रक्षाबंधन का पवित्र अवसर भाई और बहन के अटूट रिश्ते और स्नेह का जश्न मनाने का दिन होता है। इस विशेष पर्व के दौरान हर घर में मिठाइयों की मांग में भारी उछाल आता है। हालांकि, त्योहारी सीजन में बाजारों में मिलने वाली मिठाइयों में अक्सर मिलावट की संभावना बनी रहती है, जिससे स्वास्थ्य संबंधी चिंताएं पैदा होती हैं। इस समस्या से बचने के लिए लोग घर पर ही शुद्ध और स्वादिष्ट पकवान बनाना अधिक पसंद कर रहे हैं। इसी क्रम में कोडरमा की निवासी कविता कुमारी ने घर पर ही बेहद आसानी से केसर मिल्क मलाई मिठाई तैयार करने की एक विशेष और सुरक्षित विधि साझा की है। यह मिठाई न केवल दिखने में बेहद आकर्षक है, बल्कि इसका रसीला स्वाद हर किसी का मन मोह लेता है।
दूध से छेना तैयार करने का पहला चरण
घर पर केसर मिल्क मलाई मिठाई बनाने के लिए सबसे पहले सामग्री की सही मात्रा का ध्यान रखना आवश्यक है। इस रेसिपी के लिए कुल मिलाकर लगभग 1 लीटर दूध की आवश्यकता होती है। शुरुआती चरण में इस 1 लीटर दूध में से करीब 900 ग्राम दूध लें और उसे एक गहरे बर्तन में डालकर अच्छी तरह उबाल लें। जब दूध में पूरी तरह उफान आ जाए, तो गैस की आंच धीमी कर दें या बंद कर दें। इसके बाद उबले हुए दूध में थोड़ा-थोड़ा करके विनेगर यानी सिरका मिलाएं। विनेगर डालते ही दूध धीरे-धीरे फटने लगेगा और उसका छेना अलग होने लगेगा।
दूध के पूरी तरह से फट जाने के बाद तैयार हुए छेने को एक महीन कपड़े या छलनी की मदद से पानी से अलग कर लें। इसके तुरंत बाद छेने को साफ और ठंडे पानी से अच्छी तरह धोना बेहद जरूरी होता है। ठंडे पानी से धोने से सिरके का खट्टापन पूरी तरह से निकल जाता है और छेने का तापमान भी कम हो जाता है। इसके बाद छेने को अपने हाथों की मदद से तब तक अच्छी तरह मैश करें या मथें, जब तक कि उसमें से सभी गांठें खत्म न हो जाएं और वह बिल्कुल मक्खन की तरह मुलायम और चिकना न बन जाए।
केसरिया दूध का आधार तैयार करना
छेना तैयार करने के बाद मिठाई के लिए सुगंधित और रंगीन दूध का आधार बनाया जाता है। इसके लिए एक साफ बर्तन को धीमी आंच पर रखें और उसमें सबसे पहले बहुत थोड़ा सा पानी डालें। बर्तन में थोड़ा पानी डालने से दूध तली में चिपकता या जलता नहीं है। इसके बाद बर्तन में बचा हुआ लगभग 100 ग्राम दूध डालें और उसे हल्का गर्म होने दें। जब यह दूध गर्म होने लगे, तो इसमें केसर के कुछ धागे डाल दें।
जैसे-जैसे दूध केसर के साथ धीमी आंच पर उबलता है, केसर अपना प्राकृतिक केसरिया रंग छोड़ने लगता है। कुछ ही देर में दूध का रंग बदलकर सुंदर केसरिया हो जाता है। केसर का यह प्राकृतिक रंग मिठाई को एक शानदार और आकर्षक रूप प्रदान करता है। इसके साथ ही केसर की मनमोहक खुशबू और उसका अनोखा स्वाद मिठाई के जायके को कई गुना बढ़ा देता है।
मिश्रण को पकाना और गाढ़ा पेस्ट बनाना
जब केसर वाला दूध अच्छी तरह से तैयार हो जाए और उसमें सुंदर रंग आ जाए, तब उसमें पहले से मैश करके रखा हुआ मुलायम छेना मिलाएं। छेना और केसरिया दूध को आपस में अच्छी तरह से मिला लें। इसके बाद मिश्रण में मिठास जोड़ने के लिए अपनी पसंद के अनुसार करीब 2 से 3 चम्मच चीनी का बुरादा यानी पिसी हुई चीनी डालें। यदि आप अधिक या कम मिठास पसंद करते हैं, तो चीनी की मात्रा को अपने स्वाद के अनुसार थोड़ा घटा या बढ़ा भी सकते हैं।
अब इस पूरे मिश्रण को धीमी आंच पर लगातार चलाते हुए पकाएं। पकाने के दौरान चमचे से मिश्रण को बर्तन की तली तक लगातार चलाते रहना बहुत महत्वपूर्ण है ताकि छेना या दूध नीचे चिपककर जले नहीं। जैसे-जैसे मिश्रण पकता जाएगा, दूध और छेना आपस में मिलकर एक गाढ़े और सख्त पेस्ट का रूप लेने लगेंगे। जब यह मिश्रण अच्छी तरह पककर गाढ़ा और बंधने योग्य हो जाए, तब गैस बंद कर दें और बर्तन को नीचे उतारकर मिश्रण को थोड़ा ठंडा होने के लिए रख दें।
मिठाई को आकार देना और आकर्षक सजावट
मिश्रण जब हल्का गुनगुना या ठंडा हो जाए, तो हाथों की मदद से उसके छोटे-छोटे हिस्से लें। इन हिस्सों को दोनों हथेलियों के बीच घुमाते हुए गोल लड्डू का सुंदर आकार दें। आप अपनी पसंद के हिसाब से इन्हें छोटा या मध्यम आकार दे सकते हैं। तैयार की गई सभी मिठाइयों को एक-एक करके सजावटी प्लेट में रखते जाएं।
अंत में मिठाई की सुंदरता और त्यौहार के अनुरूप उसके आकर्षण को बढ़ाने के लिए हर मिठाई के ऊपर केसर के कुछ धागे सजाएं। इसके अलावा केसर के पानी की हल्की सी छींट या सजावट भी की जा सकती है। इससे मिठाई न केवल देखने में बाजार जैसी पेशेवर लगती है, बल्कि रक्षाबंधन के पावन पर्व के लिए बिल्कुल सही बैठती है। घर में बनी यह केसर मिल्क मलाई मिठाई बेहद रसीली, मुलायम और मुंह में जाते ही आसानी से घुल जाने वाली होती है।



















