ताजी क्रीम डालने से ग्रेवी का रंग और मखमली टेक्सचर और भी ज्यादा उभरकर सामने आता है।
आपकी बिना प्याज और लहसुन वाली, कद्दू की गाढ़ी ग्रेवी से तैयार सात्विक शाही पनीर अब परोसने के लिए बिल्कुल तैयार है। इसे एक सुंदर सर्विंग बाउल में निकालें और ऊपर से थोड़ी सी मली हुई कसूरी मेथी तथा ताजी क्रीम की पंक्तियों से सजाएं। इस स्वादिष्ट शाही पनीर को आप गरमागरम तंदूरी रोटी, बटर पराठे, गेहूं के नान या फिर महकते हुए जीरा राइस के साथ परोस सकते हैं। सावन के महीने में पारिवारिक भोज या किसी धार्मिक अवसर पर यह डिश हर किसी का दिल जीत लेगी और कोई यह अंदाजा भी नहीं लगा पाएगा कि इसमें प्याज, लहसुन या काजू का इस्तेमाल बिल्कुल नहीं किया गया है।



















