बिहार की राजधानी पटना में खान-पान की बात हो तो लिट्टी का नाम सबसे पहले जेहन में आता है। शहर के कंकड़बाग इलाके में अगर आप लजीज और पारंपरिक स्वाद की तलाश कर रहे हैं, तो यहां तीन ऐसे खास ठिकाने हैं जहां हर दिन खाने-पीने के शौकीनों का जमावड़ा लगा रहता है। इन दुकानों की खासियत इनका वर्षों पुराना स्वाद, किफायती दरें और परोसने का अनोखा अंदाज है।
मलाही पकड़ी की पुरानी खिड़की वाली अपना लिट्टी दुकान
मलाही पकड़ी क्षेत्र में स्थित 'अपना लिट्टी दुकान' पिछले कई दशकों से एक ही जगह पर चल रही है। अब मलाही पकड़ी मेट्रो स्टेशन के पास होना इसकी मुख्य पहचान बन चुका है। बाहर से देखने पर यहां कोई बड़ा बोर्ड या भव्य शोरूम नजर नहीं आता, बल्कि यह एक साधारण खिड़की के जरिए संचालित होती है। लोग खिड़की के पास पहुंचकर ऑर्डर देते हैं और पीढ़ियों से ग्राहक यहां का स्वाद चखते आ रहे हैं।
इस दुकान पर सुबह के वक्त पूरी, सब्जी, रायता और जलेबी का नाश्ता मिलता है। इसके बाद सुबह 10 से 11 बजे के आसपास लिट्टी का दौर शुरू होता है। यहां 50 रुपये प्रति प्लेट के हिसाब से भोजन मिलता है, जिसमें दो लिट्टी दी जाती हैं। इसके साथ मिलने वाला छोला, सलाद और रायता अनलिमिटेड होता है, यानी ग्राहक जरूरत के अनुसार दोबारा ले सकते हैं। दोपहर के समय यहां गरमागरम समोसे भी तैयार किए जाते हैं। रविवार और छुट्टियों के दिन यहां खास तौर पर परिवार और दोस्तों के साथ लोग खाने का कार्यक्रम बनाकर पहुंचते हैं।
राजेंद्रनगर गोलंबर के निकट पेड़ की छांव में 15 साल पुराना ठिकाना
कंकड़बाग में दूसरा प्रमुख केंद्र राजेंद्रनगर गोलंबर के पास स्थित है। गोलंबर से मेदांता अस्पताल की दिशा में आगे बढ़ने पर एक बड़े पेड़ के नीचे 'भोजपुर का मशहूर लिट्टी चोखा' नाम से यह स्टॉल दिखता है। पिछले 15 वर्षों से यह दुकान इसी पेड़ की छांव में ग्राहकों को अपनी सेवाएं दे रही है। यहां 6 से 7 कर्मचारी मिलकर काम संभालते हैं।
दफ्तरों में काम करने वाले नौकरीपेशा लोगों के बीच यह जगह बेहद लोकप्रिय है। दोपहर में लंच के समय यहां इतनी भीड़ जुटती है कि खड़े होने की जगह भी मुश्किल से मिलती है। यहां सुबह से ही तैयारी शुरू हो जाती है, जहां आग पर पारंपरिक तरीके से लिट्टी सेंकी जाती है। इसके साथ बैंगन और आलू का चोखा, दो तरह की खास चटनियां और हरी मिर्च परोसी जाती है। इस थाली की कीमत 30 रुपये प्रति प्लेट है। थाली में दो लिट्टी मिलती हैं, जबकि चोखा, चटनी और अन्य चीजें ग्राहक जितनी चाहें उतनी ले सकते हैं। सुबह से देर शाम तक यहां ग्राहकों का आना-जाना बना रहता है।
कंकड़बाग टेम्पो स्टैंड के समीप इंटरनेशनल लिट्टी दुकान
इलाके का तीसरा जाना-माना ठिकाना 'इंटरनेशनल लिट्टी दुकान' है, जो कंकड़बाग टेम्पो स्टैंड के पास स्थित है। यह दुकान भी काफी पुरानी है और सोशल मीडिया रील्स से लेकर स्थानीय लोगों की बातचीत तक में इसकी चर्चा रहती है। सुबह से ही यहां खाने वालों की कतार लगनी शुरू हो जाती है।
इस दुकान की विशेषता फ्राई लिट्टी है, जिसे छोले, रायते, हरी मिर्च और सलाद के साथ 40 रुपये प्रति प्लेट में दिया जाता है। इसका स्वाद इलाके की बाकी दोनों दुकानों से बिल्कुल अलग और अनूठा है। लिट्टी के अलावा यहां मीठे के शौकीनों के लिए बेहद मुलायम रसगुल्ले और गुलाब जामुन भी उपलब्ध रहते हैं। कंकड़बाग में मौजूद ये तीनों दुकानें अपने अलग जायके और बजट के अनुकूल विकल्पों के चलते भोजन प्रेमियों के बीच खास पहचान बनाए हुए हैं।

















