दिन ढलते ही अक्सर हल्की या तेज भूख सताने लगती है, ऐसे में ज्यादातर लोग बाजार के अनहेल्दी या तले-भुने स्नैक्स की तरफ रुख कर लेते हैं। अगर आप स्वाद के साथ-साथ सेहत का ख्याल रखना चाहते हैं, तो चना बादाम सलाद एक अत्यंत पौष्टिक और हल्का विकल्प बनकर उभरता है। यह न सिर्फ शरीर को भरपूर ऊर्जा देता है, बल्कि घर के छोटे बच्चों से लेकर उम्रदराज सदस्यों तक सभी के पाचन और पसंद के अनुकूल भी बैठता है। थोड़ी सी पूर्व तैयारी कर ली जाए, तो इसे तैयार करने में नाममात्र का समय खर्च होता है।
तैयारी और जरूरी सामग्रियों का चयन
इस स्वादिष्ट सलाद का मुख्य आधार अंकुरित अनाज और ताजी मौसमी सब्जियां हैं। इसे बनाने के लिए चने को पर्याप्त पानी में भिगोकर अंकुरित कर लिया जाता है। इसके पोषक तत्वों को और अधिक समृद्ध बनाने के लिए इसके साथ मूंग को भी अंकुरित किया जा सकता है। इसके अलावा, लाल मटर को पहले पानी में अच्छी तरह भिगोया जाता है और फिर पूरी तरह पकने तक उबाल लिया जाता है।
सब्जियों के हिस्से में प्याज, गाजर, ककड़ी, खीरा और टमाटर को बारीक टुकड़ों में काटना शामिल है। व्यक्ति अपनी निजी पसंद या स्वाद के अनुसार अन्य हरी सब्जियों को भी इसमें शामिल कर सकता है, जिससे न सिर्फ कटोरी का रंग-रूप आकर्षक बनता है बल्कि हर निवाले में ताजे विटामिन्स की मात्रा भी जुड़ जाती है। चूंकि चना और मूंग को अंकुरित होने में समय लगता है, इसलिए इन्हें एक दिन पहले भिगोकर कपड़े में बांधकर रख देना सबसे व्यावहारिक तरीका है। ऐसा करने से परोसने के वक्त केवल सब्जियों की चॉपिंग का काम ही शेष रह जाता है।
मिलाने का तरीका और स्वाद बढ़ाने के उपाय
जब सभी सामग्रियां कटकर तैयार हो जाएं, तब एक गहरे और बड़े कटोरे में अंकुरित चना, अंकुरित मूंग और उबली हुई लाल मटर को एक साथ निकाल लें। इसके बाद इसमें बारीक कटा हुआ प्याज, गाजर, ककड़ी, खीरा और रसीला टमाटर डालें। इन सभी को आपस में अच्छी तरह मिलाने के बाद ऊपर से स्वादानुसार सादा नमक और चटपटा चाट मसाला छिड़कें।
स्वाद को चटपटा और संतुलित बनाने के लिए इसमें ताजा नींबू का रस निचोड़ा जा सकता है, जो सलाद में एक खास खट्टापन ला देता है। तीखापन पसंद करने वाले लोग इसमें बारीक कटी हरी मिर्च, खुशबू के लिए बारीक कटी हरी धनिया पत्ती और मिठास के साथ कुरकुरापन जोड़ने के लिए अनार के ताजे लाल दाने भी मिला सकते हैं। चना, मूंग और मटर का यह संगम शरीर को भरपूर फाइबर और प्रोटीन मुहैया कराता है, जिससे लंबे समय तक तृप्ति बनी रहती है और अतिरिक्त कैलोरी की चिंता भी नहीं रहती। बच्चों के स्कूल टिफिन या बुजुर्गों के शाम के नाश्ते के तौर पर यह पूरी तरह मुफीद है, हालांकि किसी विशेष स्वास्थ्य समस्या या परहेज की स्थिति में सामग्रियों का चुनाव अपनी जरूरत के मुताबिक ही करना चाहिए।
अंकुरित अनाजों का सुरक्षित भंडारण
समय की बचत के लिए अंकुरित चना और मूंग को पहले से तैयार करके स्टोर किया जा सकता है। पूरी स्वच्छता बरतते हुए इन्हें एक साफ सूती कपड़े में बांधकर और उचित ठंडक में रखने से इनका जीवन बढ़ जाता है, जिससे व्यस्त दिनों में भी मिनटों में नाश्ता परोसा जा सकता है।
हालांकि, अंकुरित अनाजों की अपनी एक सीमा होती है और इनमें नमी होने के कारण यह बहुत जल्दी खराब हो सकते हैं। इसीलिए हमेशा इन्हें पूरी तरह ताजा रखना चाहिए और किसी भी तरह की दुर्गंध, चिपचिपापन या खराबी का संकेत दिखते ही इनका इस्तेमाल तुरंत रोक देना चाहिए। अंकुरण की प्रक्रिया पूरी होते ही इन्हें सामान्य तापमान पर खुला छोड़ने के बजाय हमेशा फ्रिज में सुरक्षित रखना ही समझदारी भरा कदम है।



















