नागौर कृषि मंडी ने रचा नया कीर्तिमान, राजस्व में 84.29 प्रतिशत की भारी बढ़ोतरी दर्जत्रिपुरा में बुनियादी ढांचे और परिवहन नेटवर्क की निगरानी के लिए बनेगा एकीकृत डिजिटल मंचजमशेदपुर की सड़कों पर सफाई का अनोखा संदेश लेकर घूमती 17 साल पुरानी करिज्मापांवटा साहिब में डंपर और कार की जोरदार भिड़ंत में 3 की जान गई, कुल्लू में पलटी बसपूर्वी नौसेना कमान की जासूसी में नाविक प्रदीप मुखर्जी गिरफ्तार, पाकिस्तानी महिला हैंडलर को भेजीं खुफिया जानकारियांसांभर झील तट पर संतों के पदचिह्नों की पूजा, मारिसर के अनूठे धाम में 12 अक्टूबर को सजेगा वार्षिक मेलाराजधानी में प्रीमियम स्कॉच की बोतलें हो सकती हैं किफायती, दरों में 10 से 15 फीसदी कटौती के आसारसैन्य मालवाहक विमानों की आपूर्ति मिली तो भारत में विनिर्माण बढ़ाएगी लॉकहीड मार्टिन, वायुसेना खरीदेगी 60 नए जहाजचुनावी गठजोड़ में सीटों की संख्या नहीं, सिर्फ जीत मायने रखती है: अखिलेश यादवखाटूश्यामजी जाने वाले यात्रियों की सुरक्षा मजबूत, रींगस स्टेशन पर 20 नए एआई कैमरे संभालेंगे भीड़
जयपुर के चौड़ा रास्ता में तेज लपटों पर सिकता है कुलचा, ताड़केश्वर मंदिर में भोग के बाद शुरू होती है बिक्रीखानपान
4 अक्तू॰ 2026, 12:26 pm (1 घंटे पहले)· 0

जयपुर के चौड़ा रास्ता में तेज लपटों पर सिकता है कुलचा, ताड़केश्वर मंदिर में भोग के बाद शुरू होती है बिक्री

जयपुर के चारदीवारी क्षेत्र में जय गोविंद फायर कुलचा अपने अनूठे अंदाज, पनीर और चीज की टॉपिंग तथा पहले ताड़केश्वर महादेव को भोग लगाने की परंपरा के लिए मशहूर हो चुका है।

गुलाबी नगर जयपुर की ऐतिहासिक चारदीवारी अपने भव्य महलों और विरासती किलों के अलावा अनोखे खानपान के ठिकानों के लिए भी जानी जाती है। इसी चारदीवारी के व्यस्त बाजार चौड़ा रास्ता में सड़क किनारे लगने वाला जय गोविंद फायर कुलचा इन दिनों खानपान के शौकीनों के बीच चर्चा का केंद्र बना हुआ है। सामान्य तौर पर छोले कुलचे को तवे पर धीमी आंच पर सेका जाता है, लेकिन यहां कुलचे को तेज लपटों के बीच पकाने की खास शैली लोगों को अपनी ओर खींचती है। शाम ढलते ही इस छोटे से ठेले पर स्थानीय निवासियों और बाहर से आने वाले पर्यटकों का मजमा लग जाता है।

तेज आग पर सिकाई और खास सामग्री का मेल

इस स्ट्रीट फूड की सबसे बड़ी पहचान इसे तैयार करने का तरीका है। कारीगर जब कुलचे को तेज आग की लपटों पर सेंकते हैं, तो यह नजारा राहगीरों को ठहरने पर मजबूर कर देता है। लपटों के संपर्क में आने से कुलचे का ऊपरी हिस्सा क्रिस्पी बनता है। सिकाई के साथ ही इसमें प्याज, टमाटर, पनीर के टुकड़े, प्रचुर मात्रा में चीज और गाढ़ी क्रीम मिलाई जाती है। इन तमाम सामग्रियों के ऊपर परोसी जाने वाली तीखी हरी चटनी कुलचे के स्वाद को बेहद लाजवाब बना देती है। सोशल मीडिया पर इस कुलचे को तैयार करने और परोसने के वीडियो लगातार वायरल होते रहते हैं, जिन्हें देखकर कई लोग खास तौर पर इस ठेले को खोजते हुए यहां पहुंचते हैं।

