अधूरी नींद और मानसिक तनाव की वजह से सिर में होने वाली भारी टीस किसी भी समय दिनचर्या बिगाड़ सकती है। ऐसी हालत में अधिकांश लोग तुरंत दर्द निवारक दवाओं की ओर भागते हैं, जबकि पोषण विशेषज्ञ प्राकृतिक पोषक तत्वों के नियमित सेवन को तंत्रिका तंत्र के लिए अधिक टिकाऊ मानते हैं। सर्टिफाइड न्यूट्रिशनिस्ट किरण कुकरेजा ने अपने इंस्टाग्राम मंच पर एक घरेलू रेसिपी साझा की है, जो उनकी दादी के पुराने अनुभवों पर आधारित है। उनका मानना है कि यह पौष्टिक मिश्रण मस्तिष्क की नसों को जरूरी पोषण देकर सिरदर्द और माइग्रेन की तीव्रता को कम करने में मदद करता है।
इस घरेलू पाउडर को तैयार करने के लिए जरूरी सामग्री
इस मिश्रण को तैयार करने के लिए रसोई में मिलने वाले छह खास पोषक तत्वों को तय माप के अनुसार इकट्ठा करना होता है। इसमें एक कप भुने मखाने शामिल किए जाते हैं, जिन्हें भूनते समय नमक का बिल्कुल भी उपयोग नहीं करना है। इसके साथ एक कप सूखा नारियल लेकर उसे कद्दूकस कर लें। अन्य सामग्रियों में तीन से चार बड़े चम्मच खसखस, पांच से छह बड़े चम्मच भुने हुए खरबूजे के बीज, आधा कप भुने हुए अखरोट की गिरी और मिठास के लिए आधा कप धागे वाली मिश्री ली जाती है।
मिश्रण बनाने की पूरी विधि और सुरक्षित रखने का समय
तैयारी की शुरुआत मखानों को बिना किसी नमक के सूखा भूनने से होती है। इसके पश्चात सूखे नारियल को बारीक कद्दूकस में घिस लिया जाता है। फिर मिक्सर के ग्राइंडर जार में भुने मखाने, घिसा हुआ नारियल, खसखस के दाने, खरबूजे के भुने बीज, अखरोट और मिश्री को एक साथ डालें। इन सभी को पीसकर एक महीन और एकसार चूर्ण बना लें।
इस बारीक पिसे चूर्ण को नमी से बचाए रखने के लिए किसी एयर टाइट डिब्बे में भरकर रख दें। सामान्य तापमान पर यह चूर्ण दो महीने तक बिना खराब हुए सुरक्षित रहता है। इस नुस्खे में शामिल मेवे और बीज मस्तिष्क को स्वास्थ्यवर्धक वसा प्रदान करते हैं, जिससे तनाव के स्तर में कमी आती है और सिर में होने वाली बेचैनी शांत होती है।
सेवन का सही नियम और जरूरी हिदायत
इस मिश्रण का लाभ उठाने के लिए रोजाना रात को एक गिलास गुनगुने दूध में इसका एक छोटा चम्मच घोलकर पिएं। यदि असर को और बेहतर बनाना हो, तो उसी दूध में बादाम रोगन की एक से दो बूंदें भी मिलाई जा सकती हैं। इसे सोने से ठीक पहले पीना सबसे गुणकारी माना जाता है ताकि रात भर मस्तिष्क को निरंतर पोषण मिल सके।
विशेषज्ञ ने स्पष्ट किया है कि यह नुस्खा कोई तुरंत असर दिखाने वाली गोली नहीं है जो मिनटों में दर्द गायब कर दे। यदि कोई व्यक्ति माइग्रेन अथवा बार-बार होने वाले गंभीर सिरदर्द से जूझ रहा है, तो दिमाग और नर्वस सिस्टम को मजबूत बनाने के लिए इसे निरंतर दो से तीन महीने तक अपनी दिनचर्या का हिस्सा बनाना आवश्यक है।



















