गर्मी के दिनों में भोजन के साथ दही का सेवन लगभग हर घर में पसंद किया जाता है। दही सिर्फ स्वाद में ही बेहतरीन नहीं होता, बल्कि इसकी मदद से रायता, लस्सी, कढ़ी और कई स्वादिष्ट व्यंजन भी तैयार किए जाते हैं। हालांकि बाजार से पैकेट वाला दही लाने के बजाय यदि आप इसे घर पर पारंपरिक तरीके से मिट्टी के बर्तन में जमाते हैं, तो इसका अनुभव बिल्कुल अलग होता है। मिट्टी के बर्तन में जमी दही में एक सौंधी खुशबू और प्राकृतिक गाढ़ापन मिलता है, जो खाने के स्वाद को कई गुना बढ़ा देता है। इस प्रक्रिया को अपनाना बहुत आसान है और इसके लिए कुछ बुनियादी सामग्रियों की ही जरूरत होती है।
दूध की सही पसंद और उबालने का सही तरीका
घर पर बढ़िया और मलाईदार दही तैयार करने की शुरुआत अच्छी गुणवत्ता वाले दूध के चयन से होती है। आप अपनी पसंद के अनुसार फुल क्रीम या टोंड दूध का चुनाव कर सकते हैं, लेकिन अगर आपको एकदम गाढ़ा और मलाईदार दही चाहिए तो फुल क्रीम दूध सबसे अच्छा विकल्प माना जाता है। सबसे पहले एक लीटर दूध को अच्छी तरह उबाल लें। दूध में एक से दो उबाल आने के बाद इसे कुछ मिनटों तक धीमी आंच पर पकने दें। इस प्रक्रिया से दूध का अतिरिक्त पानी कम होता है और वह थोड़ा गाढ़ा हो जाता है, जिससे आगे चलकर दही भी काफी अच्छी तरह जमता है। उबालने के बाद दूध को गैस से नीचे उतार लें और इसे सामान्य तापमान पर ठंडा होने के लिए छोड़ दें।
दूध का सही तापमान और जामुन मिलाने की विधि
दही जमाने की पूरी प्रक्रिया में दूध का तापमान सबसे महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है। दूध न तो अत्यधिक गर्म होना चाहिए और न ही पूरी तरह से ठंडा होना चाहिए। जब आप दूध में उंगली डुबोकर देखें और वह हल्का गुनगुना महसूस हो, तो समझ लीजिए कि यह दही जमाने के लिए बिल्कुल सही स्थिति में है। अब इस गुनगुने दूध में लगभग एक से दो चम्मच ताजा और मीठा जामुन यानी पुराना दही मिला दें। जामुन को दूध में अच्छी तरह मिलाना जरूरी है ताकि खमीर पूरे बर्तन में समान रूप से फैल सके और दही एकसार जमे।
मिट्टी के बर्तन का कमाल और सही रख-रखाव
अब इस तैयार दूध को एक साफ और सूखे हुए मिट्टी के बर्तन में पलट दें। मिट्टी के बर्तन को दही जमाने के लिए श्रेष्ठ माना जाता है क्योंकि इसकी प्राकृतिक बनावट दूध की अतिरिक्त नमी को सोख लेती है, जिससे दही का टेक्सचर बाजार मिलने वाले दही से ज्यादा गाढ़ा और मुलायम बनता है। बर्तन को ढक्कन से ढककर किसी ऐसी शांत जगह पर रख दें जहां बार-बार हलचल न हो। गर्मियों के मौसम में यह दही सामान्य रूप से करीब पांच से सात घंटे के भीतर पूरी तरह जम जाता है, जबकि सर्दियों के दिनों में तापमान कम होने के कारण इसमें थोड़ा अधिक समय लग सकता है।
दही जमाने के कुछ जरूरी और उपयोगी टिप्स
जब दही अच्छी तरह से जम जाए तो उसे तुरंत खाने या हिलाने के बजाय कुछ समय के लिए फ्रिज में रख देना चाहिए। इससे दही अच्छी तरह सेट हो जाता है और उसकी मलाईदार बनावट और निखर जाती है। मिट्टी के बर्तन में तैयार इस दही में हल्की सी सौंधी महक आती है जो भोजन के स्वाद को और भी बढ़ा देती है। दही जमाते समय हमेशा इस बात का ध्यान रखें कि बर्तन पूरी तरह साफ हो और जामुन के लिए हमेशा ताजे दही का ही इस्तेमाल करें। यदि आपका जमा हुआ दही जरूरत से ज्यादा खट्टा हो जाता है, तो अगली बार जामुन की मात्रा थोड़ी कम कर दें और दही को जमने के बाद ज्यादा देर तक बाहर न छोड़ें। इन छोटी-छोटी बातों का ध्यान रखकर आप आसानी से बाजार जैसी मलाईदार और सौंधी महक वाली दही घर पर ही तैयार कर सकते हैं।



















