मिठाइयों के शौकीनों के लिए रसोई में मौजूद सामान्य सब्जियों से नए स्वाद तलाशना हमेशा से दिलचस्प रहा है। भारतीय घरों में लौकी का इस्तेमाल ज्यादातर नमकीन करी या सूखी सब्जी पकाने में किया जाता है, मगर इसी हरी सब्जी से मलाईदार और लजीज खीर भी तैयार की जा सकती है। गाढ़े दूध, घी में भुनी लौकी और कुरकुरे सूखे मेवों के संगम से बनने वाली यह मिठाई पारंपरिक पकवानों जितनी ही स्वादिष्ट लगती है। इसकी सबसे अच्छी बात यह है कि इसे बनाने में लगने वाला सारा सामान आम भारतीय रसोई में पहले से मौजूद होता है और इसे तैयार करने में बहुत ज्यादा मशक्कत भी नहीं करनी पड़ती।
खीर बनाने के लिए जरूरी सामग्री और सही माप
इस स्वादिष्ट मिष्ठान को बनाने से पहले सभी आवश्यक चीजों को सही अनुपात में नापकर पास रख लें। खीर पकाने के लिए मुख्य रूप से 250 ग्राम कद्दूकस की हुई ताजा लौकी की जरूरत होती है। इसके साथ ही एक लीटर फुल क्रीम दूध, 1 से 2 चम्मच शुद्ध देसी घी और 4 से 5 बड़े चम्मच चीनी तैयार रखें। खुशबू और स्वाद बढ़ाने के लिए आधा चम्मच पिसी हुई इलायची का पाउडर और 2 चम्मच बारीक कटे हुए मेवे जैसे काजू, बादाम और पिस्ता निकाल लें। चीनी और सूखे मेवों की मात्रा को परिवार के सदस्यों की पसंद के मुताबिक थोड़ा कम या ज्यादा भी किया जा सकता है।
लौकी की तैयारी और भूनने की सही तकनीक
खीर बनाने के शुरुआती चरण के बारे में फूड एक्सपर्ट नेहा शर्मा बताती हैं कि सबसे पहले लौकी को साफ पानी से अच्छी तरह धो लें और उसका छिलका उतार लें। छीलने के बाद इसे कद्दूकस की मदद से बारीक लच्छों में घिस लें। इसके तुरंत बाद दोनों हथेलियों के बीच दबाकर लौकी का सारा अतिरिक्त पानी निचोड़कर बाहर निकाल देना चाहिए। ऐसा करने से लौकी जल्दी पकती है और उसका स्वाद भी बरकरार रहता है।
इसके बाद गैस पर एक भारी तले की कड़ाही चढ़ाएं और उसमें देसी घी डालकर पिघलने दें। घी हल्का गर्म होते ही उसमें कद्दूकस की हुई लौकी डालें और मध्यम आंच पर लगभग 4 से 5 मिनट तक चलाते हुए भूनें। इस तरह घी में भूनने से लौकी के भीतर का कच्चापन पूरी तरह खत्म हो जाता है और जब यह दूध के साथ मिलती है, तो खीर को एक लाजवाब सोंधापन देती है। साथ ही साथ, दूसरे बड़े बर्तन में एक लीटर फुल क्रीम दूध को उबलने के लिए रख दें।
दूध के साथ पकाने और गाढ़ा करने का तरीका
जैसे ही दूध में पहला उबाल आ जाए, उसमें पहले से भूनकर रखी गई लौकी मिला दें। आंच को तुरंत धीमा कर दें और कड़छी से बीच-बीच में चलाते रहें। लगातार चलाते रहना इसलिए जरूरी है ताकि दूध कड़ाही या पतीले के तले में चिपककर जले नहीं। धीमी आंच पर पकते हुए कुछ ही समय में लौकी एकदम मुलायम हो जाती है और दूध भी गाढ़ा होकर मलाईदार रूप लेने लगता है।
जब लौकी पूरी तरह गल जाए और दूध गाढ़ा होकर मनपसंद रूप में आ जाए, तब इसमें 4 से 5 चम्मच चीनी डालकर अच्छी तरह घोलें। चीनी घुलते ही कटे हुए काजू, बादाम और पिस्ता डाल दें। सबसे आखिर में खुशबूदार इलायची पाउडर मिलाएं और पूरी खीर को धीमी आंच पर 3 से 4 मिनट तक और पकने दें ताकि सारे मेवे और इलायची का स्वाद खीर में रच-बस जाए। इसके बाद आंच बंद कर दें।
परोसने का अंदाज और पोषक तत्वों का भंडार
तैयार खीर को कटे हुए मेवों की कतरन से सजाकर गरमागरम कटोरियों में परोसा जा सकता है। अगर किसी को ठंडी मिठाई खाना पसंद है, तो इसे पहले कमरे के सामान्य तापमान पर ठंडा होने दें और फिर कुछ घंटों के लिए फ्रिज में रख दें। चिल होने के बाद इसका स्वाद और भी निखरकर सामने आता है।
यह व्यंजन सिर्फ स्वाद में ही बेहतरीन नहीं है, बल्कि सेहत के लिहाज से भी काफी फायदेमंद है। लौकी में पानी और फाइबर की भरपूर मात्रा पाई जाती है, जबकि फुल क्रीम दूध शरीर को प्रचुर मात्रा में कैल्शियम और प्रोटीन उपलब्ध कराता है। वहीं काजू, बादाम और पिस्ता जैसे मेवे स्वाद बढ़ाने के साथ-साथ शरीर को आवश्यक खनिज भी देते हैं। ऐसे में यह घरेलू मीठा बच्चों और बड़ों दोनों के लिए एक पौष्टिक विकल्प बन जाता है, जिसे किसी भी त्योहार, व्रत या पारिवारिक आयोजन में आसानी से परोसा जा सकता है।



