ये भी पढ़ें

ताड़केश्वर महादेव मंदिर में भोग की अनूठी परंपरा

इस ठेले पर कारोबार शुरू करने से पहले एक विशेष धार्मिक नियम का पालन किया जाता है। दिन की शुरुआत में सबसे पहले बिना प्याज और लहसुन का उपयोग किए खास फायर कुलचे तैयार किए जाते हैं। इन कुलचों को पास ही स्थित ऐतिहासिक ताड़केश्वर महादेव मंदिर ले जाया जाता है, जहां भगवान भोलेनाथ को इसका भोग अर्पित किया जाता है। पूजा और भोग की यह रस्म पूरी होने के बाद ही आम ग्राहकों के लिए कुलचे बनाने और बेचने की प्रक्रिया शुरू होती है। इस परंपरा की वजह से भी श्रद्धालुओं और खाने के शौकीनों में इस जगह के प्रति एक अलग आकर्षण बना हुआ है।

कीमत और पिछले पांच साल का सफर

जयपुर शहर में सामान्य छोले कुलचे की एक प्लेट 50 से 60 रुपये के दायरे में मिल जाती है। वहीं जय गोविंद के इस स्पेशल फायर कुलचे की एक प्लेट की कीमत 100 रुपये रखी गई है। इस प्लेट में आग की लपटों पर तैयार किए गए कुलचे के साथ मसालेदार छोले और अन्य सामग्री परोसी जाती है। चौड़ा रास्ता में यह ठेला पिछले लगभग 5 साल से संचालित हो रहा है। पांच वर्षों के इस सफर में यह छोटा सा ठेला शहर के प्रमुख स्ट्रीट फूड पॉइंट्स में अपनी जगह बना चुका है, जहां शाम के वक्त खाने के शौकीनों की कतारें देखने को मिलती हैं।

सवाल-जवाब

जय गोविंद फायर कुलचा जयपुर में कहां स्थित है?
यह ठेला जयपुर की चारदीवारी क्षेत्र के चौड़ा रास्ता में सड़क किनारे स्थित है।
इस फायर कुलचे को पकाने का क्या तरीका है?
सामान्य तवे के बजाय इस कुलचे को तेज आग की खुली लपटों पर रखकर सेका जाता है।
फायर कुलचे में किन-किन मुख्य सामग्रियों का इस्तेमाल होता है?
इसमें प्याज, टमाटर, पनीर, चीज, गाढ़ी क्रीम और तीखी हरी चटनी का उपयोग किया जाता है।
बिक्री शुरू करने से पहले कौन सी धार्मिक परंपरा निभाई जाती है?
दुकानदार सबसे पहले बिना प्याज और लहसुन के कुलचे बनाकर पास के ताड़केश्वर महादेव मंदिर में भोग लगाता है।
इस स्पेशल फायर कुलचे की प्रति प्लेट कीमत कितनी है?
जय गोविंद फायर कुलचे की एक प्लेट की कीमत 100 रुपये है, जिसमें कुलचे और छोले दिए जाते हैं।
यह ठेला कितने समय से चौड़ा रास्ता में चल रहा है?
यह ठेला पिछले करीब 5 साल से चौड़ा रास्ता में लोगों को फायर कुलचा परोस रहा है।
संपादकीय नीति सुधार नीति

टिप्पणियाँ 0

अभी तक कोई टिप्पणी नहीं — पहली टिप्पणी आपकी हो!

नागरिक पत्रकारिता

TrendKia पत्रकार बनें

जनता की आवाज़

अपने आसपास की ख़बरें, तस्वीरें और वीडियो ट्रेंडकिआ के साथ साझा करें और अपनी आवाज़ देश तक पहुँचाएँ। हर नागरिक एक पत्रकार।

अभी जुड़ें
CH 01 लाइव
TrendKia TV ON AIR
Chamar no WhatsApp