बिहार के मिथिलांचल क्षेत्र में पाक कला की एक समृद्ध और अनोखी परंपरा देखने को मिलती है, जहां रसोई की हर सामग्री का सलीके से उपयोग किया जाता है। दरभंगा की गृहिणी रीना चौधरी ने कटहल के बीजों से बनने वाली एक ऐसी ही खास सब्जी की रेसिपी साझा की है, जिसका जायका मांसाहारी मटन करी को भी कड़ी टक्कर देता है। आम तौर पर लोग कटहल का फल खाने के बाद उसके बीजों को बेकार समझकर फेंक देते हैं, लेकिन मिथिला की रसोई में इन्हीं बीजों से बेहद लजीज व्यंजन तैयार किया जाता है। यह तरीका प्रसिद्ध कहावत ‘आम के आम गुठलियों के दाम’ को पूरी तरह चरितार्थ करता है।
मिथिला की रसोई परंपरा और बीजों की प्रारंभिक तैयारी
रीना चौधरी बताती हैं कि कटहल का हर हिस्सा खान-पान में काम आता है। जहां कच्चे कटहल की सूखी या रसेदार सब्जी बहुत चाव से खाई जाती है और पके हुए कटहल को मीठे फल के रूप में पसंद किया जाता है, वहीं इसके बीजों की सब्जी का अपना अलग ही महत्व है। बीजों से मटन जैसी स्वाद वाली सब्जी बनाने के लिए सबसे पहले पके कटहल से निकले बीजों को अच्छी तरह पानी से धोया जाता है। इसके बाद उन्हें कड़क धूप में सुखाया जाता है। धूप में सूखने के बाद बीजों के ऊपर मौजूद सफेद रंग का कड़ा छिलका आसानी से उतर जाता है। छिलका हटाने के बाद साफ किए गए बीजों को प्रेशर कुकर में पानी के साथ डालकर मध्यम आंच पर दो सीटी आने तक उबाला जाता है ताकि वे अंदर तक नरम हो सकें।
सामग्री की भुनाई और मसालों का तड़का
उबले हुए बीजों से स्वादिष्ट करी तैयार करने के लिए सबसे पहले आलू को छोटे-छोटे चौकोर टुकड़ों में काट लिया जाता है। इसके बाद कढ़ाई में सरसों का तेल गर्म करके कटे हुए आलुओं को सुनहरा होने तक अच्छी तरह फ्राई किया जाता है। आलू फ्राई करके निकालने के बाद उसी तेल में उबले हुए कटहल के बीजों को भी हल्का फ्राई कर लिया जाता है। ग्रेवी का तड़का तैयार करने के लिए सरसों के तेल में तेजपत्ता और सूखी लाल मिर्च डाली जाती है। जब तड़का तड़कने लगे, तब उसमें बारीक कटी हुई प्याज डालकर धीमी आंच पर सुनहरा होने तक भूना जाता है। इसके बाद इसमें ताजा अदरक-लहसुन का पेस्ट मिलाकर कुछ देर तक पकाया जाता है ताकि कच्चापन समाप्त हो जाए।
मसाले का घोल और मटन स्टाइल ग्रेवी की तैयारी
सब्जी को मटन जैसा समृद्ध स्वाद देने के लिए मसालों के संयोजन पर विशेष ध्यान दिया जाता है। एक कटोरी में धनिया पाउडर, लाल मिर्च पाउडर, हल्दी, गरम मसाला और स्वादानुसार नमक लेकर उसमें थोड़ा पानी मिलाकर गाढ़ा घोल बना लिया जाता है। इस मसाले के घोल को भूनी हुई प्याज में डाला जाता है और धीमी आंच पर तब तक पकाया जाता है जब तक कि मसालों से तेल अलग न होने लगे। जब मसाला पूरी तरह भूनकर तैयार हो जाए, तब इसमें पहले से फ्राई करके रखे गए आलू और कटहल के बीजों को मिलाकर अच्छी तरह चलाएं। इसके बाद आवश्यकतानुसार पानी डालकर उबाल आने दें। उबाल आने के बाद इसमें मीट मसाला डालकर लगभग 5 मिनट तक पकने दें। यदि चाहें तो इस चरण पर प्रेशर कुकर में एक सीटी भी दिलाई जा सकती है। अंत में बारीक कटी हरी धनिया डालकर गार्निश करें। यह मसालेदार सब्जी गर्म चावल के साथ परोसने पर बेहतरीन स्वाद देती है।



















