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ज्योति देहलीवाल के बताए आसान टिप्स से बनाएं बाजार जैसे कुरकुरे पकोड़े, नहीं सोखेंगे ज्यादा तेलखानपान
26 अग॰ 2026, 2:39 pm (2 घंटे पहले)· 2

ज्योति देहलीवाल के बताए आसान टिप्स से बनाएं बाजार जैसे कुरकुरे पकोड़े, नहीं सोखेंगे ज्यादा तेल

घर पर बने पकोड़े अक्सर तलने के थोड़ी देर बाद नरम और ऑयली हो जाते हैं। कुकिंग एक्सपर्ट के अनुसार, तेल का सही तापमान, बैटर का संतुलन और तलने के बाद सुखाने की तकनीक से पकोड़ों को लंबे समय तक क्रिस्पी रखा जा सकता है।

बारिश का सुहाना मौसम हो या फिर शाम की चाय की चुस्की, गरमा-गरम पकोड़ों की थाली हर किसी का दिल जीत लेती है। आलू, प्याज, गोभी या मिर्च के पकोड़े भारतीय रसोई का सबसे पसंदीदा स्नैक माने जाते हैं। हालांकि, घर पर पकोड़े बनाते समय अक्सर एक बड़ी शिकायत सामने आती है कि तलते वक्त तो वे कुरकुरे दिखते हैं, लेकिन कड़ाही से निकालने के कुछ ही मिनटों बाद बेहद नरम, पिलपिले और तेल से सराबोर हो जाते हैं। ज्यादातर लोग इसके लिए बेसन की गुणवत्ता या तेल की किस्म को दोषी ठहराते हैं। जबकि असलियत यह है कि पकोड़े तलने की प्रक्रिया के दौरान की जाने वाली छोटी-छोटी गलतियां उनके स्वाद और बनावट को पूरी तरह बिगाड़ देती हैं। फ़ूड एक्सपर्ट ज्योति देहलीवाल ने पकोड़ों को परफेक्ट और क्रिस्पी बनाने के कई महत्वपूर्ण किचन सीक्रेट्स साझा किए हैं, जिन्हें ध्यान में रखकर आप भी बिल्कुल हलवाई स्टाइल पकोड़े तैयार कर सकते हैं।

तेल का सही तापमान और जांचने का तरीका

पकोड़ों के अत्यधिक ऑयली होने की सबसे मुख्य वजह तेल का सही तापमान पर न होना है। जब कड़ाही में तेल पर्याप्त रूप से गर्म नहीं होता, तब बैटर तेल में डालते ही उसकी बाहरी परत तुरंत पककर सेट नहीं हो पाती। ऐसी स्थिति में पकोड़े काफी देर तक ठंडे या हल्के गर्म तेल के संपर्क में रहते हैं, जिससे बेसन अंदर तक अत्यधिक तेल सोखने लगता है। एक्सपर्ट्स के मुताबिक, पकोड़े तलने के लिए तेल का आदर्श तापमान 170 से 180 डिग्री सेल्सियस के बीच होना चाहिए। यदि आपके पास किचन थर्मामीटर नहीं है, तो आप एक बेहद आसान घरेलू तरीके से तेल की गर्मी जांच सकते हैं। कड़ाही में थोड़ा सा बैटर टपकाकर देखें। अगर बैटर पेंदे में बैठने के बजाय धीरे-धीरे ऊपर तैरने लगे और उसके चारों तरफ छोटे-छोटे बुलबुले बनने लगें, तो समझ जाएं कि तेल बिल्कुल सही गर्म हो चुका है। इसके विपरीत, बहुत ज्यादा उबलता हुआ तेज गर्म तेल भी खतरनाक होता है क्योंकि इससे पकोड़े बाहर से तो तुरंत काले या भूरे हो जाएंगे, लेकिन अंदर से बेसन कच्चा ही रह जाएगा।

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कड़ाही में एक साथ ज्यादा पकोड़े डालने की भूल न करें

अक्सर समय बचाने की जल्दबाजी में लोग कड़ाही में एक साथ ढेर सारे पकोड़े डाल देते हैं। पहली नज़र में यह तरीका काम को जल्दी निपटाने वाला लगता है, लेकिन यही गलती पकोड़ों का क्रंच खत्म कर देती है। कड़ाही में अचानक बहुत सारा ठंडा बैटर डालने से गर्म तेल का तापमान एकदम से गिर जाता है। तापमान कम होते ही पकोड़े सिकने के बजाय तेल पीने लगते हैं और उनकी बाहरी परत कुरकुरी होने के बजाय ढीली पड़ जाती है। इसीलिए हमेशा कड़ाही के आकार और तेल की मात्रा के हिसाब से ही थोड़े-थोड़े पकोड़े तलें। जब कड़ाही में हर पकोड़े के बीच पर्याप्त जगह होगी, तब उबलता हुआ तेल चारों तरफ से एक समान पहुंचेगा। इससे पकोड़े अच्छी तरह फूलेंगे और उनकी बाहरी परत एकदम खस्ता और कुरकुरी बनेगी।

