केले जल्दी क्यों खराब हो जाते हैं
केला एक ऐसा फल है जो हर उम्र के लोगों की पहली पसंद है। स्वाद और पोषण दोनों में यह अव्वल माना जाता है। लेकिन इसकी सबसे बड़ी परेशानी यह है कि यह बहुत जल्दी खराब हो जाता है। इसके पीछे एक वैज्ञानिक वजह है, वह है केले से लगातार निकलने वाली एथिलीन गैस। यह गैस फल के पकने की प्रक्रिया को तेज करती है और जब कई केले एक साथ रखे होते हैं तो सबकी मिली-जुली गैस उन्हें और भी तेजी से पका देती है। गर्मियों में यह समस्या और गंभीर हो जाती है। नतीजा यह होता है कि बाजार से लाने के दो-तीन दिन के भीतर ही केले काले पड़ने लगते हैं।
डंठल को ढकें, एथिलीन का असर कम होगा
केले के डंठल यानी स्टेम से ही सबसे ज्यादा एथिलीन गैस बाहर निकलती है। इसीलिए केले के गुच्छे के डंठल वाले हिस्से को प्लास्टिक रैप या एल्युमिनियम फॉयल से अच्छी तरह ढक दें। ऐसा करने से गैस का फैलाव धीमा पड़ जाता है और केले सामान्य की तुलना में कहीं धीमी गति से पकते हैं। यह उपाय जितना आसान दिखता है उतना ही कारगर भी साबित होता है।
दूसरे फलों के पास न रखें केले
सेब, आम और एवोकाडो जैसे फल भी एथिलीन गैस छोड़ते हैं। इन्हें केलों के बगल में रखने से दोनों तरफ से निकलने वाली गैस मिलकर केलों को बहुत जल्दी पका देती है। बेहतर होगा कि केलों को अलग टोकरी या फ्रूट स्टैंड पर रखें। इस एक छोटे से बदलाव से उनकी शेल्फ लाइफ कई दिन बढ़ सकती है।
सूखी और हवादार जगह पर टांगें, बंद डिब्बे से बचें
केलों को हमेशा सूखी और खुली जगह पर रखना चाहिए। बंद डिब्बे या प्लास्टिक बैग में नमी जमा होती है जो फल को जल्दी सड़ा देती है। सबसे अच्छा तरीका यह है कि केलों को खूंटी पर टांगकर रखें। इससे फल पर कोई दबाव नहीं पड़ता और वे ज्यादा दिनों तक अच्छी हालत में रहते हैं।
फ्रिज में रखने का सही वक्त जानें
बहुत से घरों में केले खरीदते ही फ्रिज में रख दिए जाते हैं, लेकिन यह हमेशा सही नहीं होता। कच्चे या अधपके केले फ्रिज में रखने से उनकी पकने की प्रक्रिया प्रभावित होती है और वे ठीक से मीठे नहीं हो पाते। जब केले पूरी तरह पक जाएं तभी उन्हें फ्रिज में रखें। फिर भले ही उनका छिलका बाहर से काला पड़ जाए, अंदर का फल कुछ दिनों तक खाने लायक रहता है।
बाजार से खरीदारी में भी रखें यह सावधानी
लंबे समय तक ताजे केले खाने का सिलसिला दरअसल बाजार से ही शुरू हो जाता है। खरीदते समय ज्यादा पके या पूरी तरह पीले केले न चुनें। थोड़े कच्चे या हल्के हरे रंग वाले केले लें जो घर पर धीरे-धीरे पकते हैं। इस तरह एक हफ्ते तक ताजे केले खाने को मिलते रहेंगे और बार-बार बाजार जाने की जरूरत भी नहीं पड़ेगी।













