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अल्फा-1 में संजय अरोड़ा की कस्टमाइज्ड पेटीज बनी छात्रों और शिक्षकों की पहली पसंदखानपान
21 सित॰ 2026, 2:39 pm (10 मिनट पहले)· 0

अल्फा-1 में संजय अरोड़ा की कस्टमाइज्ड पेटीज बनी छात्रों और शिक्षकों की पहली पसंद

ग्रेटर नोएडा के अल्फा-1 कमर्शियल बेल्ट में करीब दो दशक पहले शुरू हुई 'अंकल पेटीज' आज अपनी 40 अनोखी वैरायटी और कस्टमाइज्ड स्वाद के दम पर युवाओं और स्थानीय शिक्षकों के बीच बेहद लोकप्रिय हो चुकी है।

ग्रेटर नोएडा के प्रमुख कारोबारी केंद्र अल्फा-1 कमर्शियल बेल्ट में खानपान की अनगिनत दुकानें मौजूद हैं, मगर पिछले दो दशकों से एक छोटा सा प्रतिष्ठान अपनी खास पहचान बनाए हुए है। संचालक संजय अरोड़ा ने वर्षों पहले जब इस काम की शुरुआत की थी, तब यह बेहद सीमित स्तर पर चलने वाला एक सामान्य स्टॉल था। वक्त के साथ ग्राहकों की पसंद बदलती गई और आज यह ठिकाना शाकाहारी और मांसाहारी दोनों श्रेणियों में लगभग 35 से 40 किस्मों के बेक्ड स्नैक्स परोसने के लिए जाना जाता है। यहां आने वाले खरीदारों को अपनी पसंद के मुताबिक सामग्री चुनकर स्नैक तैयार करवाने की अनूठी सुविधा मिलती है।

कॉलेज के दिनों से नामकरण तक का दिलचस्प सफर

इस प्रतिष्ठान के अनोखे नामकरण के पीछे भी एक रोचक किस्सा जुड़ा हुआ है। दुकान के संचालक संजय अरोड़ा बताते हैं कि उन्होंने अपनी खुद की पढ़ाई के दौर में ही इस छोटे से आउटलेट की नींव रखी थी। उस समय क्षेत्र के शिक्षण संस्थानों में पढ़ने वाले ढेरों नौजवान यहां नाश्ता करने आते थे। वे अक्सर संजय को आत्मीयता से अंकल कहकर पुकारते और तरह-तरह के ऑर्डर देते थे। रोजमर्रा की यह सहज बातचीत धीरे-धीरे इस आउटलेट की स्थायी पहचान में बदल गई और अंततः इस जगह को 'अंकल पेटीज' के नाम से जाना जाने लगा।

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स्वाद के अनुसार सामग्री चुनने की अनूठी सुविधा

शुरुआती दौर में यहां गिने-चुने पारंपरिक विकल्प ही उपलब्ध हुआ करते थे। ग्राहकों की निरंतर मांग और उनकी रुचियों को ध्यान में रखते हुए संजय ने मेनू का लगातार विस्तार किया। आज यहां 35 से 40 तरह के विकल्प मौजूद हैं, जो इस आउटलेट को इलाके की बाकी दुकानों से एकदम अलग खड़ा करते हैं। केवल विकल्पों की लंबी सूची ही नहीं, बल्कि हर खरीदार को अपनी मनपसंद भरावन और मसाले चुनकर स्नैक को व्यक्तिगत तौर पर तैयार करवाने की आजादी यहां मिलती है। इसी खास व्यवस्था की वजह से पुराने ग्राहकों के साथ-साथ नए खाने-पीने के शौकीन भी खिंचे चले आते हैं।

