हल्का, सुपाच्य और सेहतमंद भोजन दिनभर की थकान मिटाने के साथ मूड को एकदम ताज़ा कर देता है। अगर आप भी किसी ऐसे व्यंजन की तलाश में हैं जो पेट को आराम देने के साथ-साथ स्वाद की कसौटी पर भी खरा उतरे, तो लेमन कोरिएंडर कॉर्न सूप एक बेहतरीन विकल्प साबित होता है। होटल और रेस्टोरेंट में मिलने वाला यह पारदर्शी और ज़ायकेदार सूप अक्सर लोगों को अपनी महक और संतुलित खटास की वजह से बहुत पसंद आता है। ज़्यादातर लोग सोचते हैं कि ऐसा सूप घर में तैयार करना मुश्किल है, लेकिन कुछ बुनियादी बातों और तरकीबों को समझकर इसे घर की रसोई में भी बिल्कुल वैसा ही बनाया जा सकता है।
इस सूप की सबसे बड़ी खूबी इसका हल्कापन और ताज़गी भरा स्वाद है। इसमें मक्के के दानों की हल्की मिठास, सब्जियों का कुरकुरापन, नींबू का तीखापन और हरे धनिए की सौंधी खुशबू का ऐसा तालमेल बनता है जो शरीर को तुरंत नई ऊर्जा से भर देता है। किसी भी मौसम में जब गले को आराम देने या कुछ पौष्टिक पीने का मन हो, तब यह सूप चुटकियों में तैयार किया जा सकता है।
सूप तैयार करने के लिए आवश्यक सामग्री
घर पर शुद्ध और स्वादिष्ट लेमन कोरिएंडर कॉर्न सूप बनाने के लिए आपको बहुत कम और आसानी से मिलने वाली चीजों की जरूरत होती है। सबसे पहले 2 मध्यम आकार के उबले हुए स्वीट कॉर्न लें। सब्जियों में बारीक कटी हुई गाजर, हरी बीन्स और बारीक कटा प्याज शामिल करें। ध्यान रखें कि कटी हुई गाजर, बीन्स और प्याज का कुल अनुपात कॉर्न की मात्रा का लगभग एक-चौथाई यानी 1/4 ही होना चाहिए ताकि सूप में कॉर्न का दबदबा बना रहे।
तड़के और तीखेपन के लिए 3 बड़े आकार की लहसुन की कलियां और 1 हरी मिर्च को बारीक काट लें। इसके अलावा आधा गुच्छा हरा धनिया चाहिए, जिसमें पत्तों और डंठल को अलग-अलग करके बारीक काट कर रखना है। स्वाद को संतुलित करने के लिए 1 छोटा चम्मच सोया सॉस, 1 से डेढ़ बड़ा चम्मच ताज़ा नींबू का रस, 1 बड़ा चम्मच मक्खन, स्वादानुसार नमक, ताज़ी कुटी हुई काली मिर्च और आवश्यकतानुसार पानी की आवश्यकता पड़ेगी। अगर सूप को थोड़ा गाढ़ा बनाना हो, तो आधा से एक चम्मच कॉर्नस्टार्च का इस्तेमाल भी किया जा सकता है।
कॉर्न को उबालने और सही बनावट देने का तरीका
सूप बनाने की शुरुआत मक्के के दानों को सही रूप देने से होती है। स्वीट कॉर्न को पहले अच्छी तरह उबाल लें और फिर छलनी से छानकर सारा पानी निकाल दें। जब उबला हुआ कॉर्न ठंडा हो जाए, तब उसमें से एक-चौथाई हिस्से को चाकू से बारीक-बारीक काट लें, जबकि बाकी तीन-चौथाई दानों को साबुत ही रहने दें।
कॉर्न के कुछ दानों को बारीक काटने के पीछे एक वैज्ञानिक कारण है। जब आप उबले दानों को काटते हैं, तो उनका प्राकृतिक स्टार्च बाहर आ जाता है। यह प्राकृतिक स्टार्च पानी के साथ मिलकर सूप को बिना किसी भारीपन के एक हल्का, पारदर्शी और साफ टेक्सचर प्रदान करता है। इससे सूप न तो बहुत पतला रहता है और न ही बहुत गाढ़ा होता है।
लहसुन, हरी मिर्च और प्याज की भुनाई
