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हैदराबाद की थाली में यमन का स्वाद, हजार साल पुराने इस मीठे पकवान की क्या है कहानीखानपान
27 जुल॰ 2026, 1:22 pm (48 दिन पहले)· 1

हैदराबाद की थाली में यमन का स्वाद, हजार साल पुराने इस मीठे पकवान की क्या है कहानी

हैदराबाद की पारंपरिक यमनी असीद एक ऐतिहासिक मिठाई है जिसे गुड़, घी और मसालों से तैयार किया जाता है। चौश समुदाय इस सदियों पुरानी रेसिपी को शहर की संस्कृति का अहम हिस्सा बनाए हुए है।

दक्षिण भारत के प्रसिद्ध शहर हैदराबाद की गलियों में कई तरह के लजीज व्यंजन मिलते हैं, लेकिन यहां की एक खास मिठाई का इतिहास सीमाओं को लांघकर सीधे यमन से जुड़ा हुआ है। सदियों पहले जब यमनी मूल का चौश समुदाय आकर इस शहर में बस गया, तो वे अपने साथ अपनी खानपान की समृद्ध विरासत भी लेते आए। विशेष तौर पर बरकास और उसके आस-पास के इलाकों में इस समुदाय ने अपनी पाक कला की जड़ों को मजबूत किया। वक्त के पहिए के साथ इस पारंपरिक व्यंजन में स्थानीय हैदराबादी जायके भी घुल-मिल गए, जिसके बाद यह शहर की सबसे लोकप्रिय और पारंपरिक मीठी डिश के तौर पर स्थापित हो गई।

कैसी होती है इस अनोखी मिठाई की बनावट

पहली नजर में देखने पर यह पकवान आपको किसी भारतीय हलवे या लपसी की याद दिला सकता है, लेकिन इसकी बनावट काफी अलग होती है। इसकी कंसिस्टेंसी हलवे के मुकाबले कहीं ज्यादा गाढ़ी, बेहद चिकनी और लचीली होती है। मूल रूप से यमन में इस डिश को मीठे और नमकीन दोनों ही रूपों में परोसा और खाया जाता है, मगर हैदराबाद के लोगों ने इसके मीठे संस्करण को सबसे ज्यादा अपनाया है। इसमें इस्तेमाल होने वाले गुड़ की वजह से इसका रंग गहरा होता है और स्वाद में एक सौंधी खुशबू के साथ हल्का कैरेमल जैसा टेस्ट आता है जो खाने वालों को लंबे समय तक याद रहता है।

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किन सामग्रियों से तैयार होता है असीद

इस पारंपरिक मीठे पकवान को बनाने के लिए रसोई में कुछ खास और बुनियादी चीजों की जरूरत पड़ती है। मुख्य सामग्री के तौर पर इसमें गेहूं के आटे या मैदे का इस्तेमाल किया जाता है, जिसके साथ गुड़, शुद्ध देसी घी और कई तरह के पारंपरिक मसालों को शामिल किया जाता है। स्वाद और खुशबू को बढ़ाने के लिए इसमें सोंठ, सौंफ, इलायची और दालचीनी डाली जाती है। इसके अलावा कई परिवार इसमें केसर भी मिलाते हैं, जो इसकी महक को और ज्यादा शाही बना देता है। यही तमाम मसाले मिलकर इसे एक अनूठी तासीर और विशिष्ट स्वाद प्रदान करते हैं।

क्या है इसे पकाने की पूरी प्रक्रिया

इस व्यंजन को बनाने की शुरुआत सबसे पहले एक खास चाशनी तैयार करने से होती है। पानी में गुड़, सौंफ, सोंठ और अन्य मसालों को अच्छी तरह उबाला जाता है। इसके बाद धीमी आंच पर इसमें आटा मिलाया जाता है और कारीगरी का असली काम शुरू होता है। मिश्रण में किसी भी तरह की गांठ न पड़े, इसके लिए इसे लकड़ी के भारी चम्मच या बेलन की मदद से लगातार घोटना पड़ता है। इसे तब तक लगातार पकाया जाता है जब तक कि पूरा मिश्रण एकदम चिकना होकर कड़ाही या बर्तन के किनारे न छोड़ने लगे।

जब यह पककर तैयार हो जाता है, तो परोसने का तरीका भी बेहद दिलचस्प होता है। इसे थाली में एक गोल आकार में सेट किया जाता है और इसके ठीक बीच में एक छोटा सा गड्ढा बनाकर उसमें गरमागरम पिघला हुआ घी उड़ेल दिया जाता है। हैदराबाद के पारंपरिक यमनी परिवारों में इस लजीज व्यंजन को खासतौर पर ईद-उल-अजहा के मुबारक मौके पर सुबह के नाश्ते में या फिर मुख्य भोजन के बाद मीठे के तौर पर जरूर बनाया जाता है।

सेहत के लिए फायदेमंद और सांस्कृतिक सेतु

भरपूर मात्रा में गुड़, शुद्ध घी और सोंठ जैसी गर्म तासीर वाली चीजों के इस्तेमाल की वजह से इसे बेहद ऊर्जावान और ताकतवर पारंपरिक भोजन माना जाता है। इतिहास के पन्नों में इसे ऐसा भोजन भी माना गया है जिसे लंबे सफर पर निकलते वक्त आसानी से साथ ले जाया जा सकता था। खासकर सर्दियों के ठंडे दिनों में और बरसात के मौसम में यह शरीर को अंदर से ऊर्जावान और गर्म रखने में बहुत मददगार साबित होता है। हैदराबादी यमनी असीद सिर्फ एक साधारण मिठाई नहीं है, बल्कि यह हैदराबाद और अरब देशों के बीच सदियों पुराने गहरे सांस्कृतिक और ऐतिहासिक संबंधों की एक बेहद स्वादिष्ट और जीवंत पहचान है।

सवाल-जवाब

हैदराबाद में असीद को लोकप्रिय बनाने का श्रेय किसे दिया जाता है?
हैदराबाद में असीद को पहचान दिलाने और लोकप्रिय बनाने का मुख्य श्रेय यहां के यमनी मूल के चौश समुदाय को जाता है।
असीद बनाने के लिए मुख्य रूप से किन सामग्रियों का उपयोग होता है?
इसे बनाने के लिए गेहूं का आटा या मैदा, गुड़, शुद्ध घी, सोंठ, सौंफ, इलायची और दालचीनी का इस्तेमाल किया जाता है।
हैदराबाद में असीद को किस अवसर पर खास तौर पर बनाया जाता है?
हैदराबाद के यमनी परिवारों में इसे विशेष रूप से ईद-उल-अजहा के अवसर पर नाश्ते या मीठे के रूप में तैयार किया जाता है।
असीद का स्वाद कैसा होता है?
गुड़ के इस्तेमाल के कारण इसका स्वाद गहरा, सौंधा और हल्का कैरेमल जैसा होता है।
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