पनीर से लेकर पेरी-पेरी तक के लजीज विकल्प

शाकाहारी पसंद वाले ग्राहकों के लिए पनीर के कई जायकेदार रूपांतरण मेनू में शामिल किए गए हैं। वहीं मांसाहारी भोजन पसंद करने वालों के लिए चिकन एग पेटीज, सामान्य चिकन पेटीज, समृद्ध ग्रेवी वाली मखनी पेटीज और चटपटी चिकन पेरी-पेरी जैसी कई खास किस्में तैयार की जाती हैं। संचालक का प्रयास रहता है कि बाजार की ताजा मांग के मुताबिक समय-समय पर नए स्वादों को सूची में जोड़ा जाए ताकि आने वालों को हर बार कुछ नया मिल सके।

युवा छात्रों से लेकर अनुभवी प्राध्यापकों तक का भरोसा

अल्फा-1 कमर्शियल बेल्ट का इलाका कई बड़े शिक्षण और व्यावसायिक संस्थानों से घिरा हुआ है, इसलिए यहां दिनभर हलचल बनी रहती है। दुकान पर आने वालों में कॉलेज के विद्यार्थियों का बड़ा हिस्सा शामिल रहता है, जिनमें से कई लोग वर्षों से यहां नियमित रूप से आ रहे हैं। स्थानीय शिक्षण संस्थान के प्रोफेसर आरबी सिंह लगभग 15 वर्षों से यहां के स्वाद से जुड़े हुए हैं। उन्होंने बताया कि वह स्वयं और उनके छात्र नियमित रूप से यहां खाने आते हैं। जब भी काम के बीच कुछ अलग और जायकेदार खाने की इच्छा होती है, तो वे सीधे अल्फा-1 की इसी दुकान का रुख करते हैं।

दो दशकों में मजबूत हुआ स्थानीय विश्वास

इलाके के निवासी जोगिंदर खारी भी इस आउटलेट पर निरंतर आने वाले खरीदारों में गिने जाते हैं। उनका कहना है कि विविध विकल्पों और लगातार मिलने वाले बेहतरीन स्वाद की वजह से ग्राहकों का तांता यहां हमेशा लगा रहता है। दो दशक पूर्व एक साधारण उद्यम के रूप में आरंभ हुआ यह सफर आज ग्रेटर नोएडा की पहचान बन चुका है। संजय अरोड़ा के लिए यह उद्यम केवल आजीविका का जरिया नहीं, बल्कि पढ़ाई के समानांतर शुरू हुई एक ऐसी यात्रा है जो अनगिनत ग्राहकों के निरंतर स्नेह और भरोसे की बदौलत फली-फूली है।

सवाल-जवाब

ग्रेटर नोएडा में अंकल पेटीज की दुकान कहां स्थित है?
यह दुकान ग्रेटर नोएडा के अल्फा-1 कमर्शियल बेल्ट में स्थित है।
अंकल पेटीज के संचालक का क्या नाम है?
इस दुकान के संचालक का नाम संजय अरोड़ा है।
दुकान पर कुल कितनी तरह की पेटीज उपलब्ध हैं?
दुकान पर वेज और नॉनवेज मिलाकर लगभग 35 से 40 प्रकार की पेटीज उपलब्ध हैं।
दुकान का नाम 'अंकल पेटीज' कैसे पड़ा?
संजय अरोड़ा की दुकान पर आने वाले छात्र उन्हें प्यार से अंकल कहकर बुलाते थे, जिससे धीरे-धीरे इस दुकान का नाम अंकल पेटीज पड़ गया।
नॉनवेज में ग्राहकों को कौन-कौन से मुख्य विकल्प मिलते हैं?
नॉनवेज में ग्राहकों को चिकन एग पेटीज, चिकन पेटीज, मखनी पेटीज और चिकन पेरी-पेरी जैसे विकल्प मिलते हैं।
प्रोफेसर आरबी सिंह इस दुकान पर कितने समय से आ रहे हैं?
प्रोफेसर आरबी सिंह करीब 15 साल से नियमित रूप से इस दुकान पर आ रहे हैं।
इस दुकान की सबसे खास बात क्या मानी जाती है?
यहां ग्राहकों की पसंद के मुताबिक सामग्री और स्वाद चुनकर कस्टमाइज्ड पेटीज तैयार की जाती है।
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