बैटर का सही संतुलन और क्रिस्पीनेस बढ़ाने के उपाय

पकोड़ों का स्वाद और बनावट पूरी तरह से बैटर के घोल पर निर्भर करती है। यदि बेसन का घोल बहुत ज्यादा पतला होगा, तो तलते समय वह कड़ाही में फैल जाएगा और ज्यादा तेल सोखेगा। दूसरी तरफ, बहुत गाढ़ा या भारी बैटर बनाने से पकोड़े अंदर से सख्त और कच्चे रह जाते हैं। घोल ऐसा होना चाहिए जो कटी हुई सब्जियों पर अच्छी तरह से चिपक जाए, लेकिन उसकी बहुत मोटी परत न बने। पकोड़ों को लंबे समय तक कुरकुरा बनाए रखने के लिए बेसन में थोड़ा सा चावल का आटा मिलाना एक बेहतरीन उपाय है। इसके अलावा, बैटर तैयार करते समय उसमें एक से दो चम्मच खौलता हुआ गर्म तेल डालकर फेंटने से भी पकोड़ों की ऊपरी परत बहुत हल्की, जालीदार और क्रिस्पी बनती है।

तलने के बाद पकोड़े रखने की सही तकनीक

केवल सही तापमान पर पकोड़े तलना ही काफी नहीं है, बल्कि कड़ाही से निकालने के बाद उन्हें किस तरह रखा जा रहा है, यह भी उतना ही मायने रखता है। तलकर निकाले गए गरमा-गरम पकोड़ों को तुरंत किसी ढक्कन या प्लेट से ढककर बंद कर देना उनकी क्रिस्पीनेस का सबसे बड़ा दुश्मन है। गर्म पकोड़ों से लगातार भाप निकलती रहती है। जब उन्हें ढक दिया जाता है, तो वह भाप ढक्कन से टकराकर वापस पानी की बूंदों के रूप में पकोड़ों पर गिरती है, जिससे कड़ापन खत्म हो जाता है और वे सौगी हो जाते हैं। कड़ाही से निकालने के बाद पकोड़ों को सबसे पहले कुछ सेकंड के लिए वायर रैक या जालीदार छननी पर रखना चाहिए। इससे अतिरिक्त तेल नीचे टपक जाता है और भाप आसानी से हवा में उड़ जाती है। इसके बाद ही उन्हें टिशू पेपर पर फैलाएं।

मेहमानों के लिए पकोड़े क्रिस्पी रखने का तरीका

यदि आप किसी पार्टी या मेहमानों के आने पर पहले से पकोड़े बनाकर रखना चाहते हैं, तो उन्हें कभी भी बंद डिब्बे में न रखें। पकोड़ों को हमेशा किसी खुली जाली वाली ट्रे या फैलाकर खुले बर्तन में रखें। परोसने से ठीक पहले अगर उन्हें एक बार फिर से तेज आंच पर हल्का सा री-फ्राई या एयर फ्राई कर लिया जाए, तो वे बिल्कुल ताजे और बेहद कुरकुरे लगते हैं। रसोई की ये छोटी-छोटी आदतें आपके साधारण पकोड़ों को भी लाजवाब और रेस्टोरेंट जैसा क्रिस्पी बना सकती हैं।

सवाल-जवाब

पकोड़े तलने के बाद सौगी या नरम क्यों हो जाते हैं?
कम तापमान पर पकोड़े तलने से बैटर ज्यादा तेल सोख लेता है। इसके अलावा, तलने के तुरंत बाद गरम पकोड़ों को ढंक कर रखने से निकलने वाली भाप उन्हें नरम बना देती है।
पकोड़े तलते समय तेल का सही तापमान कितना होना चाहिए?
पकोड़े तलने के लिए तेल का तापमान लगभग 170 से 180 डिग्री सेल्सियस के बीच होना चाहिए।
बिना थर्मामीटर के तेल का तापमान कैसे जांचें?
कड़ाही में थोड़ा सा बैटर टपकाएं। अगर वह धीरे-धीरे ऊपर तैरने लगे और आसपास छोटे बुलबुले बनें, तो तेल तैयार है।
पकोड़ों को ज्यादा कुरकुरा बनाने के लिए बैटर में क्या मिलाएं?
बेसन के साथ थोड़ा सा चावल का आटा और एक-दो चम्मच खौलता हुआ गर्म तेल मिलाने से पकोड़ों की बाहरी परत बेहद कुरकुरी बनती है।
तलने के बाद पकोड़ों से अतिरिक्त तेल कैसे निकालें?
पकोड़ों को कड़ाही से निकालकर तुरंत टिशू पर रखने के बजाय पहले कुछ सेकंड के लिए जालीदार छननी या वायर रैक पर रखें।
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