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घर पर एकदम बाजार जैसी कुरकुरी मूंग दाल कचौरी बनाने की आसान रेसिपी और गुप्त टिप्सखानपान
24 अग॰ 2026, 12:58 pm (20 दिन पहले)· 2

घर पर एकदम बाजार जैसी कुरकुरी मूंग दाल कचौरी बनाने की आसान रेसिपी और गुप्त टिप्स

नाश्ते और शाम की चाय का स्वाद बढ़ाने के लिए घर पर खस्ता मूंग दाल कचौरी बनाने का आसान तरीका जानें। सही मोयन और धीमी आंच की तकनीक से पाएं एकदम हलवाई जैसा स्वाद।

भारतीय खान-पान में मूंग दाल कचौरी का अपना एक अलग ही स्थान है। त्योहारों का मौका हो, रविवार का नाश्ता या शाम की चाय, गरमा-गरम और खस्ता कचौरी का स्वाद हर किसी का दिल जीत लेता है। बाहर से एकदम कुरकुरी और अंदर से चटपटी मूंग दाल की स्टफिंग से भरी यह पारंपरिक डिश सही तरीके से बनाई जाए तो बाजार की हलवाई जैसी कचौरी को भी मात दे सकती है।

कचौरी का आटा तैयार करने की विधि

कचौरी की बाहरी परत को खस्ता बनाने के लिए मोयन का सही होना बेहद जरूरी है। एक बड़े बर्तन में मैदा निकालें और उसमें स्वादानुसार नमक और थोड़ा तेल मिलाएं। मोयन सही है या नहीं, यह जांचने के लिए मैदे को हथेली में दबाकर देखें, अगर मुट्ठी बनने लगे तो समझें कि तेल की मात्रा बिल्कुल सही है। इसके बाद थोड़ा-थोड़ा पानी मिलाते हुए नरम आटा गूंथ लें। गूंथे हुए आटे को कपड़े से ढककर 20 से 25 मिनट के लिए रेस्ट पर रख दें।

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चटपटी मूंग दाल स्टफिंग बनाने का तरीका

स्टफिंग बनाने के लिए 1 कप धुली मूंग दाल को 3 से 4 घंटे के लिए पानी में भिगो दें। इसके बाद दाल का सारा पानी निकालकर उसे मिक्सी में दरदरा पीस लें। ध्यान रहे कि दाल का पेस्ट बिल्कुल बारीक न हो। अब एक पैन में तेल गर्म करें और उसमें जीरा, सौंफ और हींग का तड़का लगाएं। मसालों के चटकते ही पिसी हुई दाल डालें और धीमी आंच पर भूनें।

अब इसमें धनिया पाउडर, लाल मिर्च पाउडर, नमक, गरम मसाला और अमचूर पाउडर डालकर अच्छी तरह मिलाएं। दाल को धीमी आंच पर तब तक भूनते रहें जब तक कि उसकी सारी नमी खत्म न हो जाए और वह बिल्कुल सूखी न हो जाए। स्टफिंग तैयार हो जाने पर उसे गैस से उतारकर पूरी तरह ठंडा होने दें।

कचौरी भरने और तलने की सही तकनीक

तैयार आटे की छोटी-छोटी लोइयां तोड़ लें। प्रत्येक लोई को हल्का सा बेलकर उसके बीच में 1 से 2 चम्मच ठंडी की हुई दाल की स्टफिंग रखें। अब किनारों को ऊपर की तरफ लाते हुए अच्छी तरह बंद करें और हथेली से हल्का सा दबाकर कचौरी का आकार दें।

कड़ाही में तेल डालकर धीमी आंच पर गर्म करें। कचौरी को तेल में डालें और धीमी से मध्यम आंच पर सुनहरा भूरा होने तक तलें। अगर आप तेज आंच पर तलेंगे तो कचौरी बाहर से तो सिक जाएगी, लेकिन अंदर से खस्ता और कुरकुरी नहीं बन पाएगी।

परोसने के तरीके और जरूरी टिप्स

तैयार खस्ता मूंग दाल कचौरी को हरी धनिया की चटनी, खट्टी-मीठी इमली की चटनी या आलू की मसालेदार सब्जी के साथ गरमा-गरम परोसें। यह नाश्ते से लेकर शाम की स्नैक्स टेबल तक हर समय का स्वाद बढ़ा देती है।

कचौरी को परफेक्ट बनाने के लिए इन बातों का ध्यान रखें

  • स्टफिंग में नमी बिल्कुल नहीं होनी चाहिए, वरना तलते समय कचौरी फट सकती है।
  • कचौरी को हमेशा धीमी आंच पर ही तलें ताकि वह लंबे समय तक खस्ता बनी रहे।
  • बेहतर स्वाद के लिए स्टफिंग में थोड़ा कुटा हुआ साबुत धनिया, कुटी काली मिर्च और कसूरी मेथी भी मिला सकते हैं।

सवाल-जवाब

मूंग दाल को कचौरी बनाने के लिए कितनी देर भिगोना चाहिए?
मूंग दाल को कम से कम 3 से 4 घंटे के लिए पानी में भिगोना चाहिए।
कचौरी तलते समय क्यों फट जाती है?
यदि स्टफिंग में नमी बची रह जाए या कचौरी के किनारे ठीक से सील न हों, तो वह तलते समय फट सकती है।
कचौरी को किस आंच पर तलना सही रहता है?
कचौरी को हमेशा धीमी से मध्यम आंच पर तलना चाहिए ताकि वह अंदर तक अच्छी तरह पके और खस्ता बने।
मूंग दाल कचौरी किसके साथ परोसना सबसे अच्छा होता है?
इसे हरी धनिया की चटनी, इमली की खट्टी-मीठी चटनी या आलू की मसालेदार सब्जी के साथ परोसा जाता है।
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