दक्षिण भारतीय व्यंजनों का नाम आते ही इडली, डोसा और वड़ा की खुशबू याद आने लगती है, लेकिन इन सभी व्यंजनों का असली आकर्षण उनके साथ परोसा जाने वाला लजीज सांभर ही होता है। अक्सर लोग यह शिकायत करते हैं कि घर में बनने वाला सांभर होटल या पारंपरिक भोजनालयों जैसा तीखा, खट्टा और सुगंधित नहीं बन पाता। अगर आप भी घर के खाने में वही प्रामाणिक स्वाद तलाश रहे हैं, तो इसके लिए किसी जटिल विधि या दुर्लभ सामान की दरकार नहीं होती। अपनी रसोई में मौजूद सामान्य सामग्री, दाल और ताजी सब्जियों के सटीक तालमेल से आप बिल्कुल रेस्तरां की टक्कर का सांभर खुद तैयार कर सकते हैं।
जरूरी सामग्री का सही चुनाव
एक बेहतरीन और संतुलित स्वाद वाला सांभर तैयार करने के लिए सामग्री की सही मात्रा रखना बेहद आवश्यक है। इसके लिए लगभग एक कप अरहर की दाल लें। सब्जियों में एक कटा हुआ प्याज, एक टमाटर, एक गाजर, थोड़ा कद्दू, एक बैंगन और स्वादानुसार हरी मिर्च ले लें। मसालों के रूप में सांभर मसाला, हल्दी पाउडर, लाल मिर्च पाउडर, इमली का पानी और नमक रखें। बाजार जैसा हल्का खट्टा-मीठा स्वाद देने के लिए थोड़ा सा गुड़ भी इस्तेमाल किया जा सकता है। तड़का लगाने के लिए राई के दाने, ताजा करी पत्ता, सूखी लाल मिर्च, खुशबूदार हींग और कुकिंग तेल या शुद्ध घी की आवश्यकता होगी।
दाल पकाने का सही तरीका
इस व्यंजन को बनाने की शुरुआत अरहर की दाल से होती है। दाल को साफ पानी से दो-तीन बार अच्छी तरह धोकर प्रेशर कुकर में डालें। इसके साथ हल्दी, थोड़ा नमक और करीब ढाई से तीन कप पानी मिला दें। कुकर का ढक्कन लगाकर मध्यम आंच पर दाल को तब तक पकाएं जब तक वह पूरी तरह गल न जाए। दाल इतनी मुलायम होनी चाहिए कि करछुल से आसानी से घुट जाए। कुकर की भाप पूरी तरह निकलने के बाद ढक्कन खोलें, दाल को थोड़ा ठंडा होने दें और फिर मथनी या चम्मच की सहायता से दाल को अच्छी तरह फेंटकर एकसार कर लें।
सब्जियों को उबालना और मसालों का संतुलन
एक अलग बर्तन में कटी हुई गाजर, कद्दू, बैंगन, प्याज, टमाटर और कटी हरी मिर्च डालें। इसमें आवश्यकतानुसार थोड़ा पानी, हल्दी और हल्का नमक डालकर धीमी आंच पर सब्जियों को नरम होने तक पकाएं। यहां यह विशेष ध्यान रखना होता है कि सब्जियां पूरी तरह घुटकर भरता न बनें, बल्कि उनका आकार और हल्का कुरकुरापन बना रहे ताकि सांभर खाते समय हर सब्जी का स्वाद अलग से महसूस हो। जब सब्जियां संतोषजनक रूप से पक जाएं, तब उसमें सांभर मसाला और लाल मिर्च पाउडर डालकर चलाएं। इसके बाद पहले से घोंटी हुई अरहर की दाल को सब्जियों के मिश्रण में पलट दें और अच्छी तरह मिला लें।
धीमी आंच पर खटास और मिठास का मेल
मिश्रण में अब इमली का पानी डाला जाता है, जो सांभर को उसका पारंपरिक खट्टा अंदाज देता है। यदि आपको खट्टेपन के साथ हल्का मीठा संतुलन पसंद है, तो इसमें थोड़ा सा गुड़ भी मिलाया जा सकता है, जो कि वैकल्पिक है। इसके बाद आंच धीमी रखें और मिश्रण को करीब 8 से 10 मिनट तक पकने दें। बीच-बीच में चमचे से चलाते रहें ताकि वह तले पर चिपके नहीं। अगर इस दौरान सांभर ज्यादा गाढ़ा महसूस हो, तो उसमें थोड़ा गर्म पानी मिलाकर मनचाही स्थिरता हासिल की जा सकती है।
सुगंधित तड़का और परोसने का अंदाज
सांभर की अंतिम और सबसे अहम कड़ी उसका तड़का होता है। एक छोटे तड़का पैन में तेल या घी गर्म करें। तेल पर्याप्त गर्म होने पर उसमें राई डालें और जब राई के दाने चटकने लगें, तो सूखी लाल मिर्च, करी पत्ता और थोड़ी सी हींग छोड़ दें। यह तड़का तैयार होते ही सीधे खौलते हुए सांभर के ऊपर डाल दें और तुरंत ढक्कन ढक दें ताकि तड़के की सुगंध पूरी तरह अंदर समा जाए। कुछ मिनट बाद ढक्कन हटाकर अच्छी तरह मिला लें। आपका गरमा-गरम, लजीज सांभर तैयार है, जिसे आप मेदू वड़ा, मुलायम इडली, करारे डोसे या सादे उबले चावल के साथ आनंद लेकर परोस सकते हैं।



