एक चौड़े पैन या कड़ाही को मध्यम आंच पर रखें और उसमें 1 बड़ा चम्मच मक्खन डालकर पिघलाएं। जैसे ही मक्खन पिघले, उसमें बारीक कटा हुआ लहसुन और कटी हुई हरी मिर्च डाल दें। इन दोनों को केवल 20 सेकंड तक चलाएं ताकि लहसुन का कच्चापन दूर हो जाए, लेकिन ध्यान रखें कि लहसुन का रंग भूरा न पड़े और वह जले नहीं।
इसके तुरंत बाद पैन में बारीक कटा हुआ प्याज डालें। प्याज को धीमी और मध्यम आंच पर तब तक भूनना है जब तक वह नरम होकर हल्का गुलाबी न दिखने लगे। प्याज को ज्यादा भूनने या लाल करने से बचना चाहिए। हल्का गुलाबी प्याज सूप के बेस में एक भीनी सी मिठास और बहुत ही मुलायम बैकग्राउंड टेक्सचर जोड़ता है, जो हर घूंट में महसूस होता है।
धनिया के डंठल का असली करिश्मा
प्याज के हल्का गुलाबी होते ही पैन में कटी हुई गाजर, साबुत उबले कॉर्न और बारीक कटे हुए कॉर्न डाल दें। इसी समय सबसे महत्वपूर्ण सामग्री यानी बारीक कटे हुए धनिया के डंठल भी पैन में मिलाएं। अक्सर लोग धनिया साफ करते समय उसके डंठल फेंक देते हैं और सिर्फ पत्तों का उपयोग करते हैं, लेकिन इस सूप की असली आत्मा और प्राकृतिक खुशबू असल में इन्हीं डंठलों में छिपी होती है।
डंठलों में तेल और खुशबूदार तत्व पत्तों के मुकाबले कहीं ज्यादा सघन होते हैं। जब डंठल सब्जियों के साथ पकते हैं, तो उनकी ताज़ा महक पूरे तरल में घुल जाती है। इसलिए पत्तों को बचाकर रखें और डंठलों को सब्जियों के साथ ही पकने के लिए डालें।
पानी मिलाने और सूप को पकाने की प्रक्रिया
सब्जियों और डंठल को कुछ सेकंड चलाने के बाद इसमें जरूरत के मुताबिक साफ पानी डालें। आंच को मध्यम से थोड़ा तेज करें और मिश्रण में अच्छा उबाल आने दें। सूप को तब तक धीमी आंच पर उबलने दें जब तक कि उसका पानी करीब 10 से 20 प्रतिशत तक कम या रिड्यूस न हो जाए।
जब सूप अच्छी तरह पक जाएगा, तो उसकी सतह पर हल्के हरे और भूरे रंग की छोटी-छोटी तेल की बूंदें तैरती हुई दिखाई देने लगेंगी। यह इस बात का संकेत है कि सब्जियों, मक्खन और धनिया के डंठल के सभी प्राकृतिक अर्क पानी में पूरी तरह समा चुके हैं और सूप का स्वाद गाढ़ा तथा कॉन्सेंट्रेट हो चुका है।
अंतिम स्पर्श और परोसने का ढंग
सूप के तैयार होते ही उसमें उमामी ज़ायका जोड़ने के लिए 1 छोटा चम्मच सोया सॉस डालें। अगर आप थोड़ा गाढ़ा सूप पसंद करते हैं, तो एक कटोरी में थोड़े ठंडे पानी के साथ आधा से एक चम्मच कॉर्नस्टार्च घोल लें और उसे उबलते सूप में मिलाते हुए चलाएं।
गैस बंद करने से ठीक पहले या चूल्हा बंद करने के तुरंत बाद 1 से डेढ़ बड़ा चम्मच ताज़ा नींबू का रस और बारीक कटे हुए हरे धनिए के ताज़े पत्ते मिलाएं। नींबू का रस कभी भी खौलते सूप में ज्यादा देर नहीं पकाना चाहिए, वरना उसका स्वाद कड़वा हो सकता है। अंत में स्वादानुसार नमक और ताज़ी कुटी हुई काली मिर्च बुरकें। गरमा-गरम कटोरे में परोसें और इस पौष्टिक सूप की हर एक घूंट का आनंद लें।



















